Latest Updates
-
Mother’s Day 2026: इस मदर्स डे मां को दें स्टाइल और खूबसूरती का तोहफा, ये ट्रेंडी साड़ियां जीत लेंगी उनका दिल -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर से बचने के लिए महिलाएं करें ये काम, डॉक्टर ने बताए बचाव के तरीके -
World Ovarian Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर होने पर शरीर में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, तुरंत करवाएं जांच -
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार
क्या है एरी सिल्क, जिसका पीएम मोदी ने 'मन की बात' में किया जिक्र, जानें इसकी खासियत
What Is Eri Silk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जून को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 123वें एपिसोड में देशवासियों का ध्यान एक खास हस्तशिल्प उत्पाद की ओर आकर्षित किया, यह है मेघालय का एरी सिल्क। अ
पने संबोधन में पीएम मोदी ने न सिर्फ इसकी खासियत बताई, बल्कि इसे अपनाने की भी अपील की। उनके इस ज़िक्र के बाद यह परंपरागत रेशमी कपड़ा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

क्या है एरी सिल्क?
एरी सिल्क, जिसे "अहिंसा सिल्क" भी कहा जाता है, भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर है। खासकर खासी जनजाति के लोगों ने इसे पीढ़ियों से सहेजा और संवार कर वर्तमान रूप में पेश किया है। इस रेशम को बनाने की सबसे अनूठी बात यह है कि रेशम के कीड़ों को मारे बिना धागा निकाला जाता है, जिससे यह पूरी तरह नॉन-वायलेंट और इको-फ्रेंडली होता है। यही कारण है कि इसे अहिंसा सिल्क कहा जाता है और यह वैश्विक बाज़ार में भी लोकप्रिय हो रहा है।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार भारत अपनी क्षेत्रीय, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, उसी तरह शिल्प, कला और कौशल की विविधता भी इसकी बड़ी ताकत है। भारत के हर कोने में कुछ न कुछ लोकल और अनूठा उत्पाद मौजूद है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' में हम अक्सर ऐसे उत्पादों की चर्चा करते हैं और एरी सिल्क भी उन्हीं में से एक है।
उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में एरी सिल्क को GI (Geographical Indication) टैग भी मिला है, जो इसकी गुणवत्ता और विशिष्टता का प्रमाण है। पीएम मोदी ने इसे मेघालय की एक सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए, देश के लोगों से इस रेशमी कपड़े को अपनाने की अपील की।
एरी सिल्क की खासियत
अहिंसा आधारित उत्पादन: इस रेशम को तैयार करने के लिए रेशम कीटों को मारा नहीं जाता, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल और नैतिक दृष्टि से सराहनीय बनता है।
हर मौसम में उपयोगी: एरी सिल्क की यह खासियत है कि यह सर्दी में गर्माहट देता है और गर्मी में ठंडक।
स्थानीय महिलाओं को रोजगार: मेघालय की कई महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के जरिए इस परंपरागत रेशम उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ावा दे रही हैं, जिससे न सिर्फ परंपरा को संरक्षण मिल रहा है, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है।
'वोकल फॉर लोकल' की मिसाल
पीएम मोदी ने कहा कि देश के लोग अगर खादी, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और लोकल उत्पादों को प्राथमिकता दें, तो यह 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों से आग्रह किया कि वे भारत में बने उत्पाद खरीदें और बेचें।



Click it and Unblock the Notifications