Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग व आरत -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन
OMG: इस देश के लोग खाते हैं पत्थर, फलों-मेवों की तरह किलो के भाव में करते हैं इसकी खरीदारी
कजाकिस्तान में कुछ लोग पत्थर खाते हैं। जी हाँ, आपने एकदम सही पढ़ा। वहां के स्थानीय बाजारों में ये पत्थर फलों और मेवों के ठीक बगल में बेचने के लिए रखे जाते हैं।
यहां के बच्चे, महिलायें और सभी लोग चिकनी मिट्टी के ये पत्थर आम जिंदगी में खाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। लोगों का दावा है कि यह मिट्टी की चट्टान लोहे से भरी हुई है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी है। जानते हैं कजाकिस्तान के लोगों द्वारा पत्थर खाने की इस अजीबोगरीब आदत के बारे में विस्तार से -

क्यों खाते हैं कज़ाक लोग पत्थर?
कज़ाकिस्तन के लोगों में पत्थर खाने की यह आदत ना केवल व्यवहारिक है बल्कि मान्यताओं के अनुसार उनकी संस्कृति का भी हिस्सा रही है। यह खाने, बाजारों और दुकानों का हिस्सा रही हैं। लोग किलो के हिसाब से चिकनी मिट्टी के पत्थर खरीदते हैं, और अपने खाने में शामिल करते हैं। स्थानीय लोगों का यह मानना है कि ये पत्थर उनके शरीर में विटामिन और मिनरल्स की मात्रा को ठीक करता है।
गर्भवती महिलायें ज्यादा मात्रा में करती हैं इसका सेवन
एनीमिक या गर्भवती महिलाएं कज़ाकिस्तन में चिकनी मिट्टी के पत्थरों का सेवन अधिक करती हैं। इन पत्थरों में आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, इसलिए शरीर की आयरन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए वे चिकनी मिटटी का सेवन करती हैं। लोगों में यह मान्यता है कि चिकनी मिट्टी का सेवन शरीर और पेट को साफ़ करता है, वज़न को बढ़ने से रोकता है, शरीर के पोषक तत्वों का संतुलन ठीक रहता है और जीवन को लंबा बनाता है।
मिट्टी या पत्थर का सेवन होती है एक मानसिक दशा
यह व्यवहार जियोफैगिया को जियोफैगी के रूप में भी जाना जाता है। मिट्टी, चाक, या दीमक के टीले जैसे मिट्टी या मिट्टी जैसे पदार्थों को जानबूझकर खाया जाता है। यह एक व्यवहारगत आदत होती है, जिसमें व्यक्ति को मिट्टी या पत्थर खाने की इच्छा जागती है।
क्या कहते हैं डॉक्टर्स?
इस देश में अधिकांश स्वास्थ्य पेशेवर अपरिष्कृत खनिज पूरकों के उपयोग का समर्थन नहीं करते हैं। इन पत्थरों में लोहे से ज्यादा कचरा होता है जो स्वास्थ्य को सीधा नुकसान पहुंचाता हैं। वैज्ञानिक कहते हैं कि मध्य एशिया में लोगों में प्राकृतिक रूप से आयरन की कमी होती हैं, जिस कारण उनके मन में मिट्टी खाने की इच्छा जगती है। हालांकि उनको ऐसा महसूस होता है कि चिकनी मिट्टी ने उनकी आयरन की मांग को पूरा कर दिया परन्तु यह बहुत ही कम समय के लिए होता है, और भविष्य में शरीर को नुकसान अधिक पहुंचता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
