Latest Updates
-
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय
ऑफिस में ना बोलने के 7 तरीके जानें
कॉर्पोरेट जगत में जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा के कारण हम में से कई लोगों के पास स्वंय के लिये समय नहीं होता। आजकल ओवरटाइम करना एक सामान्य बात है। अगर आपके बॉस या सहकर्मी अतिरिक्त कार्यों से आपके व्यक्तिगत जीवन का समय भी ले रहे हैं और यदि आपको मिलने वाली तनख्वाह के सापेक्ष अधिक जिम्मेदारियाँ सौंप दी गई हों तो आपको निश्चित ही ना कहना सीख लेना चाहिये। यहाँ पर कुछ उपाय दिये हैं जिनसे आप न कहना सीख सकते हैं।
कार्यस्थल पर ना कहने के तरीके

1- अपनी प्राथमिकताओं पर ही सीमित रहें
अगर आपका सहकर्मी आपसे कुछ कहने के लिये कहता है, लेकिन आपने पहले से ही कुछ तय कर रखा हो, तो आपको साफ साफ यह बता देना चाहिये कि यह कार्य भी आवश्यक है और इसे निरस्त नहीं किया जा सकता। हम जानते हैं कि ना कहना कठिन है लेकिन आपको अपने कार्यों के बारे में सोचना चाहिये।
2- हाँ कहने के जाल में न फँसे
कभी-कभी सर्वश्रेष्ठ पेशेवर भी इस हाँ के जाल में फँस जाते हैं, क्योंकि कई लोफर अपना कार्य दूसरे के जिम्मे सौंपना चाहते हैं। भोले न बनें और ऐसे लोगों को हाँ न कहें, क्योंकि यह आदत बन सकती है और आपके पास हमेशा अतिरिक्त कार्य बना रहेगा।
3- अपने लिये खड़ा होना सीखें
आजकल के तेजी से बदलते व्यावसायिक वातावरण में हर तरफ से दबाव बना रहता है। लेकिन अगर आप इन दबावों को अपने पर हावी देने देंगे तो यह आपकी ही गलती होगी। अगर आपके व्यक्तिगत समय पर अतिरिक्त कार्य द्वारा अतिक्रमण हो रहा हो तो आपको खड़े होकर ना कहना चाहिये जब तक कि वह कार्य बहुत जरूरी न हो।
4- कुछ विकल्प सुझायें
यह किसी कार्य के लिये न कहने का सबसे बढ़िया तरीका है। अगर आपके बॉस या सहकर्मी आप पर काम का बोझ लाद रहे हैं तो उन्हें जमा करने की तिथियों को टालने का विकल्प सुझायें या फिर काम को अन्य लोगों को देने या विभाजित करने का भी विकल्प दें। कार्यालय में आप ही केवल काम करने वाले नहीं हैं इसलिये आप ही को सारा अतिरिक्त कार्य करने की जरूरत नहीं है।
5- अपना शेड्यूल देखें
किसी और का काम लेने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप अपनी किसी समयसीमा के पार न जा रहे हैं। यह बहुत जरूरी हो जाता है कि आप अपना कार्य पहले करें, इसलिये यदि आपके पास अधिक कार्य है तो कहिये माफ कीजिये, मैं आपकी मदद नहीं कर पाउँगा क्योंकि मुझे बहुत काम है, वे जरूर ही आप की बात को समझेंगे।
6- अतिरिक्त कार्य का मूल्य की गणना करें
यह थोड़ा अजीब सा लग सकता है लेकिन किये गये अतिरिक्त कार्य का मूल्य निकालना अत्यन्त आवश्यक है। अगर आप यह समझते हैं कि अतिरिक्त कार्य से आपको कोई लाभ नहीं होगा या फिर आप कुछ नहीं सीखेंगे तो दृढ़ता से ना कहिये। इस प्रकार की चीजों पर अपना समय बरबाद करने का कोई मतलब नहीं है।
7- अपने मित्रों को पहचानें
आपको कार्यालय के सहकर्मी और मित्रों में फर्क करना आना चाहिये। इससे आवश्यकता पड़ने पर ना कहना आसान हो जायेगा।



Click it and Unblock the Notifications
