Latest Updates
-
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी -
किन्नौर कैलाश के दर्शन के बाद बदल गई हिमांशी खुराना की जिंदगी, एक्ट्रेस ने बताया क्यों इतनी खास है यह जगह -
Raksha Bandhan 2026: कब है रक्षाबंधन? जानें तिथि, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय और महत्व -
कभी 75 रुपये में साफ करते थे गाड़ियां, आज कहलाते हैं दिल्ली के खान सर; पढ़ें मनोज गर्ग की सक्सेस स्टोरी -
Sawan 2026: सावन में दाढ़ी और बाल कटवाना चाहिए या नहीं? जानें ज्योतिष और धार्मिक नियम -
कौन थीं अनन्या राज? 27 साल की उम्र में हुई मौत, एक महीने बाद सामने आई निधन की खबर -
Rudrabhishek Vidhi: घर पर शिव जी का रुद्राभिषेक कैसे करें? जानें सरल पूजा विधि, सामग्री, मंत्र और जरूरी नियम
Wayanad tragedy: क्या है ‘Dark Tourism'? जिसे लेकर केरल पुलिस ने पर्यटकों ने किया अलर्ट
Dark Tourism: वायनाड में 30 जुलाई को हुई लैंडस्लाइड में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी 138 से ज्यादा लोग लापता हैं। 10 दिन से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी के जवानों ने मलबे में दबे कई लोगों को जिंदा बाहर निकाला। आज 10वें दिन भी रेस्क्यू जारी है। इस बीच केरल की पुलिस ने इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर डार्क टूरिस्ट्स के आने की मनाही की।
पुलिस का कहना है कि डार्क टूरिज्म के वजह से राहत कार्य में रुकावट आती है। हो सकता है कि डार्क टूरिज्म आपके लिए नया शब्द हो लेकिन देश से लेकर दुनिया में पर्यटन का ये कल्चर काफी फेमस है। आइए जानते हैं आखिर डार्क टूरिज्म क्या होता है?

क्या है डार्क टूरिज्म
डार्क टूरिज्म का इस्तेमाल ऐसी अजीब जगहों के लिए किया जाता हैं जहां पर किसी तरह की त्रासदी, बड़ी आपदा, नरसंहार जैसी घटनाएं हुई हों या ऐसी जगह जो खंडहर में तब्दील हो चुकी हो और आज भी उसके विनाश और बर्बरता के निशान मौजू हो। इसे ही डार्क टूरिज्म का नाम दिया गया है। इन जगहों पर जाकर लोग युद्ध की विभीषिका, बड़ी आपदा, दुख और नरसंहार की कहानी को देखते हैं। पर्यटक वायनाड त्रासदी देखने पहुंच रहे हैं। इस वजह से पुलिस ने उन्हें न आने की अपील की हैं।
डार्क टूरिज्म शब्द साल 1996 में ग्लासगो कैलेडोनियन यूनिवर्सिटी के जे. जॉन लेनन और मैल्कम फोले ने खोजा था। दरअसल, अपने साथियों के साथ रिसर्च के दौरान उन्हें पता चला कि 1815 में हुई वाटरलू की लड़ाई देखने कई लोग गाड़ियों से गए थे। उन्हें पता था कि इस दौरान वह मारे जा सकते हैं, लेकिन फिर भी वह रोमांच के लिए जंग के मैदान में जाते थे। उनका दावा है कि इसके बाद ही 1996 में पहली बार इस शब्द का इस्तेमाल किया था।
डार्क टूरिज्म के लिए फेमस जगहें
डार्क टूरिज्म के लिए दुनियाभर में लोगों को रवांडा में मुरांबी नरसंहार स्मारक, जापान में हिरोशिमा, न्यूयॉर्क में ग्राउंड जीरो, चेर्नोबिल पावर प्लांट, समुद्र में दफन टाइटैनिक जहाज का मलबा और पौलेंड का ऑशविट्ज कैंप काफी मशहूर हैं। जहां आज भी लाखों की तादाद में लोग इन जगहों को देखने और उस खौफनाक मंजर को महसूस करने आते हैं।
भारत में फेमस डार्क टूरिज्म साइट्स
भारत में भी ऐसी कई जगहें हैं, जैसे जलियांवाला बाग, अंडमान की सेल्युलर जेल, उत्तराखंड की रूपकुंड झील और जैलसमेर का कुलधरा गांव जो डार्क टूरिज्म के लिए जानी जाती हैं।



Click it and Unblock the Notifications