Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
RCB Victory Parade: चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 की मौत, ऐसे समय में रखें इन बातों का ध्यान
Crowd Safety Tips : RCB की ऐतिहासिक जीत के बाद जहां पूरे बेंगलुरु में जश्न का माहौल था, वहीं एक दर्दनाक हादसे ने इस खुशी को मातम में बदल दिया। चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर RCB के जश्न में शामिल होने पहुंचे हजारों फैंस की भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई और 11 लोगों की मौत हो गई।
दावा किया जा रहा है कि लोग सुबह से ही टीम का स्वागत करने के लिए भारी संख्या में जमा हो गए थे। ऐसे हादसे से बचने के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से पहले हमेशा क्राउड सेफ्टी नियम फॉलो करें और पूरी जागरूकता व सतर्कता बरतें।

अगर आप किसी भगदड़ में फंस जाएं, तो ये करें?
1. घबराएं नहीं, शांत रहें
किसी भी आपात स्थिति में सबसे पहला नियम है शांत रहना। घबराने से आपकी सांसें तेज हो सकती हैं और स्थिति और बिगड़ सकती है।
2. ऑक्सीजन बचाएं
भीड़ में चिल्लाने या जोर से बोलने से बचें। कोशिश करें कि सांसों पर नियंत्रण रखें। ऑक्सीजन की कमी से घबराहट और बेहोशी हो सकती है।
3. बॉक्सिंग पोजीशन अपनाएं
अपने दोनों हाथों को बॉक्सर की तरह मोड़कर छाती के सामने रखें। इससे आपकी पसलियों और फेफड़ों को सुरक्षा मिलेगी और सांस लेना थोड़ा आसान रहेगा।
4. किनारे तक पहुंचे
जहां संभव हो, भीड़ के बीच से किनारे की ओर धीरे-धीरे तिरछे तरीके से निकलने की कोशिश करें। दीवार या खंभे के पास खड़े होकर खुद को स्थिर रखें।
अगर आप गिर जाते हैं तो तुरंत अपने सिर को छाती की ओर झुकाएं और हाथों व घुटनों को मोड़ते हुए शरीर को समेटते हुए खुद को गोल स्थिति में ले आएं। पेट और छाती की सुरक्षा करें।। इससे आपकी छाती, पेट और सिर को भारी चोट से बचाया जा सकता है।
भगदड़ के कारण
- सीमित जगह में बड़ी भीड़ का इकट्ठा होना
- आपातकालीन निकास की कमी या जानकारी का अभाव
- सुरक्षा व्यवस्था का अभाव
- घबराहट या अफवाह फैलना
- भारी संरचनाओं या रुकावटों का होना
भगदड़ में सबसे बड़ा खतरा: कंप्रेसिव एस्फिक्सिया
यह एक गंभीर स्थिति होती है जिसमें भीड़ के दबाव से फेफड़ों पर इतना जोर पड़ता है कि सांस लेना बंद हो जाता है। जब शरीर पर भारी दबाव पड़ता है तो डायाफ्राम सिकुड़ नहीं पाता और ऑक्सीजन फेफड़ों में नहीं पहुंच पाती। इससे जल्दी ही ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और कुछ ही मिनटों में मस्तिष्क और अन्य अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।
क्या करें अगर किसी की सांसें रुक जाएं?
अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ हो रही है या वह बेहोश हो गया है, तो तुरंत सीपीआर (CPR) देने की कोशिश करें। भले ही आपने सीपीआर की ट्रेनिंग न ली हो, फिर भी कोशिश करें। कुछ न करने से बेहतर है कुछ करना। 4 मिनट के भीतर सीपीआर देना जरूरी होता है, वरना मस्तिष्क को स्थायी क्षति हो सकती है।



Click it and Unblock the Notifications