Children's Day 2022 Wishes: बचपन से जुड़ी ये शायरी आपकी यादें कर देंगी ताजा, दोस्तों के साथ जरुर करें शेयर

भले ही इंसान कितना ही बड़ा हो जाए, उसके मन में कहीं न कहीं बचपन छिपा रहता है। साल का एक दिन ऐसा है जो उसे बचपने को जगा देता है। जी हां, 14 नवंबर का दिन बच्चों को ही समर्पित है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु के जन्म 14 नवंबर को हुआ था। बच्चों के प्रति उनका लगाव और नन्हे-मुन्हों के बीच उनकी लोकप्रियता देखते हुए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। ये सिलसिला आज भी जारी है। इस दिन स्कूलों में सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही कई तरह की प्रतियोगिताएं भी करायी जाती हैं।

बच्चे ही नहीं बड़े भी इस दिन को लेकर काफी उत्साहित रहते हैं। कई ऑफिसों में भी छोटे-मोटे कार्यकर्म कराये जाते हैं। इस लेख में हम बाल दिवस (Children's Day) से जुड़ी शायरी और खूबसूरत संदेश आपके लिए लेकर आए हैं, इन्हें अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के साथ जरुर शेयर करें।

उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में

उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में

फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते

बशीर बद्र

बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो

बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो

चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे

निदा फ़ाज़ली

किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं

किताबों से निकल कर तितलियाँ ग़ज़लें सुनाती हैं

टिफ़िन रखती है मेरी माँ तो बस्ता मुस्कुराता है

सिराज फ़ैसल ख़ान

मां की कहानी थी, परियों का फसाना था

मां की कहानी थी, परियों का फसाना था

बारिश में कागज की नाव थी, बचपन का वह हर मौसम सुहाना था

Happy Children's Day

रोने की वजह न थी

रोने की वजह न थी

न हंसने का बहाना था,

क्यों हो गए हम इतने बड़े

इससे अच्छा तो बचपन का जमाना था।

बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

बचपन है ऐसा खजाना, जो आता नहीं दोबारा

बचपन है ऐसा खजाना, जो आता नहीं दोबारा

मुश्किल है इसको भुलाना, वो खेलना, कूदना और खाना,

और मौज-मस्ती में इठलाना।

Happy Children's Day

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