Panchayat Season 4 Dialogues : ‘पंचायत’ के फनी डायलॉग्स जिनके देसी ह्यूमर ने सीजन 4 में मचा दिया तगड़ा धमाल

Panchayat Season 4 Funny Dialogues : Amazon Prime Video की सुपरहिट सीरीज 'पंचायत' का चौथा सीज़न आखिरकार रिलीज़ हो गया है और एक बार फिर फुलेरा गांव की राजनीति, चालाकी और मासूमियत से भरी ज़िंदगी दर्शकों का दिल जीत रही है। जितेंद्र कुमार उर्फ अभिषेक त्रिपाठी (सचिव जी), मंजू देवी, विकास, प्रह्लाद, और भूषण जैसे किरदारों ने एक बार फिर लोगों को हँसी से लोटपोट कर दिया है।

सीज़न 4 में पंचायत चुनाव को लेकर जबरदस्त घमासान दिखाया गया है। क्रांति देवी और मनजू देवी के बीच की चुनावी टक्कर, भूषण और प्रह्लाद की टसल और सचिव जी की फंसी हुई हालत ने कहानी को और भी दिलचस्प बना दिया है। लेकिन इस बार भी जो चीज़ सबसे ज़्यादा लोगों को आकर्षित कर रही है, वो हैं इसके हटके डायलॉग्स।

यहाँ पेश हैं Panchayat के कुछ ऐसे मजेदार डायलॉग्स जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं और जिन्हें सुनकर आप अपनी हँसी रोक नहीं पाएंगे:

Panchayat Season 4 Funny Dialogues

पंचायत सीजन 4 के टॉप फनी डायलॉग्स जो याद रह जाएंगे (Panchayat Season 4 Funny Dialogues )

1. "सबसे पहले पंचायत के चुनाव में उनके चमचों को पटकेंगे, फिर विधानसभा में उनको धार के पटकेंगे!"

2. "अच्छा सुनो, अंदर मामला थोड़ा तमतमाया हुआ है, सोच-समझ के मुँह खोलिएगा। एक काम करिए, आप मुँह खोलिए ही मत।"

3. "कीजिए मीटिंग मीटिंग... खेलिए मीटिंग मीटिंग... करते रहिए मीटिंग मीटिंग... अलुआ मीटिंग!"

4. "देख रहा है बिनोद... प्रधान जी गुस्सा दिखा रहे हैं।"

5. "ये आदमी एक लाइन में किसी का BP बढ़ा सकता है।"

6. "वो MLA करना चाह रहा है शांति समझौता, तो करने देते हैं उसे शांति समझौता।"

7. "कुंडली मिले न मिले, विचारों का मिलना बहुत ज़रूरी है। क्या है कि, अगर विचार नहीं मिला तो पूरा वैवाहिक जीवन का भंड हो जाता है।"

8. "दो बच्चे हैं मीठी खीर, उससे ज़्यादा बवासीर।"

ये डॉयलॉग भी हो रहे खूब वायरल (Panchayat Season 4 Viral Dialogues)

1- 'चुनाव प्रचार की शुरुआत, जो भी करना है तड़क-भड़क के साथ करना है'।
2- 'भैंस दिख ही है, हम भैंस दिख रहे हैं, अरे आप नहीं वो पीछे भैंस दिख रही हैं'।
3- 'नेताई बनी फिरती हो, पंचायत का कुर्सी चाहिए तो अपने बल लो, रिंकी की मम्मी इलेक्सन में मिलते हैं'।
4- 'जो भी दुकान में आए उसे समोसा भी खिलाना, मुफ्त में, कहना हमारे तरफ से है'।
5- 'ऊपर का मैदा उनकी तरफ से,अंदर का आलू हमारा है।
6- 'सबसे पहले पंचायत के चुनाव में उनके चमचों को पटकेंगे फिर विधानसभा के चुनाव में उनको धर के पटकेंगे'।
7- 'कुछ सुनने का जरूरत नहीं, सुनाई देगा तो गुस्सा चढ़ेगा, ये लो कान में रुई ठूसो'।
बक ससुरा... इसमें तो सब सुनाई दे रहा है...'
9- 'ये देखो फुलेरा के फ्लावर और कांटे, ये सचिव मुरझा काहे रहे हो।

Story first published: Wednesday, June 25, 2025, 20:10 [IST]
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