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Ram Mandir Pran Pratistha: किस शिला से बनी है रामलला की मूर्ति, क्यों हैं इसका रंग काला? जानें सबकुछ
Why Is Rama Lalla Idol Black : आज 22 जनवरी को शुभ मुहूर्त में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए विशेष मुहूर्त आज दोपहर 12 बजकर 29 मिनट और 08 सेकंड से लेकर 12 बजकर 30 मिनट और 32 सेकंड का शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया था।
वहीं प्राण प्रतिष्ठा की पूजा के दौरान भगवान राम की मूर्ति की तस्वीर भी सामने आ चुकी है, जिसमें वह बाल स्वरूप में श्यामल पत्थर से तैयार दिख रहे हैं। मूर्ति को देख कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि रामलला की मूर्ति काली या श्यामल क्यों हैं? चलिए जानते हैं इस बारे में...

रामलला की मूर्ति काली क्यों है?
रामलला की मूर्ति में रामलला के माथे पर तिलक लगाए बेहद सौम्य मुद्रा में दिख रहे हैं। राम लला के चेहरे पर भक्तों का मन मोह लेने वाली मुस्कान दिखाई दे रही है। इनकी मूर्ति का निर्माण श्याम शिला से हुआ है, जिसका रंग काला होता है। इस वजह से भी रामलला की मूर्ति श्यामल है। इस काले पत्थर को कृष्ण शिला कहा जाता है। शास्त्रों में जिस कृष्ण शिला से रामलला की मूर्ति का निर्माण हुआ है उसे बेहद खास माना जाता है।
क्यों खास है ये श्याम वर्ण शिला
जिस श्याम शिला से भगवान राम की मूर्ति बनाई गई है, उसकी आयु हजारों साल होती है। मूर्ति को जल से कोई नुकसान नहीं होगा। साथ ही कहा जा रहा है कि चंदन, रोली आदि लगाने से भी मूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मूर्ति की खासियत
कमल दल पर खड़ी मुद्रा में मूर्ति, हाथ में तीर और धनुष है। कृष्ण शैली में मूर्ति बनाई गई है। रामलला की मूर्ति में पांच साल के बालक की कोमलता झलक रही है। इस मूर्ति में बालत्व, देवत्व और एक राजकुमार तीनों की छवि दिखाई दे रही है। मूर्ति का वजन करीब 200 किलोग्राम है। इसकी कुल ऊंचाई 4.24 फीट, जबकि चौड़ाई तीन फीट है।
रामलला की मूर्ति के ऊपर स्वास्तिक, ॐ, चक्र, गदा और सूर्य देव विराजमान हैं। रामलला के चारों ओर आभामंडल है। भगवान राम की भुजाएं घुटनों तक लंबी हैं। मस्तक सुंदर, आंखें बड़ी और ललाट भव्य है। इनका दाहिना हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है। मूर्ति में भगवान विष्णु के 10 अवतार दिखाई दे रहे हैं। मूर्ति नीचे एक ओर भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी तो दूसरी ओर गरुड़ जी को उकेरा गया है।



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