AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम

Indian Railways Rule: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर दिन कोई न कोई वीडियो वायरल होते रहते हैं। अब हाल ही में ट्रेन के एसी कोच का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे 'हनीमून सुइट' की तरह सजाया गया है। गुलाब के फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से पूरा कोच डेकोरेट किया गया है और मोमबत्तियों से माहौल को और भी रोमाटिक बनाया गया है। जैसे ही ये वीडियो वायरल हुआ तो मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर मौजूद TTE को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या ट्रेन के फर्स्ट AC कूपे को अपनी मर्जी से सजाया जा सकता है? क्या यह पूरी तरह निजी जगह होती है? और अगर कोई नया शादीशुदा जोड़ा वहां हनीमून जैसा माहौल बनाता है तो क्या यह रेलवे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा? आइए जानते हैं इस पूरे मामले और रेलवे के नियमों के बारे में विस्तार से।

जानें क्या है पूरा मामला?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देख हर किसी के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच को आप इस तरह हनीमून सुइट की तरह सजा सकते हैं। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो महाराष्ट्र के बल्लारशाह से मुंबई जा रही नंदीग्राम एक्सप्रेस का है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि AC कूपे को रंग-बिरंगे गुब्बारों, गुलाब के फूलों और मोमबत्तियों से सजाया गया है। देखने में ये कोच किसी फाइव स्टार हनीमून सुइट से कम नहीं लग रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस कोच में एक कपल सफर कर रहा था जिसने इस कोच को पैसे देकर सजवाया था। रेलवे ने इस कृत्य को गंभीर माना है और एक्शन लेते हुए ड्यूटी पर मौजूद TTE को सस्पेंड कर दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

क्या फर्स्ट AC का कूपा पूरी तरह निजी होता है?

बहुत से लोगों को लगता है कि फर्स्ट AC का कूपा पूरी तरह प्राइवेट होता है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। रेलवे यात्रियों को केवल गोपनीयता (Privacy) प्रदान करता है, मालिकाना हक नहीं। इस कोच में यात्री आराम से सफर कर सकते हैं, दरवाजे को बंद कर सकते हैं और अपने साथी या परिवार के साथ निजी समय बिता सकते हैं लेकिन TTE, RPF, रेलवे कर्मचारी, सफाईकर्मी या अन्य अधिकृत अधिकारी जांच या किसी जरूरी कारण से दरवाजा खोलने को कहें, तो यात्रियों को सहयोग करना होता है।

क्या ट्रेन के कूपे में हनीमून मनाया जा सकता है?

भारतीय रेलवे ने कहीं भी यह नहीं लिखा है कि 'हनीमून मनाना प्रतिबंधित है, लेकिन इसका मतलब यह भी नहीं है कि कूपे को होटल का कमरा समझ लिया जाए। रिपोर्ट के अनुसार यदि किसी यात्री की गतिविधियों से दूसरे यात्रियों को परेशानी हो रही हो या फिर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो रहा हो। इसके अलावा रेलवे की संपत्ति को नुकसान होने और सार्वजनिक स्थान पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में रेलवे की ओर से कार्रवाई हो सकती है।

Story first published: Thursday, July 9, 2026, 16:18 [IST]
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