Republic Day Speech : गणतंत्र दिवस पर हिंदी में ऐसे दें दमदार भाषण, सब करेंगे आपकी तारीफ

Republic Day Speech : गणतंत्र दिवस को हम रिपब्लिक डे और 26 जनवरी नाम के नाम से भी जानते हैं। भारत के इस लोकतांत्रिक उत्‍सव को हर साल मनाते है। 26 January को देश अपना 75 वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। यही वो तारीख है जब 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था।

गणतंत्र दिवस के मौके पर देश भर में हर स्कूल-कॉलेज में निबंध, वाद-विवाद, भाषण समेत कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इनमें से एक गणतंत्र दिवस पर भाषण तो जरुर होता है। अगर आप भी गणतंत्र दिवस पर भाषण देने की तैय‍ारी कर रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपकी खूब मदद कर सकता है।

Republic Day Speech In Hindi For Students 2024 Gantantra Diwas Par bhashan

गणतंत्र दिवस पर भाषण के टिप्‍स

- स्पीच की शुरुआत, अंत में या बीच में कुछ स्लोगन्स का प्रयोग कर सकते हैं। ये सुनने वालों में जोश भर देते हैं।
- अतिथियों और श्रोताओं का स्वागत
- स्पीच देने में जल्दबाजी न करें। फुल स्टॉप, कॉमा वाली जगहों पर अगली पंक्ति शुरू करने से पहले थोड़ा रुकें जरूर।
- स्पीच ज्यादा लंबी न हो। ये लोगों को बोर कर सकती है।
- आपके भाषण की भाषा मुश्किल न हो, उसे आसान, बोलचाल वाली रखें।
- जानकारी सही और पुख्ता हो।
- अपने भाषण के दौरान आश्वस्त रहने का प्रयास करें। आप जो कह रहे हैं उस पर जितना अधिक विश्वास करेंगे, आपके श्रोता उतने ही अधिक आकर्षित होंगे।

ऐसे तैयार करें गणतंत्र दिवस पर भाषण

गणतंत्र दिवस पर भाषण इस प्रकार शुरू होनी चाहिए-
आदरणीय प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और प्रिय साथियों... नमस्कार. अब स्पीच शुरू करें- हम सभी अपना 75वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए यहां उपस्थित हुए हैं. हम हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं, क्योंकि वर्ष 1950 में इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। यही वो तारीख है जब हम सच्चे तौर पर स्वतंत्र हुए थे। जब हमें हमारे मूलभूत अधिकार मिले।

अब आप अपने भाषण में गणतंत्र दिवस से संबंधित और जानकारी व तथ्य जोड़ें. यहां आप स्लोगन भी डाल सकते हैं. जैसे-

'ना जियो धर्म के नाम पर, ना मरो धर्म के नाम पर, इंसानियत ही है धर्म वतन का बस जियो वतन के नाम पर'

मैं उन महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में एक क्षण के मौन के साथ अपनी बात समाप्त करना चाहता/ चाहती हूं, जिन्होंने अपने जीवन का बलिदान कर दिया.. ताकि हम एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश में रह सकें. यहां एक बार फिर एक 26 जनवरी का नारा डाल सकते हैं-

इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है, झूम उठो देशवासियों गणतंत्र दिवस फिर आया है'

अब अपनी बात खत्म करें- गणतंत्र दिवस पर आप सबके सामने अपनी बात रखने का अवसर देने के लिए मैं एक बार फिर आपका आभार व्यक्त करना चाहता/ चाहती हूं।

भारत माता की जय! जय हिन्द!

गणतंत्र दिवस 2024 पर छोटे भाषण

1. नमस्कार! आज हम भारत के 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहे हैं। यह एक ऐतिहासिक अवसर है और यह याद दिलाता है कि हम एक स्वतंत्र देश के नागरिक हैं। हमारे संविधान ने हमें समान अधिकार दिए हैं। हमें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक होना चाहिए। हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।हमारे युवा देश के भविष्य हैं। हमें देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए। हमें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए काम करना चाहिए। धन्यवाद!

