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Sankashti Chaturthi 2025 Moonrise Timing: बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और दिल्ली में आज चंद्रोदय का समय जानें
Sankashti Chaturthi 2025 Moonrise Timing: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना गया है। प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और चंद्रोदय के बाद ही व्रत का पारण करते हैं। वर्ष 2025 में विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी बुधवार, 10 सितंबर को पड़ रही है।
इस पावन अवसर पर देशभर के भक्त व्रत रखकर भगवान गणपति की आराधना करेंगे और चंद्र दर्शन के बाद उपवास पूर्ण करेंगे। आइए जानते हैं भारत के मुख्य शहरों में कितने बजे चांद निकलेगा?

संकष्टी चतुर्थी का महत्व
'संकष्टी' शब्द का अर्थ है संकटों से मुक्ति देने वाली। मान्यता है कि इस दिन उपवास और पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है। गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के लिए इस दिन व्रत रखा जाता है और शाम को विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। खास बात यह है कि यदि यह चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है तो इसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
भक्त सुबह स्नान कर संकल्प लेते हैं और पूरे दिन अन्न का त्याग करते हैं। संध्या समय भगवान गणेश की मूर्ति के सामने दीप जलाकर पूजा की जाती है। दूर्वा घास, लाल फूल, फल, मोदक और लड्डू का विशेष भोग अर्पित किया जाता है। व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब चंद्रमा को देखकर अर्घ्य दिया जाए और उसके बाद ही पारण किया जाए।
आज संकष्टी चतुर्थी का चंद्रोदय समय
संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रोदय के बिना अधूरा रहता है। भक्त पूरे दिन बेसब्री से चंद्रमा के उदय का इंतजार करते हैं क्योंकि उसी क्षण व्रत का पारण संभव होता है। आइए जानते हैं 10 सितंबर 2025 को देश के प्रमुख शहरों में चंद्र उदय का समय-
बेंगलुरु (Bengaluru): आज चंद्रोदय का समय रात 8:23 बजे है। इस समय भक्त भगवान गणेश को मोदक और लड्डू का भोग अर्पित कर व्रत खोल सकते हैं।
मुंबई (Mumbai): चंद्रोदय का समय रात 8:36 बजे रहेगा। जैसे ही आकाश में चांद दिखाई देगा, भक्त परिवार सहित पूजा-अर्चना कर उपवास तोड़ेंगे।
हैदराबाद (Hyderabad): यहां चंद्रमा आज रात 8:15 बजे उदित होगा। चंद्रदर्शन के बाद गणपति जी की आरती और विशेष पूजा की जाएगी।
दिल्ली (Delhi): राजधानी दिल्ली में चंद्रोदय का समय रात 8:07 बजे रहेगा। भक्त इस समय चांद को अर्घ्य देकर संकष्टी व्रत पूर्ण करेंगे।
चंद्रोदय का महत्व
संकष्टी चतुर्थी केवल उपवास का दिन नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना का अवसर है। इस दिन भक्त अपनी इच्छाओं और संकल्पों को भगवान गणेश के चरणों में समर्पित करते हैं। मान्यता है कि चंद्रदर्शन के बाद व्रत पूर्ण करने से विघ्नों का नाश होता है और जीवन में ज्ञान, शांति और समृद्धि का संचार होता है।
चंद्रोदय के समय ही भगवान गणेश को अर्घ्य देने और व्रत खोलने की परंपरा है। इस दिन विशेष रूप से दूर्वा घास और मोदक का महत्व होता है क्योंकि इन्हें गणपति बप्पा का प्रिय भोग माना गया है।



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