Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
क्या आप जानते हैं दिल्ली के दर्जी ने बनाया था पाकिस्तान का पहला झंडा, जानें इसके चांद-तारे का मतलब?
Who Designed Pakistan's National Flag : भारत की तरह पाकिस्तान का भी राष्ट्रीय ध्वज अपने आप में एक महत्वपूर्ण पहचान और इतिहास समेटे हुए है। जहां भारत ने 1947 के जुलाई में तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया, वहीं पाकिस्तान ने अपनी आजादी से महज तीन दिन पहले, यानी 11 अगस्त 1947 को अपने राष्ट्रीय झंडे को आधिकारिक मान्यता दी।
यह झंडा न केवल पाकिस्तान की इस्लामिक पहचान का प्रतीक है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत, धर्मनिरपेक्षता और एकता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

मुस्लिम लीग के ध्वज से प्रेरणा
पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज मूल रूप से ऑल-इंडिया मुस्लिम लीग के ध्वज से प्रेरित था। इस झंडे का डिजाइन सैयद अमीरूद्दीन ने तैयार किया और पाकिस्तान की संवैधानिक सभा ने इसे मंजूरी दी। झंडे के गहरे हरे रंग का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम बहुल आबादी को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाना था।
हरे और सफेद रंग का महत्व
झंडे में हरा और सफेद रंग गहरी अर्थपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हरा रंग : इस्लामिक परंपराओं और मुस्लिम बहुल समाज का सम्मान करता है। यह पाकिस्तान की धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों का प्रतीक है।
सफेद पट्टी : झंडे के बाईं ओर सफेद रंग की पट्टी पाकिस्तान में मौजूद धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके अधिकारों की सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रंग देश की विविधता और समावेशिता का भी प्रतीक है।
हरे हिस्से में अर्धचंद्र (चांद) और पांच नुकीला सितारा मौजूद है।
चाँद : प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।
सितारा : प्रकाश और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। इस प्रकार झंडा पाकिस्तान की आशाओं और महत्वाकांक्षाओं को व्यक्त करता है।
चांद और सितारे का इस्लामी महत्व
अर्धचंद्र और सितारा इस्लामी दुनिया में व्यापक रूप से पहचाने जाने वाले प्रतीक हैं। पाकिस्तान के संदर्भ में यह केवल धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि विकास, प्रबोधन और भविष्य की आशाओं को भी दर्शाते हैं। यह संकेत देता है कि पाकिस्तान हमेशा प्रगति और ज्ञान की राह पर अग्रसर रहेगा।
दिल्ली के दर्जी ने किया था पाकिस्तान का झंडा तैयार
संविधान सभा से झंडे को मंजूरी मिलने के बाद, शुरुआती राष्ट्रीय झंडे दिल्ली के दर्जी अफजल हुसैन द्वारा कथित रूप से कराची में तैयार किए गए। स्वतंत्रता से पहले हुसैन दिल्ली में मुस्लिम लीग के ध्वज बनाते थे। उनके योगदान के लिए उन्हें पाकिस्तान में 'बाबा ए परचम' के नाम से जाना गया। हालांकि उनकी मृत्यु गुमनामी में हुई, बाद में राष्ट्रपति जिया उल हक ने उन्हें 'प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस' अवार्ड से सम्मानित किया।
माउंटबेटन के सुझाव को जिन्ना ने कर दिया था इंकार
आजादी के समय ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने पाकिस्तान के झंडे में यूनियन जैक को शामिल करने का सुझाव दिया था। हालांकि, मोहम्मद अली जिन्ना ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि पाकिस्तान का झंडा पूरी तरह देश की अपनी पहचान और इस्लामिक विरासत को दर्शाएगा।



Click it and Unblock the Notifications
