Latest Updates
-
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत -
Bhadrapada Purnima 2026: कब है भाद्रपद पूर्णिमा? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि
Paris Olympics 2024: ओलंपिक विजेता मेडल को दांतों से क्यों काटते हैं? ये हैं वजह
Paris Olympics 2024: पेरिस ओलंपिक का 26 जुलाई से आगाज होने वाला है, यह गेम्स 11 अगस्त तक चलेंगे। इस बार ओलंपिक मेडल के लिए दुनियाभर के 10 हजार खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे। ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले हर एथलीट का सपना होता है कि वो देश के लिए मेडल जीते और उसके बाद उसे लेकर परांपरा को निभाते हुए दांतों से काटते हुए फोटो खिंचवाएं।
ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स जैसे गेम्स में आपने पोडियम पर मेडल को काटते हुए एथलीट्स को तस्वीरें खिंचवाते हुए देखा होगा, अब सवाल यह भी है कि आखिर खिलाड़ी ऐसा क्यों करते हैं? क्या ऐसा कोई नियम हैं।

क्या सोने की परख के लिए ऐसा करते हैं खिलाड़ी?
कई लोगों का मानना हैं कि पुराने समय में सोने के सिक्कों की परख के लिए व्यापारी उनको काटते थे, शायद खिलाड़ी भी ऐसा करते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ये बात बिल्कुल गलत है। क्योंकि ओलंपिक में दिया जाने वाले मेडल में सोने का कम चांदी का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। 1912 तक ही सोने के मेडल दिए जाते थे। इसके पीछे अलग वजह है।
पोज के लिए करते हैं ऐसा
मेडल को काटने की असली वजह ये है कि खिलाड़ियों को ऐसा करने के लिए फोटोग्राफर कहते हैं, ओलंपिक वेबसाइट के मुताबिक एथलीट सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए मेडल को दांतों से काटते हैं। फोटोग्राफर ही एथलीट्स को ये पोज देने के लिए कहते हैं।
राष्ट्रमंडल गेम्स हो या ओलंपिक गेम हो, मेडल को काटने की प्रथा काफी लंबे समय से चलते आ रही है। हर एथलीट मेडल का ये सपना है कि वो मेडल जीतकर इस ऑइकोनिक पोज को दे। 2010 ओलंपिक में तो जर्मन के लुगर डेविड मोलर ने मेडल को काटते समय अपना एक दांत गंवा दिया था।



Click it and Unblock the Notifications
