School Holiday: 24 या 25 नवंबर कब रहेंगे स्कूल-कॉलेज बंद? जानें बैंक की भी होगी छुट्टी?

November School-Bank Holiday: अक्टूबर के महीने में ही दशहरा, दिवाली और छठ पूजा की छुट्टियां खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में अब सभी बच्चों को इस बात का इंतजार है कि अब नवंबर का आखिरी हफ्ता शुरू हो गया है और इसमें छुट्टी है या नहीं? इसी बीच एक छुट्टी आने वाली है जो गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के मौके पर होगी। इस अवसर पर सरकार ने अवकाश घोषित किया है। मगर यूपी सरकार के कैलेंडर में छुट्टी की डेट चेंज हो गई है।

इसलिए अभिभावकों और छात्रों को यह जानना बेहद जरूरी है कि उनके राज्य में किस वजहों से किस दिन हॉलीडे घोषित किया गया है। आइए जानते हैं कौन से राज्यों में 24 नवंबर को स्कूल बंद रहेंगे, और किन जगहों पर 25 नवंबर को छुट्टी दी गई है, साथ ही छुट्टी की असली वजह क्या है।

November School-Bank Holiday

24 नवंबर को कहां है छुट्टी?

शहीदी दिवस के मौके पर सरकार ने छुट्टी का घोषणा की है। गुरु तेग बहादुर जयंती 24 नवंबर को है ऐसे में इस दिन छुट्टी का ऐलान किया गया है। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इस खास दिन की छुट्टी का ऐलान 25 नवंबर 2025 का किया है। इस खास दिन पर कुछ जिलों में स्थानीय मेले या धार्मिक कार्यक्रम किए जाएंगे और वहीं कुछ जगहों पर कोल्ड वेदर/प्रदूषण अलर्ट के चलते एडवाइजरी जारी की गई है।

कहां-कहां रहेगी छुट्टी

बता दें कि गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस की छुट्टी उत्तर प्रदेश में तो 25 नवंबर को की गई है। मगर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में 24 नवंबर को छुट्टी है। ऐसे में स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों की तो बल्ले-बल्ले है क्योंकि उन्हें 23 नवंबर को रविवार की छुट्टी और 24 नवंबर को सोमवार की छुट्टी मिल जाएगी।

क्या बैंक भी रहेंगे बंद?

अब सवाल ये उठता है कि क्या स्कूल-कॉलेज के अलावा बैंक भी रहेंगे बंद? क्या बैंकों का काम भी रहेगा बाधित? बता दें कि आरबीआई की सूची के अनुसार, 24 नवंबर को कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग यथावत चालू रहेगी और एटीएम भी चालू रहेंगे।

गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस का महत्व

गुरु तेग बहादुर जी का शहादत दिवस पूरे भारत में साहस, धर्म-सहिष्णुता और मानवता की रक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। मुगल काल में जब धार्मिक अत्याचार बढ़ रहे थे और कश्मीरी पंडितों को जबरन धर्म परिवर्तन का सामना करना पड़ा, तब गुरु तेग बहादुर जी उनके समर्थन में आगे आए। उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, लेकिन किसी के सामने झुके नहीं। 24 नवंबर 1675 को दिल्ली के चांदनी चौक में उनका बलिदान हुआ, जिसे इतिहास "हिन्द की चादर" के रूप में याद करता है - यानी वह ढाल जिसने पूरे देश की अस्मिता की रक्षा की।

उनका शहादत दिवस सिर्फ सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का दिन है कि अन्याय के सामने खड़े होने के लिए केवल धर्म नहीं, बल्कि इंसानियत का साथ देना जरूरी है। गुरु तेग बहादुर जी ने दिखाया कि किसी एक समुदाय की रक्षा करना, वास्तव में पूरे मानव धर्म की रक्षा है, और यही संदेश उन्हें अमर बनाता है।

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