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विदेश में बहुत याद आती है अपने देश की ये बातें
विदेश में एडजस्ट होना तथा नई संस्कृति, नई भाषा, अनजाने नियमों और सामाजिक रीतियों के बीच नया जीवन शुरू करना बहुत कठिन है। आप अक्सर घर की सुविधाओं, जाने पहचाने रास्तों, जानी पहचानी मुस्कुराहटों तथा कुछ गलत न होने का एहसास आदि को याद करते हैं।
इसे पढ़ने के बाद भारत से हो जाएगा और भी ज्यादा प्यार
परंतु यह विशेष रूप से तब कठिन होता है जब आप भारतीय हैं और विदेश में बसने का प्रयत्न कर रहे क्योंकि ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं जिनकी आपको याद आयेगी। यहाँ कुछ 13 ऐसी बातें बताई गयी हैं जो जिनकी याद आपको तब बहुत आती है जब आप देश से बाहर जाते हैं:

1. लोग:
जिन्हें आप भीड़ कहते थे, वे आपको बहुत याद आयेंगे। आपको आश्चर्य होगा कि जब आप देश से बाहर होंगे तो आप "भीड़ में खोने" को किस तरह मिस करेंगे। और अगर आप भगवान की दया से यूरोप में हैं तो आपको पहले दिन ऐसा लगेगा कि शायद किसी कारण से कर्फ्यू लगा है जिसके कारण सड़कों पर लोग नहीं हैं। कुछ समय बाद (जब आपको पता चलेगा कि किसी प्रकार का कर्फ्यू नहीं लगा है) आप अपने पास से तेज़ भागती हुई कारों को देखकर थक जायेंगे और आप लोगों के चेहरे देखने के लिए तरस जायेंगे।

2. जीवन का संगीत
आपको याद आएगा कि वे सभी आवाजें जो आपको परेशान करती थी जैसे सब्ज़ी वाला, रद्दी वाला, अनेक विक्रेता(जो दोपहर की नींद के समय में आपको आवाज़ लगते थे), घर में आने जाने वाली नौकरानियां, पास की सड़क पर शोर करने वाली, चीत्कार करने वाली गाड़ियां, उन कारों में लगा हुआ कान फाड़ने वाला संगीत, दूर स्थित पर फिर भी सुनाई देनी वाली मंदिर की घंटियाँ...जीवन का यह संगीत जिसे आप शोर समझते थे, आप उसे याद करेंगे।

3. मित्र बनाने की सरलता
अपने देश में आप किसी अनजाने व्यक्ति को अपना पक्का मित्र बना सकते हैं भले ही वह सुबह की लोकल में आपके साथ जाने वाला व्यक्ति हो या किसी होटल का मालिक जो आपको खाना डिस्काउंट पर देता हो, विशिष्ट ऑफर और विशेष अवसरों पर मिठाई दे या वह नाई जिसके पास आप नियमित तौर पर जाते हैं और जो आपकी पसंद नापसंद के बारे में अच्छे से जानता हो....भारत में मित्र बनाना बहुत आसान है।

4. मजेदार त्योहार
विदेश में भले ही त्योहारों पर आप कितने ही गेट टुगेदर न कर लें परन्तु आप त्योहारों का वैसा मज़ा नहीं उठा सकते जैसी मस्ती और मज़ा आप भारत में करते हैं। आप अपनी पसंदीदा मिठाईयों, सजे हुए बाज़ारों, घर पर की जाने वाली तैयारी और शॉपिंग और निश्चित तौर पर उस दिन मिलने वाली छुट्टी सभी को याद करते हैं। होली को सप्ताहांत में मनाना क्योंकि यह सप्ताह के बीच में आई है, इस बात में वह मज़ा नहीं है जो त्योहार को उसी दिन मनाने में हैं।

5. गलती करने की आजादी
आप न केवल नियमों की पुस्तक के अनुसार जीवन जीने लगते है बल्कि आपको कई बार छोटी छोटी गलतियों के लिए जिनकी उपेक्षा की जा सकती है, बड़ा दंड भरना पड़ता है चाहे आप इसे एक बार ही क्यों न तोड़ें (पहली बार गलती करने वालों के लिए कोई माफी नहीं है)।

6. चमत्कारी नौकरानियां
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने अपनी काम वाली को बिना बताए छुट्टी करने के लिए कोसा हो या उसने ज़मीन पर पडी हुई धूल को अच्छी तरह से साफ़ न किया हो, आप उस समय उसे भी (आपकी मां के बाद) बहुत याद करते हैं जब आप धूल साफ़ कर रहे हों, कपड़े धो रहे हों, सफाई कर रहे हों, सुखा रहे हों, शॉपिंग कर रहे हों, सब्ज़ी काट रहे हों या खाना बना रहे हों...उफ़्फ़।

