Budget 2025 : कौन हैं 'पद्म श्री' दुलारी देवी? जिनकी बनाई हुई 'मधुबनी साड़ी' पहन बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री

Nirmala Sitharaman Budget 2025 saree : मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे रिकॉर्ड 8वीं बार देश का बजट पेश कर रही हैं। बजट पेश करने से पहली उनकी पहली तस्‍वीर सामने आने के बाद से ही हर साल की तरह इस बार भी उनकी साड़ी चर्चा में आ गई हैं। 2025 के बजट के लिए उन्होंने सफेद रंग की साड़ी पहनी, जिसके किनारों पर गोल्डन वर्क था। इसे उन्होंने लाल ब्लाउज और एक शॉल के साथ कैरी किया।

इस खास साड़ी को पद्मश्री पुरस्कार विजेता दुलारी देवी ने उपहार में दिया था। मिथिला आर्ट्स के लिए प्रसिद्ध दुलारी देवी ने वित्त मंत्री से अनुरोध किया था कि वे बजट वाले दिन इसे पहनें। सीतारमण ने इसे विनम्रता से स्वीकार किया, जो हैंडलूम के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। दुलारी देवी को 2021 में कला के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

Nirmala Sitharaman Budget 2025 saree

आइए बजट 2025 के हाईलाइट्स के बीच जानते हैं आख‍िर कौन हैं पद्मश्री पुरस्कार विजेता दुलारी देवी और मधुबनी साड़ी की खासियत।

कौन हैं दुलारी देवी?

मधुबनी जिले के राजनगर प्रखंड के रांटी गांव की रहने वाली दुलारी देवी ने अपने जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। उनकी शादी 12 साल की उम्र में हुई, लेकिन 16 वर्ष की उम्र में पति ने उन्हें छोड़ दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। मायके लौटने के बाद उन्होंने पद्मश्री महासुंदरी देवी और कर्पूरी देवी से मिथिला पेंटिंग सीखी। शुरू में कागज-कलम न होने के कारण वह ज़मीन पर लकड़ी से चित्र बनाती थीं। धीरे-धीरे उनकी कला निखरी और आज वह एक प्रसिद्ध कलाकार हैं। उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें मिथिला कला की दुनिया में एक विशेष स्थान दिलाया।

Nirmala Sitharaman Budget 2025 saree

वित्त मंत्री को गिफ्ट की थी मधुबनी साड़ी

दुलारी देवी बिहार की प्रसिद्ध मधुबनी पेंटर हैं, जिन्हें 2021 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने बिहार की कला को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जब वित्त मंत्री मिथिला कला संस्थान में क्रेडिट आउटरीच गतिविधि के लिए मधुबनी गईं, तो उनकी मुलाकात दुलारी देवी से हुई। इस दौरान दुलारी देवी ने उन्हें साड़ी उपहार दी और कहा था क‍ि बजट के दिन पहन लीजिएगा, अब इस साड़ी को 8 वीं बार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने पहना हैं।

बना चुकी हैं इन पर विषयों पर पेंट‍िंग

दुलारी देवी ने बाल विवाह, एड्स, भ्रूण हत्या, रामायण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिथिला खान-पान और कमला पूजा जैसे विषयों पर पेंटिंग बनाई हैं। वह कहती हैं, "अगर विषय की जानकारी हो, तो कोई भी पेंटिंग बना सकती हूं।" उन्होंने अयोध्या और वृंदावन कभी नहीं देखा, फिर भी वहां के चित्र उकेरे। उनके अनुसार, "अयोध्या-वृंदावन नहीं गई, लेकिन वहां की पेंटिंग बना ली।" उनकी कला सामाजिक मुद्दों को उजागर करने और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दुलारी देवी ने मिथिला कला संस्थान और सेवा मिथिला संस्थान जैसी संस्थाओं के माध्यम से 1,000 से अधिक छात्रों को पेंटिंग में प्रशिक्षित किया है।

मधुबनी साड़ी की खासियत

मधुबनी साड़ियां बिहार के मधुबनी जिले से उत्पन्न एक विशिष्ट परिधान हैं, जो अपनी रंग-बिरंगी डिज़ाइन, कढ़ाई और पारंपरिक कला के लिए प्रसिद्ध हैं। इन साड़ियों पर खूबसूरत बूटे, पैचवर्क और आधुनिक आर्टवर्क उकेरे जाते हैं। विशेष अवसरों जैसे विवाह, उत्सव और आध्यात्मिक समारोहों में महिलाएं इन्हें पसंद करती हैं। मधुबनी साड़ियां भारतीय सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं और पारंपरिक वस्त्र कला को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे भारतीय महिलाओं में इनका विशेष आकर्षण बना रहता है।

Story first published: Saturday, February 1, 2025, 11:03 [IST]
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