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Rabindranath Tagore Jayanti 2025: रवींद्रनाथ टैगोर के प्रेरणादायक विचार जो बदल सकते हैं आपकी सोच
Rabindranath Tagore Quotes : 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी में जन्मे रवीन्द्रनाथ टैगोर भारतीय साहित्य, कला और दर्शन के महान स्तंभ थे। वे देवेन्द्रनाथ टैगोर और शारदा देवी के सबसे छोटे पुत्र थे और बचपन में उन्हें प्रेमपूर्वक 'रबी' कहा जाता था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा घर पर ही हुई, लेकिन उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। उनके पिता ने उनकी लेखन क्षमता को पहचाना और हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया।
रवीन्द्रनाथ टैगोर, जिनका वास्तविक नाम रवीन्द्रनाथ ठाकुर था, को दुनिया भर में गुरुदेव के नाम से जाना जाता है। वे पहले भारतीय थे जिन्हें साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार (1913) से सम्मानित किया गया। उनकी रचनाओं में जीवन, प्रेम, प्रकृति और मानवता के गहरे दर्शन मिलते हैं। उनकी प्रसिद्ध काव्यकृति 'गीतांजलि' आज भी लोगों को आत्मिक स्तर पर छू जाती है। उनकी अन्य रचनाएँ जैसे चित्रा, गोरा, नैवेद्य, संगीत-रंग, और राग-कल्पना साहित्य प्रेमियों के लिए अमूल्य धरोहर हैं।

उनके विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस युग में थे। आज रवीन्द्रनाथ ठाकुर के जयंती के मौके पर पढें, उनके अनमोल विचार।
रवीन्द्रनाथ टैगोर कोट्स इन हिंदी - (Top 10 Rabindranath Tagore Quotes in Hindi)
1. जीवन की चुनौतियों से बचने की बजाय उनका निडर होकर सामना करना चाहिए।"
2. आस्था वह पक्षी है जो भोर के अंधेरे में भी उजाले को महसूस करता है।"
3. प्रत्येक बच्चा इस संसार में यह संदेश लेकर आता है कि ईश्वर अभी भी मनुष्य से हतोत्साहित नहीं हुआ है।"
4. मैंने स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है। मैं जागा और पाया कि जीवन सेवा है। मैंने सेवा की औ
5. उपदेश देना सरल है, पर उपाय बताना कठिन।
6. जीवन की चुनौतियों से बचने की बजाए उनका निडर होकर सामना करने की हिम्मत मिले, इसकी प्रार्थना करनी चाहिए।
7. खुश रहना बहुत सरल है...लेकिन सरल होना बहुत मुश्किल है।
8. यदि आप सभी त्रुटियों के लिए दरवाजा बंद कर दोगे तो सच अपने आप बाहर बंद हो जाएगा।
9. जिस तरह घोंसला सोती हुई चिड़िया को आश्रय देता है उसी तरह मौन तुम्हारी वाणी को आश्रय देता है।
10. विश्वविद्यालय महापुरुषों के निर्माण के कारख़ाने हैं और अध्यापक उन्हें बनाने वाले कारीगर हैं।
11. जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में कह नहीं सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है।
12. आप समुद्र के किनारे खड़े होकर और उसके जल को घूरकर पार नहीं कर सकते हैं।
13. तितली महीने की नहीं, बल्कि प्रत्येक क्षण की गिनती करती है। उसके पास पर्याप्त समय होता है।
14. जो लोग अच्छाई करने में स्वयं को ज्यादा व्यस्त रखते हैं, वह स्वंय को अच्छा बनने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं।
15. आस्था वो पक्षी है जो भोर के अँधेरे में भी उजाले को महसूस करता है।
16. जब हम विनम्र होते हैं तो तब हम महानता के सबसे नजदीक होते हैं।
17. हम महानता के सबसे करीब तब आते हैं जब हम विनम्रता में महान होते हैं।
18. जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में कह नहीं सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है।
19. कलाकार खुद को कला में उजागर करता है कलाकृति को नहीं।
20. हम दुनिया में तब जीते हैं जब हम इस दुनिया से प्रेम करते हैं।
21. प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।
रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती 2025 पर हम सभी को उनके विचारों और रचनाओं से सीख लेते हुए प्रेम, शांति, सहिष्णुता और आत्म-उन्नति के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
रवींद्रनाथ टैगोर के प्रेरणादायक विचार - Rabindranath Tagore Motivational Quotes in Hindi
1. आपको जीवनभर प्रेरित करने का काम करेंगे। रवीन्द्रनाथ टैगोर के विचार निम्नलिखित हैं-
2. प्रत्येक बच्चा इस संसार में इस संदेश के साथ आता है कि ईश्वर अभी तक मनुष्यों से हतोत्साहित नहीं है।
3. जो कुछ हमारा है, वह हम तक तभी पहुचता है, जब हम उसे ग्रहण करने की क्षमता अपने अंदर विकसित कर लेते हैं।
4. यदि आप इसलिए रोते हैं कि सूर्य आपके जीवन से बाहर चला गया है, तो आपके आंसू आसमान के सितारों को देखने से रोक देंगे।
5. हर वह कठिनाई जिससे आप अपना मुंह मोड़ लेते हैं वह एक भूत बन कर आपकी नींद में खलल डालेगी।
6. हमारे अस्तित्व का वह पक्ष जिसकी दिशा अनंत की ओर है, जो धन नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और आनंद चाहता है।
7. मैं सोया और सपना देखा कि जीवन एक आनंद है। मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है। मैंने काम किया और देखा, सेवा एक आनंद थी।
8. निर्वाण मोमबत्ती को बुझाना नहीं है। यह ज्योति का बुझ जाना है क्योंकि दिन आ गया है।
9. सर्वोच्च शिक्षा वह है जो हमें केवल जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सामंजस्य में लाती है।
10. मैंने स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है। मैं जागा और पाया कि जीवन सेवा है। मैंने सेवा की और पाया कि सेवा में ही आनंद है।
11. शांति वह लक्ष्य है जिसकी ओर सभी धर्मों का मार्गदर्शन करना चाहिए।
12. सहिष्णुता वह धर्म है जो मानवता को जीवित रखता है।
13. यदि आप सभी त्रुटियों के लिए दरवाजा बंद कर दोगे, तो सच्चाई बंद हो जाएगी।
14. सच्चा प्रेम व्यक्ति को स्वतंत्रता देता है। ये अधिकार का दावा नहीं करता है।



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