गणतंत्र दिवस से पहले नोएडा-अहमदाबाद के स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी! जानें आपात स्थिति में क्या करें?

Noida-Ahmedabad Schools Bomb Threat: गणतंत्र दिवस नजदीक है और इससे पहले ही नोएडा और अहमदाबाद के कई नामचीन स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस खबर के फैलते ही स्कूलों में अफरा-तफरी और अभिभावकों में भारी चिंता देखी जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हैं और गहन तलाशी अभियान चला रही हैं। सुरक्षा नियमों के चलते बच्चों को घर भेज दिया गया है। हालांकि, पिछले कुछ समय में ऐसी अधिकांश धमकियाँ 'हॉक्स' (फर्जी) पाई गई हैं, जिनका मकसद केवल डर फैलाना होता है।

लेकिन, सुरक्षा के मामले में कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता। ऐसी स्थिति में एक अभिभावक, शिक्षक और नागरिक के तौर पर आपकी क्या जिम्मेदारी है? सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, घबराहट (Panic) स्थिति को और बिगाड़ सकती है। आइए जानते हैं उस 'सेफ्टी प्रोटोकॉल' के बारे में जो ऐसी आपात स्थिति में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।

किन स्कूलों को मिली बम की धमकी?

दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। न जाने क्यों लेकिन ये सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। आज 23 जनवरी को यानी गणतंत्र दिवस से ठीक 3 दिन पहले नोएडा और अहमदाबाद के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जानकारी के अनुसार, आर्मी पब्लिक स्कूल, रामज्ञा टीपीएस, फादर एग्नेल स्कूल, श्रीराम मिलेनियम, शिव नादर स्कूल, और कैम्ब्रिज स्कूल को कई अलग प्रकार के ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है।

स्कूल प्रशासन के लिए जरूरी कदम (For School Management)

पैनिक न फैलने दें: धमकी मिलते ही अलार्म बजाने के बजाय, शिक्षकों को शांत रहकर 'इवैक्युएशन' (निकासी) की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

निकासी योजना (Evacuation Plan): सभी छात्रों को पूर्व-निर्धारित सुरक्षित खुले स्थान (Assembly Point) पर ले जाएं। सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा क्लास या वॉशरूम में न छूटे।

पुलिस को सूचना: तुरंत स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित करें। ईमेल या फोन कॉल का स्क्रीनशॉट/रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखें।

बैग्स और सामान: छात्रों को निर्देश दें कि वे अपने बैग या कोई भी भारी सामान वहीं छोड़ दें, ताकि वे तेजी से बाहर निकल सकें।

अभिभावकों के लिए दिशा-निर्देश (For Parents)

स्कूल की ओर न भागें: खबर मिलते ही अचानक स्कूल के गेट पर भारी भीड़ जमा न करें। इससे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस की गाड़ियों को पहुँचने में बाधा आती है।

आधिकारिक सूचना का इंतजार करें: स्कूल या पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक संदेश का ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें।

बच्चों से शांत बात करें: जब बच्चा घर आए, तो उसे डराने के बजाय सामान्य महसूस कराएं ताकि उसके मन में कोई मानसिक ट्रॉमा न बैठे।

ऐसी स्थिति में क्या 'न' करें? (Don'ts)

स्कूल के पास अपनी गाड़ियां पार्क न करें, रास्ता साफ रखें।

व्हाट्सएप ग्रुप्स में बिना जांचे-परखे मैसेज फॉरवर्ड न करें।

भगदड़ (Stampede) न मचाएं, कतार में बाहर निकलें।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर

पुलिस सहायता: 112 / 100

फायर ब्रिगेड: 101

संदिग्ध वस्तु दिखने पर क्या करें? (If You Spot Something Suspicious)

छूएं नहीं: यदि कोई लावारिस बैग, टिफिन या कोई इलेक्ट्रॉनिक वस्तु दिखे, तो उसे हाथ न लगाएं।

दूरी बनाएं: संदिग्ध वस्तु से कम से कम 100 मीटर की दूरी बना लें।

मोबाइल का प्रयोग न करें: संदिग्ध वस्तु के एकदम पास मोबाइल फोन का उपयोग न करें, क्योंकि रेडियो तरंगें विस्फोटक को ट्रिगर कर सकती हैं।

Story first published: Friday, January 23, 2026, 15:00 [IST]
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