Pushkar Mela 2024 : 23 करोड़ का भैंसा, जो खाता है काजू-बादाम, इसके सीमन की है ड‍िमांड, ऐसा क्‍या है खास?

Murrah Breed Anmol Buffalo' Worth Rs 23 Crore : अजमेर के पुष्कर में चल रहे पशु मेले में 'अनमोल' नाम का एक भैंसा विशेष आकर्षण बना हुआ है, जिसकी कीमत करीब 23 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह भैंसा अपनी खास नस्ल और उच्च गुणवत्ता वाले सीमन के कारण प्रसिद्ध है।

इस मेले में हर साल की तरह इस बार भी देश-विदेश से लोग शाम‍िल होने पहुंचे हैं। मगर मेले में हर कोई इस भैंसे को देखने और उसकी विशेषताओं को जानने में उत्‍सुक नजर आ रहा है।

Murrah Breed Anmol Buffalo Worth Rs 23 Crore

खाता है काजू बादाम

मुर्रा नस्ल के इस अनमोल भैंसे की खासियत न केवल उसकी उच्च गुणवत्ता वाला सीमन है, बल्कि उसकी मजबूत कद-काठी और शानदार डाइट भी इसे खास बनाती है। अनमोल की डाइट में रोजाना 1500 रुपये तक का खर्च होता है, जिसमें उसे फल, काजू, बादाम जैसी पौष्टिक चीजें खिलाई जाती हैं। उसकी इस पोषक डाइट से उसकी सेहत और ताकत दोनों का ख्याल रखा जाता है।

लोग दूर-दूर से इस भैंसे को देखने और इसके सीमन की उच्च गुणवत्ता के कारण खरीदने आ रहे हैं, जिसे ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है। अनमोल का सीमन खरीदकर लोग इसे अच्छी नस्ल के पशु प्रजनन में उपयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी पशुधन की गुणवत्ता बढ़ सके।

23 करोड़ रूपए है कीमत

सिरसा के पशुपालक पलविंदर सिंह का भैंसा 'अनमोल' मुर्रा नस्ल का एक बेहद खास भैंसा है, जिसे उन्होंने परिवार का हिस्सा और अपने भाई जैसा माना है। अनमोल की कीमत हाल ही में मेरठ के पशु मेले में 23 करोड़ रुपये आंकी गई थी, और पुष्कर में भी कई लोगों ने इसे खरीदने का प्रस्ताव दिया, लेकिन पलविंदर ने इसे बेचने से साफ मना कर दिया। उनके अनुसार, अनमोल की उम्र 8 साल है और यह शुद्ध मुर्रा नस्ल का है, जो इसे विशेष बनाती है।

इस नस्‍ल की खासियत

मुर्रा नस्ल की भैंसें अधिक दूध उत्पादन के लिए जानी जाती हैं, और इसलिए उनके सीमन की बाजार में बहुत मांग है। अनमोल का सीमन भी इसी कारण ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है, जिसे खरीदकर लोग अच्छी दूध उत्पादन क्षमता वाली भैंसें पैदा करने में दिलचस्पी रखते हैं।

क्यों डिमांड में रहते हैं मुर्रा भैंस या भैंसे?

मुर्रा भैंसों की नस्ल प्रति दिन 20-25 लीटर तक दूध देती है, जिसमें वसा की मात्रा भी अधिक होती है, जो डेयरी किसानों के लिए लाभदायक है। इनके दूध में सामान्‍य भैंसों की तुलना में ज्‍यादा प्रोटीन, कैल्शियम और फास्‍फोरस होता है।
मुर्रा भैंस का लैक्टेशन पीरियड, यानी दूध देने की अवधि, बाकी भैंसों की तुलना में अधिक होती है। यह नस्ल साल में लगभग 300 से 320 दिनों तक दूध देती है, जो इसे डेयरी किसानों के लिए बेहद लाभकारी बनाता है। इस लंबे लैक्टेशन पीरियड के कारण मुर्रा भैंसों की मांग बहुत अधिक है, जिससे इनकी कीमतें भी बढ़ जाती हैं।

Story first published: Sunday, November 10, 2024, 16:34 [IST]
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