महाकुंभ में वायरल आईआईटीयन बाबा की ये थी ऑल इंड‍िया रैंक, कमाई सुन उड़ जाएंगे होश

The Viral IITian Baba Education and Career : प्रयागराज महाकुंभ 2025 में "आईआईटी वाले बाबा" के नाम से मशहूर अभय सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आईआईटी बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने वाले अभय सिंह ने शांति की तलाश में सांसारिक जीवन त्यागकर साधु का जीवन अपना लिया।

वायरल वीडियो में बाबा ने अपनी यात्रा साझा करते हुए बताया कि उनका उद्देश्य आत्मिक शांति और लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर प्रेरित करना है। महाकुंभ में लाखों श्रद्धालु उनसे मिलने और उनके अनुभवों को सुनने के लिए उत्सुक हैं। आईआईटी बैकग्राउंड के कारण उनकी अनोखी पहचान और गहन ज्ञान ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। आज आध्‍यात्‍म का मार्ग अपना चुके अभयसिंह कभी विदेशों में नौकरी कर लाखों रुपए कमाते थे।

The Viral IITian Baba Education and Career

2008 में आईआईटी में हुआ सलेक्‍शन

अभय सिंह का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले में हुआ, जहां उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी की। 12वीं के बाद उन्हें आईआईटी जेईई परीक्षा के बारे में पता चला, और इसके लिए उन्होंने दिल्ली में कोचिंग जॉइन की। उनकी कड़ी मेहनत से 2008 में उन्होंने आईआईटी जेईई में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 731 हासिल की। इसके बाद अभय का दाखिला आईआईटी बॉम्बे में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग (2008-2012) बैच में हुआ। इस सफलता ने उनके जीवन की दिशा तय की और उनकी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

36 लाख रुपए था सालाना पैकेज

आईआईटी बॉम्बे से ग्रेजुएशन के बाद अभय सिंह ने डिजाइन में मास्टर्स (एमडेस) की डिग्री पूरी की। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने कुछ समय तक फोटोग्राफी के क्षेत्र में काम किया। इसके बाद, उन्होंने कनाडा में नौकरी की, जहां तीन साल तक काम करते हुए उनका सालाना पैकेज 36 लाख रुपये था। करियर में सफलता के बावजूद अभय ने आत्मिक शांति की तलाश में यह सब त्यागकर साधु का जीवन अपना लिया, जो आज महाकुंभ में चर्चा का विषय है।

विज्ञान छोड़ चुना आध्यात्मिकता का रास्ता

बाबा ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा तब शुरू हुई, जब उन्होंने जीवन के गहरे सवालों के उत्तर ढूंढने शुरू किए। उन्होंने दर्शनशास्त्र, सुकरात, प्लेटो और उत्तर आधुनिकता जैसे विषयों पर गहन अध्ययन किया। इन अध्ययनों से उन्हें यह एहसास हुआ कि जीवन की सच्ची खुशी और शांति केवल आध्यात्मिकता में है।

Story first published: Wednesday, January 22, 2025, 10:00 [IST]
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