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एल्विश यादव पर लगे NDPS एक्ट में फंस चुके हैं आर्यन खान, इतने सालों की हो सकती हैं यूट्यूबर को सजा
Elvish Yadav Arrested under NDPS : बिग बॉस ओटीटी 2 के विनर और यूट्यूबर एल्विश यादव के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं। कई विवादों में नाम सामने आने के बाद अब सांप के जहर से जुड़े मामले में नोएडा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एल्विश के खिलाफ IPC वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत FIR दर्ज हुआ था, अब पुलिस ने इस मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धाराएं भी लगा दी हैं।
अब आप सोच रहे होंगे कि ये NDPS एक्ट सुना हुआ सा लग रहा है! तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये वो ही एक्ट है जिसमें शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स के सेवन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद ये एक्ट बहुत ज्यादा चर्चा में आया था। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद रिया चक्रवर्ती भी इस एक्ट के चुंगल में फंस गई थी।

आइए आज जानते हैं कि आखिर ये NDPS क्या है जिसकी वजह से एल्विश यादव अब चर्चा में आए हैं?
NDPS एक्ट क्या है?
NDPS एक्ट यानी नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट है। इसे साल 1985 में लागू किया गया था। इस एक्ट में ड्रग्स व दूसरे नशीले पदार्थ के उत्पादन, रखने, बेचने, खरीदने, उपभोग करने, आयात करने, निर्यात करने के लिए अलग-अलग ड्रग्स के सेवन पर इस एक्ट के तहत सजा निर्धारित की गई है। इस एक्ट के लागू होने के एक साल बाद 1986 में नारकोटिक्ट कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की स्थापना की गई। अब तक चार बार-1988, 2001, 2014 और 2021 में इस एक्ट को संशोधित किया जा चुका है।
NDPS का मतलब
NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस ) में जहां ND का मतलब नार्कोटिक ड्रग होता है, वहीं PS का मतलब साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस होता है। ND यानी नार्कोटिक ड्रग में नींद लाने वाले ड्रग्स आते हैं जिनका नेचुरल तरीके से उत्पादन होता है। जैसे चरस, डोडा, चूरा, गांजा, अफीम, हेरोइन, कोकेन, मॉर्फीन वगैरह इसके तहत आते हैं। इस तरह के नशा व्यक्ति के नर्वस सिस्टम पर प्रभाव डालता है। जो व्यक्ति के सोचने समझने की क्षमता प्रभावित करता है।
जबकि PS यानी साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस वह नशा होता है जो दो-तीन तरह के केमिकल मिलाकर तैयार किया जाता है। जैसे- एलएसडी, एमएमडीए, अल्प्राजोलम और सांप का जहर भी आता है। इनमें कुछ ऐसे ड्रग्स भी शामिल होते हैं जिनका मानसिक विकारों के लिए दवा के रुप में इस्तेमाल किया जाता है।

NDPS एक्ट में सजा?
इस एक्ट के तहत नशीले पदार्थ की श्रेणी और अलग-अलग मात्रा के तहत धारा और सजाएं तय होती हैं।
- इस एक्ट में कम मात्रा में नशीले पदार्थ का सेवन करने और किसी प्रकार के व्यापार में शामिल नहीं होने वाले को एक साल कैद और 10 हजार के जुर्माना का प्रावधान है। इसमें जमानत भी मिल जाती है। लेकिन बार-बार पकड़े जाने पर जमानत मिलना मुश्किल होता है।
- कर्मर्शियल क्वांटिटी यानी ड्रग्स की सप्लाई और बेचने के उद्देश्य से नशीले पदार्थ रखने पर अपराधी को 10 से 20 साल तक की जेल और एक से दो लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाता है।
- अगर कम मात्रा और कमर्शियल क्वांटिटी के बीच की मात्रा में अगर किसी के पास ड्रग्स मिलता है तो उस पर र 10 साल तक की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। ऐसे मामलों में जमानत मिलना या न मिलना नशीले पदार्थ और पुलिस की धाराओं पर निर्भर करता है।
एल्विश के मामले में क्या सजा हो सकती है?
एल्विश यादव पर NDPS एक्ट के साथ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट भी लगा है। इस एक्ट के तहत वन्यजीवों के साथ गलत हरकत करने या उन्हें नुकसान पहुंचाने पर 3 से 7 साल की जेल की सजा हो सकती है। इसके अलावा एल्विश पर NDPS के तहत नशीले पदार्थों की खरीद और सप्लाई करने का आरोप भी लगा है। अगर ये आरोप सच साबित होते हैं तो उन्हें कम से कम 10 साल की कठोर कारावास की सजा हो सकती हैं।



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