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Holika Dahan 2024 : भारत में नहीं पाकिस्तान में जलकर भस्म हुई थी होलिका, जानें किस हाल में है अब वो जगह
Holika Dahan 2024 : इस साल 24 मार्च को होलिका दहन है और 25 मार्च को धूमधाम से होली खेली जाएगी। पौराणिक कथाओं के मुताबिक होलिका जब भक्त प्रहलाद को बिना नुकसान पहुंचाए आग में दहन हो गई तब से होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रुप में मनाया जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली भले ही भारत का मुख्य त्योहार हैं लेकिन इस त्योहार के इतिहास की जड़े पाकिस्तान तक फैली हुई है। जी हां, दरअसल जिस जगह पर होलिका अपने गोद में प्रहलाद को लेकर आग में बैठी थी और खुद भस्म हो गई थी। वो जगह आज के समय में पाकिस्तान में मौजूद है। होलिका दहन के मौके पर आज हम आपको बताते हैं कि आज इस जगह की क्या स्थिति है?


मुल्तान के इस मंदिर में हुआ था होलिका का दहन
पाकिस्तान के मुल्तान में स्थित प्रहलादपुरी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहीं पर होलिका आग में भस्म हो गई थी। इसके अलावा, यहीं पर हिरण्यकश्यप ने प्रहलाद को खंभे से बांधा था और भगवान विष्णु ने नरसिंह का अवतार लेकर खंभे से प्रकट होकर उसका वध किया था। इसी मंदिर से होली की शुरुआत हुई थी। यहां दो दिनों तक होलिका दहन और होली पूरे नौ दिनों तक खेली जाती थी। लेकिन आज यह जगह खंडहर हो चुकी हैं और जर्जर अवस्था में हैं।
9 साल तक चलता था होली का उत्सव
साल 1947 में हुए बंटवारे में यह मंदिर पाकिस्तान के हिस्से में चला गया था। पहले यहां पर 9 दिनों तक होली का जश्न भी मनाया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक जन्माष्टमी की तर्ज पर इस मंदिर पर हांडी महोत्सव भी होता था। मटकी को ऊंचाई पर लटाकाया जाता था। जिसे युवको की टोली पिरामिड बनाकर तोड़ती थी। इस मटकी में मक्खन और मिश्री होती थी। इस पर्व को चौक-पूर्णा त्योहार कहा जाता था।
1992 के बाद मंदिर में हुई थी तोड़फोड़
लेकिन 1992 में बाबरी विध्वंस की गाज इस मंदिर पर भी गिरी। जानकारी के मुताबिक बाबरी मस्जिद गिराने के बाद पाकिस्तान में कई हिंदू मंदिरों को नुकसान पहुचाया गया था। उनमें से एक मंदिर ये भी था। जिसके बाद से यहां पर भक्तों के जाने पर पाबंदी लगी हुई है। इस मंदिर में रखी गई भगवान नरसिंहा की मूर्ति हरिद्वार में है, जिसे बाबा नारायण दास बत्रा भारत लेकर आए थे।
डिस्कलेमर : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो इंटरनेट और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं।



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