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रिजल्ट आने से कुछ घंटे पहले वसुंधरा राजे पहुंची मोती डूंगरी गणेश मंदिर, जानें इस मंदिर से जुड़ी मान्यताएं
vasundhara raje visit moti dungri ganesh mandir: जयपुर के मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर में शनिवार को पुष्य पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक में शामिल होने के लिए राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी गणेश मंदिर पहुंचीं। इस जगह के प्रति लोगों की खास आस्था और विश्वास जुड़ा है।
मंदिर में बुधवार के दिन भक्तों की बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर को लेकर लोगों की कई मान्यताएं प्रचलित हैं। उन्हीं मान्यताओं में से एक मान्यता यहां की मूर्ति से जुड़ी है और दूसरी मान्यता बुधवार को लेकर प्रचलित है। चलिए आपको बताते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ रौचक बातें..

मंदिर का इतिहास
मोती डूंगरी गणेश मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर में दाहिनी सूंड़ वाले गणेशजी की विशाल प्रतिमा है। इतिहासकार बताते हैं कि इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा जयपुर नरेश माधोसिंह प्रथम की पटरानी के पीहर मावली से 1761 ई. में लाई गई थी। जयपुर के नगर सेठ पल्लीवाल यह मूर्ति लेकर आए थे और उन्हीं की देख-रेख में मोती डूंगरी की तलहटी में इस मंदिर को बनवाया गया था। यहह भी माना जाता है कि इसका निर्माण राजस्थान के उत्तम पत्थर से करीब चार महीने के अंदर पूरा हो गया था। इस मंदिर की वास्तुकला भी भक्तों को काफी आकर्षित करता है। यहां पर गणेशजी को हनुमानजी की तरह ही सिंदूर का चोला चढ़ता है और भव्य शृंगार होता है।
नए वाहन की पूजा करने की हैं परांपरा
जयपुर में मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर जयपुरवासियों के लिए प्रथम अराध्य माने जाते है। मंदिर को लेकर लोगों की मान्यता है की यदि कोई भी व्यक्ति नया वाहन खरीदाता है, तो उसे सबसे पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर में लाने की परंपरा है। नवरात्रा, रामनवमी, दशहरा, धनतेरस और दीपावली जैसे खास मुहूर्त पर वाहनों की पूजा के लिए यहां लंबी कतारें लग जाती हैं। लोगों का ऐसा मानना है की नए वाहन की यहां लाकर पूजा करने से वाहन का एक्सीडेंट नहीं होता।
शादी का चढ़ाया जाता है पहला निमंत्रण
इसके अलावा यहां शादी के समय पहला निमंत्रण-पत्र मंदिर में चढ़ाने की परंपरा है। मान्यता है कि निमंत्रण पर गणेश उनके घर आते हैं और शादी-विवाह के सभी कार्यों को शुभता से पूर्ण करवाते हैं। मंदिर की प्रसिद्धि और विश्वास को देखते हुए अब जयपुर के आसपास से भी लोग दूर-दूर से शादी का निमंत्रण देने पहुंचते हैं।
प्रधानमंत्री भी नरेंद्र मोदी भी टेक चुके हैं मत्था
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 21 नवंबर 2023 को जयपुर में रोड शो करने पहुंचे थे। प्रचार अभियान शुरु करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी मोती डूंगरी स्थित गणेश मंदिर जाकर दर्शन किए थे।



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