Smriti Irani ने पेड पीरियड लीव को बताया गैरजरुरी, दुन‍िया के इन देशों में म‍िलती है Menstrual Leave

भारत में पीरियड लीव को लेकर चर्चा जोड़ों पर हैं। इस विषय पर काफी लंबे समय से बहस छिड़ी हुई है कि महिलाओं को इस दौरान छुट्टी मिलनी चाहिए या नहीं? हालांक‍ि महिला एंव बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्‍यसभा में इसे गैर जरुरी करार देते हुए कहा है क‍ि महिलाओं के लिए पीरियड्स आना कोई मुसीबत या मुश्किल या किसी तरह का बाधा नहीं है, यह महिलाओं के जीवन का एक हिस्सा है। इसके बाद उनका यह बयान चर्चा में बना हुआ है।

इसके बाद से इस विषय पर चारों तरफ बहस छिड़ गई है क‍ि जब विदेशों में पेड पीरियड लीव का प्रावधान हैं, तो भारत में क्‍यों नहीं? जब इस बारे में बात चली हैं, तो हम आपको बताते हैं ऐसे देश जहां पीरियड लीव का प्रावधान है, ज‍िसके तहत पीरियड्स के दौरान महिलाएं वर्कप्‍लेस से छुट्टी ले सकती हैं। आइए जानते हैं-

Smriti Irani opposes Paid Menstrual Leave: Heres The List of Countries That Offer Menstrual Leave


क्या भारत में पीरियड लीव को लेकर कोई पॉलिसी है?

साल 1992 में पहली बार बिहार में सरकारी कर्मचारियों को पीरियड लीव्स का प्रावधान दिया गया था. यह अपने आप में एक अनोखी बात थी. लालू यादव की सरकार ने इसकी मंजूरी दी थी. इसके दौरान वर्कप्लेस में दो दिन की पीरियड पेड लीव की सुविधा दी गई थी. और आज भी बिहार की महिलाओं को यह लीव मिलती है. वहीं बिहार के बाद केरल ऐसा स्टेट है जहां पर महिलाओं को पीरियड लीव्स दी जाती है।

दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया में महिलाओं को प्रति माह एक दिन की पेड लीव, मासिक धर्म के लिए मिलती है। 2004 तक, जब दक्षिण कोरिया में वर्किंग वीक को छह से पांच दिन में बदल गया, तो छुट्टी का भुगतान किया गया था।


इंडोनेशिया

2003 में, इंडोनेशिया ने महिलाओं को नोटिस दिए बिना प्रति माह दो दिन की पेड लीव, पीरियड्स में लेने की अनुमति देने वाला कानून स्थापित किया। कई नियोक्ता हर महीने केवल एक दिन का मासिक धर्म लीव देते हैं। जबकि अन्य बिल्कुल भी नहीं देते हैं या तो उन्हें कानून की जानकारी नहीं है या वे इसे अनदेखा करते हैं। 2003 की अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं को उनके 12 दिनों के सालाना अवकाश के अलावा 24 दिनों के मासिक धर्म की छुट्टी की वजह से उनकी भर्ती नीतियों में भेदभाव होता है।

जापान

जापान में 1947 के कानून में कहा गया है, नियोक्ता महिलाओं को मासिक धर्म की छुट्टी देने के लिए सहमत हो। महिलाएं तब तक के लिए छुट्टी मांग सकती हैं जब तक उन्हें इसकी आवश्यकता हो। लेकिन छुट्टी के दौरान महिलाओं को भुगतान करना कंपनी के लिए जरूरी नहीं। 2020 के श्रम मंत्रालय के सर्वेक्षण में कहा गया है कि लगभग 30% जापानी उद्यम full or partial वेतन देते हैं।

ताइवान

ताइवान में रोजगार में लैंगिक समानता का अधिनियम महिलाओं को प्रति वर्ष तीन दिनों के मासिक धर्म की छुट्टी देता है। उन्हें वैधानिक 30 दिनों के बीमार अवकाश से नहीं काटा जाता है। महिलाओं को प्रति माह केवल एक दिन लीव लेने की अनुमति है बीमारी की छुट्टी पर जाने वालों की तरह, पीरियड्स की छुट्टी पर जाने वाले कर्मचारियों को भी उनका आधा वेतन ही मिलता है।

स्पेन

मई 2020 में स्पेनिश सरकार ने एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दी जो लड़कियों के लिए गर्भपात के अधिकारों को बढ़ाता है। स्पेन को यूरोप का पहला देश माना जा रहा है जो इंप्लॉई को वेतन के साथ मासिक धर्म की छुट्टी का हकदार बनाता है. स्पेन महिलाओं को पीरियड पेन के लिए अनलिमिटेड छुट्टियां देगा, यदि उनके पास डॉक्टर का सर्टिफिकेट हो।

ऑस्ट्रेलिया

कुछ बिजनेस वालों ने महिलाओं को मासिक धर्म अवकाश प्रदान करने के लिए कानूनी रूप से आवश्यक होने तक प्रतीक्षा नहीं की है! उनमें से हैं: विक्टोरियन महिला ट्रस्ट, एक ऑस्ट्रेलियाई लैंगिक-समानता संगठन, कर्मचारियों को मासिक धर्म व menopause leave के 12 दिनों की छुट्टी प्रदान करता है।

जाम्बिया

वुमेन एम्प्लॉयीज को हर महीने जाम्बिया में एक दिन की पीरियड लीव दी जाती है। महिलाओं के लिए मासिक धर्म की छुट्टी का विचार रूस में भी 2013 में भी आया था, लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं हुआ।

Story first published: Thursday, December 14, 2023, 20:34 [IST]
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