2. प्रिय साथियों, आज हम गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। 26 जनवरी 1950, वह दिन था जब भारत एक गणराज्य बना। आज हमारा देश स्वतंत्रता, समानता, और भाईचारे के मूल्यों पर खड़ा है, जो हमारे संविधान में निहित हैं। यह दिन हमें उन महान आत्माओं की याद दिलाता है जिन्होंने इस देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया। आइए, हम सभी संकल्प लें कि हम अपने देश को समृद्धि की ओर ले जाएंगे और इसकी महान संस्कृति को बनाए रखेंगे। जय हिंद!

3. "सम्मानित अध्यापकगण और मेरे प्यारे साथी, आज के दिन हम अपने संविधान की स्थापना का जश्न मनाते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे पास अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य भी हैं। आइए, हम इसे मनाएं और अपने देश के प्रति समर्पण का संकल्प लें। जय हिंद!"

4. मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य लोगों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 26 जनवरी को भारत में गणतंत्र दिवस के तौर पर मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती की तरह गणतंत्र दिवस भी एक राष्ट्रीय पर्व है। आज ही के दिन 1950 (26 जनवरी 1950) को भारत में संविधान लागू हुआ था।
डॉ भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता वाली प्रारूप समिति ने 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन में भारत का संविधान निर्माण किया।
इस नवनिर्मित संविधान में कुल 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थी जिसमें से अब अनुसूचियों की संख्या को बढ़ाकर 12 कर दिया गया है। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालय, आदि में भी वहां के प्रमुख द्वारा झंडा फहराया जाता है तथा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
हम सब को संविधान की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए। इसी के साथ में अपनी वाणी को विराम देता हूं। जय हिन्द।

26 जनवरी पर बड़ा भाषण

वंदेमातरम्, भारत माता की जय !!!

आदरणीय सभापति महोदय, इस पवित्र त्यौहार के मौके पर आपने मुझे अपने शब्दों को रखने का मौका प्रदान किया इसके लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद. गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर इस प्रांगन में उपस्थित गणमान्य अथिति, गुरुजन और मेरे प्यारे सहपाठियों आप सभी को (अपना नाम) की ओर से प्यार भरा नमस्कार!

गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और केवल जनता को ही देश को सही दिशा में ले जाने के लिए अपने प्रतिनिधियों को राजनीतिक नेता के रूप में चुनने का अधिकार है। तो, भारत एक गणतंत्र देश है जहाँ जनता अपने नेताओं को राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री आदि के रूप में चुनती है। हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में "पूर्ण स्वराज" के लिए बहुत संघर्ष किया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढ़ियां बिना बिना संघर्ष के जी सकें और देश को आगे बढ़ा सकें।

हमारे महान भारतीय नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम हैं महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्र शेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर आदि। उन्होंने भारत को एक स्वतंत्र देश बनाने के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी। हमें ऐसे महान अवसरों पर उन्हें याद करना चाहिए और उन्हें सलाम करना चाहिए। उनके कारण ही यह संभव हो पाया है कि हम अपने मन से सोच सकते हैं और बिना किसी के दबाव के अपने देश में स्वतंत्र रूप से रह सकते हैं।

यह बहुत ही शर्म की बात है कि आजादी के इतने वर्षों के बाद भी हम आज अपराध, भ्रष्टाचार और हिंसा जैसी समस्याओं से लड़ रहे हैं। अब समय आ गया है कि हमें दोबारा एक साथ मिलकर अपने देश से इन बुराइयों को बाहर निकाल फेंकना है जैसे कि स्वतंत्रता सेनानी नेताओं ने अंग्रेजों को हमारे देश से निकाल दिया था। हमें अपने भारत देश को एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना होगा. हमें अपने भारत देश की गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वार्मिंग, असमानता, आदि जैसे चीजों को अच्छी तरह समझना होगा और इनका हल निकालना होगा। आइये हम सब प्रतिज्ञा लेते हैं कि हम इसी तरह देश की एकता और अखंडता को बनाए रखेंगे और

इसी के साथ में अपनी वाणी को विराम देना चाहूंगा. मेरे भाषण को सुनने के लिए आप सभी का धन्यवाद। जय हिंद..

Story first published: Friday, January 19, 2024, 14:58 [IST]
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