Latest Updates
-
कानपुर का लेदर है इटली तक मशहूर, कोई नहीं जानता 100 साल पुरानी सीक्रेट तकनीक -
कब मनाया जाएगा बंगाली नव वर्ष? जानें 'पोइला बैसाख' मुगल काल से क्या है कनेक्शन? -
Ambedkar Jayanti Quotes 2026: ‘नारी को शिक्षित करो' भीमराव अंबेडर जयंती पर शेयर करें उनके ये 20 विचार -
Baisakhi 2026 Wishes in Punjabi: बैसाखी पर भंगड़ा और गिद्दा के साथ अपनों को भेजें पंजाबी शुभकामनाएं -
सपने में शादी देखना क्या देता है संकेत? शुभ खबरी या किसी बदलाव का इशारा, जानें इसका मतलब -
बैसाखी पर गुड़ के टुकड़े का यह अचूक उपाय आपको बना सकता है मालामाल, जानें करने की सही विधि -
क्या होती है पार्किंसंस की बीमारी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपाय -
क्यों मनाई जाती है बैसाखी? जानें खालसा पंथ के '5 प्यारों' की कहानी, जिन्होंने हिलाई मुगलों की नींव -
Varuthini Ekadashi Vrat Katha: वरुथिनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा 10 हजार साल की तपस्या जितना फल -
Varuthini Ekadashi 2026 Wishes: श्रीहरि विष्णु है जिनका नाम...वरुथिनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं
Wayanad tragedy: क्या है ‘Dark Tourism'? जिसे लेकर केरल पुलिस ने पर्यटकों ने किया अलर्ट
Dark Tourism: वायनाड में 30 जुलाई को हुई लैंडस्लाइड में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अब भी 138 से ज्यादा लोग लापता हैं। 10 दिन से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मी के जवानों ने मलबे में दबे कई लोगों को जिंदा बाहर निकाला। आज 10वें दिन भी रेस्क्यू जारी है। इस बीच केरल की पुलिस ने इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर डार्क टूरिस्ट्स के आने की मनाही की।
पुलिस का कहना है कि डार्क टूरिज्म के वजह से राहत कार्य में रुकावट आती है। हो सकता है कि डार्क टूरिज्म आपके लिए नया शब्द हो लेकिन देश से लेकर दुनिया में पर्यटन का ये कल्चर काफी फेमस है। आइए जानते हैं आखिर डार्क टूरिज्म क्या होता है?

क्या है डार्क टूरिज्म
डार्क टूरिज्म का इस्तेमाल ऐसी अजीब जगहों के लिए किया जाता हैं जहां पर किसी तरह की त्रासदी, बड़ी आपदा, नरसंहार जैसी घटनाएं हुई हों या ऐसी जगह जो खंडहर में तब्दील हो चुकी हो और आज भी उसके विनाश और बर्बरता के निशान मौजू हो। इसे ही डार्क टूरिज्म का नाम दिया गया है। इन जगहों पर जाकर लोग युद्ध की विभीषिका, बड़ी आपदा, दुख और नरसंहार की कहानी को देखते हैं। पर्यटक वायनाड त्रासदी देखने पहुंच रहे हैं। इस वजह से पुलिस ने उन्हें न आने की अपील की हैं।
डार्क टूरिज्म शब्द साल 1996 में ग्लासगो कैलेडोनियन यूनिवर्सिटी के जे. जॉन लेनन और मैल्कम फोले ने खोजा था। दरअसल, अपने साथियों के साथ रिसर्च के दौरान उन्हें पता चला कि 1815 में हुई वाटरलू की लड़ाई देखने कई लोग गाड़ियों से गए थे। उन्हें पता था कि इस दौरान वह मारे जा सकते हैं, लेकिन फिर भी वह रोमांच के लिए जंग के मैदान में जाते थे। उनका दावा है कि इसके बाद ही 1996 में पहली बार इस शब्द का इस्तेमाल किया था।
डार्क टूरिज्म के लिए फेमस जगहें
डार्क टूरिज्म के लिए दुनियाभर में लोगों को रवांडा में मुरांबी नरसंहार स्मारक, जापान में हिरोशिमा, न्यूयॉर्क में ग्राउंड जीरो, चेर्नोबिल पावर प्लांट, समुद्र में दफन टाइटैनिक जहाज का मलबा और पौलेंड का ऑशविट्ज कैंप काफी मशहूर हैं। जहां आज भी लाखों की तादाद में लोग इन जगहों को देखने और उस खौफनाक मंजर को महसूस करने आते हैं।
भारत में फेमस डार्क टूरिज्म साइट्स
भारत में भी ऐसी कई जगहें हैं, जैसे जलियांवाला बाग, अंडमान की सेल्युलर जेल, उत्तराखंड की रूपकुंड झील और जैलसमेर का कुलधरा गांव जो डार्क टूरिज्म के लिए जानी जाती हैं।



Click it and Unblock the Notifications











