Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
गूगल डूडल के साथ भारत रत्न गायक-संगीतकार-फिल्म निर्माता भूपेन हजारिका की मना रहा 96वीं जयंती
डॉ भूपेन हजारिका की 96वीं जयंती पर Google ने उनको ट्रिब्यूट देते हुए एक कलात्मक डूडल बनाया है। डॉ हजारिका देश के गौरव असमिया-भारतीय गायक, संगीतकार और फिल्म निर्माता थे। उन्होंने सैकड़ों फिल्मों के लिए संगीत भी बनाये। आज के गूगल डूडल में डॉ भूपेन हजारिका हारमोनियम बजाते दिखाया गया है। इस डूडल को मुंबई की फेमस गेस्ट आर्टिस्ट रुतुजा माली ने तैयार किया है। डॉ हजारिका, जिनका 2011 में निधन हो गया, उन्होंने 1967-72 के दौरान असम विधानसभा में विधायक के रूप में भी काम किया। सुधाकंठ के नाम से मशहूर उन्होंने अपने छह दशक के करियर में सैकड़ों फिल्मों में काम किया।

जानते हैं डॉ भूपेन हजारिका के बारें में
हजारिका नॉर्थईस्ट इंडिया के प्रमुख सामाजिक-सांस्कृतिक सुधारक भी थे। डॉ. हजारिका का जन्म 8 सितंबर, 1926 को सादिया में हुआ था। इनके माता पिता का नाम नीलकंठ और शांतिप्रिय हजारिका था। बताते चले कि असम राज्य, जो भूपेन हजारिका का गृह राज्य है वहां पर हमेशा विभिन्न जनजातियों का घर रहा है। अपने बचपन के दौरान, हजारिका की लाइफ इनके गीतों से घिरी थी।
फेमस असमिया गीतकार ज्योतिप्रसाद अग्रवाल और फिल्म निर्माता, बिष्णु प्रसाद राभा इनके संगीत प्रतिभा से काफी प्रभावित थे। उन्होंने अपना पहला गाना रिकॉर्ड करने में भी हजारिका की मदद की। ये इन्होंने 10 साल की उम्र में लॉन्च किया गया था। जब वे 12 वर्ष के थे, तब हजारिका दो फिल्मों के लिए गीत लिखे और रिकॉर्ड किये थे। इंद्रमालती: काक्सोटे कोलोसी लोई, और बिसवो बिजॉय नौजवान। उन्हें अपने गीतों के माध्यम से सुख-दुःख, एकता और साहस, रोमांस और अकेलेपन, और यहां तक कि संघर्ष और दृढ़ संकल्प के बारे में लोगों की कहानियां बताना बहुत पसंद था।

डॉ हजारिका की शिक्षा
हजारिका ने 1946 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 1952 में कोलंबिया विश्वविद्यालय से जनसंचार में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। हजारिका अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौट आए।

असमिया संस्कृति को बढ़ावा
उन्होंने राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर असमिया संस्कृति को लोकप्रिय बनाने वाले गीतों और फिल्मों पर काम करना जारी रखा। उन्होंने भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम सहित कई बोर्डों और संघों के अध्यक्ष और निदेशक के रूप में काम किया।

भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित
अपने छह दशक के करियर में संगीत और संस्कृति में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए, हजारिका को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, दादा साहब फाल्के पुरस्कार, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2019 में, उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।



Click it and Unblock the Notifications
