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Parakram Diwas 2024 Kab Hai: जानें क्यों मनाया जाता है पराक्रम दिवस? इतिहास से क्या है इस दिन का कनेक्शन
Parakram Diwas 2024 Kab Hai: भारत के आज़ादी की लड़ाई में कई जाबांज शूरवीरों का योगदान रहा। सुभाष चन्द्र बोस का नाम उन शूरवीरों में से एक बड़ा नाम हैं। उनकी बहादुरी और साहस गाथाएं आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं।
नेताजी बोस ने भारतीय राष्ट्रीय सेना का निर्माण किया था। उन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों यानि भारत के बाहर ब्रिटिशों के खिलाफ़ स्वतंत्रता आन्दोलन को चलाया और भारत की आजादी के लिए विदेशी सहयोग जुटाया। उनकी रहस्यमयी मृत्यु ने सभी को चौंका दिया था और इस मौत का रहस्य आज भी बना हुआ है। सुभाष चन्द्र बोस के जन्म जयंती का दिन भारत में पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल 23 जनवरी को पराक्रम दिवस मनाया जाता है-

पराक्रम दिवस का इतिहास
नेताजी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अतुलनीय रहा। उन्होंने अपनी छिपी हुई सेना के सहारे ही उन्होंने ब्रिटिश शासकों के नाक में डैम कर दिया था। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए ही वर्ष 2021 से उनकी जयंती के दिन पराक्रम दिवस मनाये जाने की शुरुआत हुई। इस वर्ष उनकी 125 जयंती थी। पराक्रम दिवस के दिन देशभर में स्कूल और कॉलेजों में ख़ास कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
सुभाष चन्द्र बोस का प्रेरक जीवन

नेताजी का जन्म 23 जनवरी 1897 में उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। वर्ष 1919 में बोस ने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास की, हालाँकि कुछ समय बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वे स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे।
भारतीय राष्ट्रीय सेना
वह जुलाई 1943 में जर्मनी से सिंगापुर (जापान द्वारा नियंत्रित) पहुंचे, वहां से उन्होंने अपना प्रसिद्ध नारा 'दिल्ली चलो' जारी किया और 21 अक्टूबर, 1943 को आज़ाद हिंद सरकार और भारतीय राष्ट्रीय सेना के गठन की घोषणा की। INA का गठन पहली बार मोहन सिंह और जापानी मेजर इवाइची फुजिवारा के तहत किया गया था और इसमें ब्रिटिश-भारतीय सेना के युद्ध के भारतीय कैदी शामिल थे, जिन्हें मलायन (वर्तमान मलेशिया) तथा सिंगापुर अभियान में जापान द्वारा कब्ज़ा कर लिया गया था। INA ने वर्ष 1944 में इंफाल और बर्मा में भारत की सीमाओं के अंदर ब्रिटिश सेना से लड़ाई लड़ी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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