7. कमाल के रिक्शे और ऑटो
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इन लोगों के टूटे हुए मीटर के कारण आपको घर लौटते समय आपको कितनी भी परेशानी हुई हो या फिक्स किये हुए किराये से इन्होनें दस रूपये ज़्यादा लिए हों परन्तु अब आप यह प्रार्थना करते हैं कि के किसी तरह आपके विश्व का हिस्सा बन जाए। विदेशों में भले ही बहुत तेज़ चलने वाली मैट्रो हों या समय पर आने वाली बसें हो, फिर भी आपको बहुत चलना पड़ेगा तथा यदि आप अच्छे धावक या खिलाड़ी नहीं है तो आप इनसे नफरत करने लगेंगे।

8. पड़ोसियों से सहायता
भारत में पड़ोसियों से सहायता माँगना कोई असामान्य बात नहीं है। पड़ोसी होने के नाते आपको यह अधिकार मिल जाता है कि आप अपने पड़ोसी से शक्कर, चाय, दूध, दही, पानी, नमक या अन्य कोई किराना सामान जो आपके पास खत्म हो गया है वह मांग सकें। इसके अलावा आप इसे फोन करने या फोन कॉल्स रिसीव करने, स्वयं को दिन या रात के खाने पर आमंत्रित करने या हमेशा की तरह अतिरिक्त सिलेंडर उधार लेने तक भी बढ़ा सकते हैं।

9. घर का बना हुआ खाना
हो सकता है कि आपने अपनी पसंदीदा दाल तड़का बनाने की विधि याद कर ली हो और संभव है कि आप उसी प्रकार नापतौल कर इसे बनायें परंतु फिर भी मान के हाथों में कोई जादू होता है जो उसके खाने को अलग स्वाद और सुगंध देता है, ऐसी चीज़ जो आप रेसिपी अपनाकर भी नहीं प्राप्त कर सकते या किसी फाइव स्टार होटल में भी यह स्वाद नहीं मिलेगा।

10. बीमार होने पर अकेले रहना
यह वह समय होता है जब आप केवल पांच मिनिट के लिए अपनी मां की गोद चाहते हैं और उनके हाथ का बना हुआ खाना खाना चाहते हैं जिससे आप अच्छा महसूस करें तथा यह ऐसा समय होता है जब इसके लिए आप कुछ भी छोड़ देने के लिए तैयार होते हैं (चाहे वह आपका धोखेबाजी से मिला हुआ स्थाई निवासी परमिट ही क्यों न हो), सच है न?

11. सौदे में मोल तोल करना
इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कार खरीद रहे हैं या सब्ज़ी, जब आप विदेश में हैं तो मोल तोल का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। प्रत्येक वस्तु का मूल्य निश्चित होता है जो उस पर छपा हुआ होता है तथा यदि आप डिस्काउंट की बात करते हैं तो आपको एक सहानुभूति वाली मुस्कान मिलती है। यहाँ भारत के समान नहीं होता जहाँ यदि आप मोल तोल अच्छे से कर सकते हैं तो आपको एक अच्छा सौदा मिल सकता है।

12. चिकित्सा संबंधी सुविधाएं
कुछ यूरोपियन देशों में मेडिकल सिस्टम ऐसा है कि डॉक्टर से मिलना एक उत्सव के समान हो सकता है जिसे आप अपनी डायरी में नोट करना चाहे क्योंकि ऐसा अवसर बहुत कम आता है। उदहारण के लिए स्वीडन में कोई भी गर्भवती महिला अपनी पूरी गर्भावस्था के दौरान या बच्चे के जन्म के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ या अन्य किसी डॉक्टर के पास कभी नहीं जाती। इस दौरान उसकी देखभाल विशेष रूप से प्रशिक्षित नर्सों द्वारा की जाती है। भारतीयों के लिए यह बहुत मुश्किल है क्योंकि हम लगातार दो बार छींकने पर भी कान, नाक गला विशेषज्ञ के पास भागते हैं।

13. भारत – पकिस्तान का मैच देखना
इस प्रकार के मैच को नाखून चबाते हुए आख़िरी ओवर तक देखने के लिए आपको स्टेडियम में जाने की आवश्यकता नहीं है। यह वह पल होता है जब पूरा देश अपने देश की जीत के लिए प्रार्थना कर रहा होता है। यह वह पल होता है जब आपके दिल में देशभक्ति की भावना स्वतंत्रता दिवस से भी अधिक होती है।



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