Latest Updates
-
Kids Favourite Banana Pancake Recipe: घर पर बनाएं बेहद सॉफ्ट और हेल्दी पैनकेक -
Aaj Ka Rashifal 19 June 2026: शुक्रवार को इन 4 राशियों का खुलेगा किस्मत का ताला, धन लाभ के साथ मिलेगी बड़ी खुशखबरी -
Quick Dinner 10 Min Egg Bhurji Recipe: झटपट बनाएं चटपटी और मसालेदार अंडा भुर्जी -
International Yoga Day 2026: थायराइड से छुटकारा पाने के लिए रोज करें ये 5 योगासन, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर -
Gajar Ka Murabba Recipe: सेहत और स्वाद का बेहतरीन संगम, जानें बनाने की आसान विधि -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत -
Muharram 2026: कब है आशूरा? जानें मुहर्रम की 10वीं तारीख का धार्मिक महत्व और इतिहास -
Father’s Day 2026 Gift Ideas: पापा के लिए ढूंढ रहे हैं खास तोहफा? फादर्स डे पर दें ये 7 बेहतरीन गिफ्ट्स -
Quick 30 Minute Egg Biryani Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वाद -
कौन हैं सैंटी शर्मा, जिनकी Bigg Boss 20 में हो सकती है एंट्री? कॉकरोच जनता पार्टी की वजह से हुए थे वायरल
Rath Yatra 2024: कौन है बिमला देवी? जिन्हें भोग लगने के बाद ही जगन्नाथ ग्रहण करते हैं प्रसाद
Jagannath Rath Yatra 2024: इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा की शुरुआत पुरी में 7 जुलाई से शुरू होने वाली है। पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर चार धामों में से एक धाम है। कहते हैं भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में श्रीकृष्ण का ह्दय धड़कता है। धर्मग्रंथों के मुताबिक, भगवान कृष्ण ने अपनी मृत्यु के बाद अपनी आत्मा को जगन्नाथ मूर्ति में स्थापित किया था। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। जगन्नाथ मंदिर अपने रथ यात्रा और महाप्रसाद के लिए दुनियाभर में खूब प्रसिद्ध हैं।
बात जब महाप्रसाद की हुई तो आपको शायद पता नहीं होगा कि भगवान जगन्नाथ जी को पूजा में भोग लगाने से पहले मां बिमला देवी को भोग लगाने की परंपरा है। जी हां मान्यता के अनुसार जगन्नाथ जी को भोग लगाने से पहले यह प्रसाद बिमला देवी को चढ़ाया जाता है। तब ही जाकर यह प्रसाद भगवान जगन्नाथ ग्रहण करते हैं। आइए जानते हैं आखिर कौन हैं मां बिमला देवी?

जानिए कौन है मां बिमला देवी
जगन्नाथ पुरी में मां विमला देवी को भगवान जगन्नाथ जी के समान ही पूजा की जाती है। इसमें देवी विमला माता को देवी सती का आदिशक्ति (माता पार्वती) स्वरूप माना गया है जो भगवान विष्णु की बहन भी हैं। देवी विमला जगन्नाथ पुरी की अधिष्ठात्री देवी हैं जिनका बिमला शक्तिपीठ मंदिर परिसर में ही है। भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया जाने वाला पवित्र भोग देवी विमला को अर्पित करने के बाद ही जगन्नाथ जी ग्रहण करते हैं। इसे लेकर एक पौराणिक कथा में उल्लेख किया गया है।
क्यों देवी बिमला को चढ़ाया जाता है भोग?
एक कथा के मुताबिक पुरी में का 'महाभोग' महाप्रसाद' बहुत प्रसिद्ध है। इस महाभोग को लेकर एक कथा प्रचलित है। भगवान जगन्नाथ जी यानी विष्णु जी का भोग स्वंय लक्ष्मी जी तैयार करती थी। इस महाभोग को चखने के इच्छा लिए नारद मुनि ने कई जतन किए, आखिरकार एक बार उन्हें देवी लक्ष्मी के दिए वरदान से महाभोग चखने का अवसर मिल गया लेकिन देवी लक्ष्मी ने उनसे कहा था कि महाभोग चखने की बात वो अपने तक सीमित रखें।
देवर्षि नारद प्रसाद खाने के बाद थोड़ा सा प्रसाद अपने साथ कैलाश पर्वत ले गए। जहां पर महादेव, यमराज, इंद्र सहित समस्त देवतागण एक सभा के लिए उपस्थित हुए थे। वहां देवर्षि नारद ने बातों- बातों में गलती से उनके मुंह से जगन्नाथ जी के महाभोग चखने की बात कह दी। उन्होंने थोड़ा सा प्रसाद महादेव को भी चखाया। प्रसाद खाने के बाद महादेव प्रसन्नित होकर तांडव करने लगे कैलाश डगमगाने लगा, देवी पार्वती ने जब शिवजी की प्रसन्नता की वजह पूछी तब उन्हें महाप्रसाद का रहस्य पता चला।
देवी पार्वती ने भी शिव जी से प्रसाद चखने की इच्छा लेकिन प्रसाद खत्म हो चुका था। इस पर पार्वतीजी गुस्साह होकर शिव जी संग अपने भाई के घर जगन्नाथ धाम पहुंच गईं और लक्ष्मी जी से कहा इतने दिनों बाद मायके आयी हूं भोजन नहीं कराओगी। जगन्नाथ जी स्थिति भापं गए। जब देवी पार्वती नेमहाभोग खुद तक ही क्यों सीमित रखने की वजह पूछी।
तब जगन्नाथ भगवान विष्णु ने कहा कि देवी लक्ष्मी के द्वारा तैयार प्रसाद पाने से सभी कर्म के सिद्धांत से विमुख हो सकते थे, इस तरह पाप-पुण्य का संतुलन बिगड़ जाता, इसलिए मैंने इसे अपने तक ही सीमित रखा था, लेकिन अब आप के कहने पर मैं इसे सार्वजनिक करता हूं। इसें अलावा अब से जगन्नाथ के लिए जो भी महाभोग तैयार होगा, वो सबसे पहले अर्पित होगा इसके बाद ही मैं इसे ग्रहण करूंगा।
जगन्नाथ मंदिर परिसर में हैं बिमला देवी शक्तिपीठ मंदिर
जगन्नाथ जी ने कहा देवी से कहा कि आप अपने भक्तों, से विमल भाव से प्रेम करती हैं, इस वजह से आप देवी बिमला के नाम से जानी जाएंगी और जगन्नाथ धाम में निवास करेंगी। महादेव भी भैरव स्वरूप जगत के नाम से यहां निवास करेंगे। बिमला देवी शक्तिपीठ जगन्नाथ मंदिर परिसर में ही स्थापित है। तब से मां पार्वती स्वरूपा बिमला देवी की जगन्नाथ जी से पहले भोग लगाने क यह परांपरा चली आ रही है।



Click it and Unblock the Notifications