27 साल, 3 मिशन और अंतरिक्ष में 608 दिन...सुनीता विलियम्स ने NASA से लिया संन्यास

Sunita Williams Retires: नासा (NASA) की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपने लंबे और ऐतिहासिक करियर के बाद संन्यास ले लिया है। नासा ने पुष्टि की है कि उनका रिटायरमेंट 31 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुआ। अपने 27 साल के करियर में सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह किसी भी NASA अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताए गए कुल समय में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।

Sunita Williams

9 महीने तक अंतरिक्ष में फंसी रही थीं सुनीता विलियम्स

सुनीता विलियम्स जून 2024 में अपने साथी अंतरिक्ष यात्री बैरी बुच विलमोर के साथ बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) गई थीं। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। यह मिशन सिर्फ 8 दिनों का होना था, लेकिन तकनीकी खराबियों के कारण दोनों को 9 महीने तक अंतरिक्ष में रुकना पड़ा। आखिरकार मार्च 2025 में दोनों की सुरक्षित वापसी SpaceX के क्रू ड्रैगन से कराई गई।

उपलब्धियों से भरा रहा सुनीता विलियम्स का नासा का करियर

आपको बता दें कि सुनीता विलियम्स पहले नेवी कैप्टन थीं। वह साल 1998 में नासा के लिए चुनी गए थीं। उन्होंने तीन बार ISS की यात्रा की और महिलाओं में सबसे ज्यादा स्पेसवॉक करने का रिकॉर्ड भी बनाया। उन्होंने 9 स्पेसवॉक में कुल 62 घंटे अंतरिक्ष में काम किया। इस दौरान उन्होंने सोलर पैनल की मरम्मत, वैज्ञानिक प्रयोगों और स्टेशन के जरूरी कामों में अहम भूमिका निभाई।

2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी से की थी अंतरिक्ष सफर की शुरुआत

सुनीता विलियम्स ने अपने अंतरिक्ष सफर की शुरुआत दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी के जरिए की थी। इसके बाद साल 2012 में उन्होंने कजाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से से अंतरिक्ष की यात्रा की, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर की जिम्मेदारी भी संभाली। हाल ही में, जून 2024 में वह बोइंग स्टारलाइनर मिशन के तहत अंतरिक्ष गई थीं और करीब नौ महीने बाद मार्च 2025 में पृथ्वी पर वापस लौटीं।

नासा की ओर से मिला सम्मान

नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजकमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा और रिटायरमेंट की बधाई दी। आइजकमैन ने कहा कि सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने नेतृत्व से भविष्य के मिशनों की नींव रखी। उनके योगदान ने चंद्रमा के लिए आर्टेमिस मिशन और भविष्य में मंगल ग्रह की ओर बढ़ने की राह आसान की है।

प्रेरणा बनकर रहेंगी सुनीता विलियम्स

सुनीता विलियम्स का रिटायरमेंट नासा के एक महत्वपूर्ण दौर का अंत है। उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। रिटायरमेंट पर सुनी विलियम्स ने कहा कि अंतरिक्ष उनके लिए सबसे पसंदीदा जगह रही है और NASA में बिताया गया समय उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।

Desktop Bottom Promotion