कहीं है अंधविश्वास तो कहीं छुपा है साइंस का खेल और कहीं है रोंगटे खड़े करने वाला सच

यह दनिया बड़ी ही अजब-गजब जगहों से भरी पड़ी है। अगर आप सोंचते हैं कि आपने भारत में बहुत कुछ देख लिया है और अब यहां देखने लायक कुछ नहीं बचा तो आप जाने-अंजाने कहीं कुछ बड़ा मिस कर देंगे।

इसे पढ़ने के बाद भारत से हो जाएगा और भी ज्‍यादा प्‍यार

क्‍या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी झील है जो केवल कंकालों से पटी पड़ी है या फिर हम आप से कहें कि यहां पर एक करणी माता का ऐसा मंदिर है जहां लगभग 20, 000 चूहे घूमा करते हैं और उनका जूठा किया हुआ प्रशाद भक्‍तों में बंटता है?

यह तो कुछ भी नहीं है, भारत में ऐसे कई मंदिर, दरगाह, कस्‍बे, वादियां-पहाड़ियां, अजीबो गरीब रस्‍में और रिवाज़ आदि मौजूद हैं, जो भारत को इंक्रेडिबल इंडिया का खिताब दिलाते हैं।

भारत के इन मेडिकल केसों को देख आप भी कहेंगे OMG!

अगर आप हमारा यह लेख पूरा पढ़ेंगे तो आप के रोंगटे भी खड़े होंगे और साथ ही मिलेगी रोचक जानकारी भी।तो क्‍या आप तैयार हैं भारत के इन विचित्र जगहों पर जाने को?

उड़ता पत्‍थर - शिवपुर, महाराष्‍ट्र

उड़ता पत्‍थर - शिवपुर, महाराष्‍ट्र

पुणे से कुछ ही दूर शिवपुर नामक एक विचित्र कस्‍बा है जिसमें बाबा हजरत कमर अली की दरगाह है। 800 साल पहले इस दरगाह में अखाड़ा हुआ करता था, जहां पर सूफी संत कमर अली का कुछ पहलवान मिल कर मजाक उड़ाया करते थे। तभी संत ने खफा हो कर पहलवानों दृारा उठाये जाने वाले इस 70 किलो के पत्‍थर पर अपना मंत्र फूंक दिया। तब से इस भारी भरकम पत्‍थर को केवल 11 उंगलियों से छू कर तथा संत कमर अली का नाम तेज से पुकारने पर ही उठाना संभव है।

काले जादू की भूमि - मयोंग, असम

काले जादू की भूमि - मयोंग, असम

गुवाहाटी से 40 कि.मी. की दूरी पर बसा मयोंग नामक गांव संस्‍कृत शब्‍द माया से पड़ा है। इस गांव के बारे में कुछ भयानक कहानियां प्रचलित हैं जैसे, लोग हवा में गायब हो जाते हैं या फिर वे जानवरों में बदल जाते हैं, आदि। यहां पर जादू-टोना पारंपरिक रूप से किया जाता है और पीढियों दर पीढियों चलाया जाता है।

कंकालों की झील - रूपकुंड झील, चमोली, उत्‍तराखंड

कंकालों की झील - रूपकुंड झील, चमोली, उत्‍तराखंड

इस रहस्यमय झील को कंकाल झील के नाम से जाना जाता है और इस झील का सबसे बड़ा आकर्षण 600 से ज्यादा कंकाल हैं जो कि इस झील से पाए गए थे। यह नौवीं सदी से है और जब बर्फ पिघलती है तो इसका तल स्पष्ट दिखाई देता है।

जुड़वा बच्‍चों का शहर - कोदिन्ही(केरल) और उमरी(इलाहाबाद)

जुड़वा बच्‍चों का शहर - कोदिन्ही(केरल) और उमरी(इलाहाबाद)

केरल में छोटा सा कस्बा कोदिन्ही और इलाहाबाद के पास उमरी में सबसे ज्‍यादा जुड़वा बच्‍चे हैं। कोदिन्ही की 2000 की आबादी में से एक जैसे जुड़वां बच्चों की 350 जोड़ियां हैं। इस कस्‍बे को ट्विन टाउन भी कहते हैं। वहीं उमरी की भी यही कहानी है। गांव की कुल 900 लोगों की जनसंख्या में 60 से ज्यादा जुड़वां बच्चों की जोड़ियां हैं।

PIC SOURCE: hauntedindia.blogspot

चुंबक की तरह चिपकाए- मैगनेटिक हिल, लद्दाख

चुंबक की तरह चिपकाए- मैगनेटिक हिल, लद्दाख

लद्दाख में बसी यह पहाड़ी चुबकीय शक्‍ति से भरी हुई है जो कि गाडियों को करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अपनी ओर बिना इंजन चलाए खींच लेती है। वास्तविकता में, यह ऑप्टिकल इल्‍युजन है जो कि गुरुत्वाकर्षण पहाड़ी की वजह से है।

20,000 चूहों का मंदिर - करणी माता मंदिर, राजस्‍थान

20,000 चूहों का मंदिर - करणी माता मंदिर, राजस्‍थान

यह मंदिर बीमानेर से 30 30 kms की दूरी पर है, जिसके अंदर 20,000 चूहे रहते हैं। यहां पर आने वाले भक्‍तों को इन्‍हीं चूहों का जूठा प्रशाद खाने को दिया जाता है। माना जाता है कि ये चूहे करणी माता के परिवार के सदस्‍य हैं। इन चूहों में 7 सफेद चूहे भी हैं जिन्‍हें "काबा" के नाम से जाना जाता है, ये चूहे माता जी के पुत्र माने जाते हैं।

सांपों की धरती - शतपाल, महाराष्‍ट्र

सांपों की धरती - शतपाल, महाराष्‍ट्र

महाराष्‍ट्र के शोलापुर जिले में शतपाल नामक गांव है जहां, सांपो की पूजा होती है। यहां के हर घर में कोबरा के आराम करने के लिये छत पर घर भी बनाया है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन सांपों ने अभी तक किसी को नही डसा।

PIC SOURCE: vegmomos.com

बुलट बाबा - राजस्‍थान

बुलट बाबा - राजस्‍थान

बताया जाता है रॉयल इंफील्‍ड की यह बाइक ओम सिंह राठौर नामक आदमी की है, जिसकी शराब पी कर गाड़ी चलाने की वजह से रोड़ एक्‍सीडेंट में मौत हो गई। बाद में पुलिस ने इस बाइक को पुलिस स्‍टेशन में रखा मगर चौकाने वाली बात थी कि यह बाइक अपने आप आ कर उसी स्‍थान पर खड़ी हो जाती थी, जहां पर ओम सिंह की मौत हुई थी। कई बार ऐसा होने के बाद इस बाइक को थक हार कर यहीं पर खड़ा कर दिया गया। यहां के स्थानीय निवासियों का मानना है कि बुलट बाबा यहां के लोगों की सड़क यात्रा के दौरान हादसों से सुरक्षा करते हैं। यहां के राहगीन बुलट बाबा को शराब का चढ़ावा चढ़ाते हैं।

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