Latest Updates
-
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासू मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत
क्या आप जानते हैं दिल्ली के दर्जी ने बनाया था पाकिस्तान का पहला झंडा, जानें इसके चांद-तारे का मतलब?
Who Designed Pakistan's National Flag : भारत की तरह पाकिस्तान का भी राष्ट्रीय ध्वज अपने आप में एक महत्वपूर्ण पहचान और इतिहास समेटे हुए है। जहां भारत ने 1947 के जुलाई में तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया, वहीं पाकिस्तान ने अपनी आजादी से महज तीन दिन पहले, यानी 11 अगस्त 1947 को अपने राष्ट्रीय झंडे को आधिकारिक मान्यता दी।
यह झंडा न केवल पाकिस्तान की इस्लामिक पहचान का प्रतीक है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक विरासत, धर्मनिरपेक्षता और एकता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

मुस्लिम लीग के ध्वज से प्रेरणा
पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज मूल रूप से ऑल-इंडिया मुस्लिम लीग के ध्वज से प्रेरित था। इस झंडे का डिजाइन सैयद अमीरूद्दीन ने तैयार किया और पाकिस्तान की संवैधानिक सभा ने इसे मंजूरी दी। झंडे के गहरे हरे रंग का मुख्य उद्देश्य मुस्लिम बहुल आबादी को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाना था।
हरे और सफेद रंग का महत्व
झंडे में हरा और सफेद रंग गहरी अर्थपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हरा रंग : इस्लामिक परंपराओं और मुस्लिम बहुल समाज का सम्मान करता है। यह पाकिस्तान की धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों का प्रतीक है।
सफेद पट्टी : झंडे के बाईं ओर सफेद रंग की पट्टी पाकिस्तान में मौजूद धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके अधिकारों की सुरक्षा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह रंग देश की विविधता और समावेशिता का भी प्रतीक है।
हरे हिस्से में अर्धचंद्र (चांद) और पांच नुकीला सितारा मौजूद है।
चाँद : प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है।
सितारा : प्रकाश और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। इस प्रकार झंडा पाकिस्तान की आशाओं और महत्वाकांक्षाओं को व्यक्त करता है।
चांद और सितारे का इस्लामी महत्व
अर्धचंद्र और सितारा इस्लामी दुनिया में व्यापक रूप से पहचाने जाने वाले प्रतीक हैं। पाकिस्तान के संदर्भ में यह केवल धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि विकास, प्रबोधन और भविष्य की आशाओं को भी दर्शाते हैं। यह संकेत देता है कि पाकिस्तान हमेशा प्रगति और ज्ञान की राह पर अग्रसर रहेगा।
दिल्ली के दर्जी ने किया था पाकिस्तान का झंडा तैयार
संविधान सभा से झंडे को मंजूरी मिलने के बाद, शुरुआती राष्ट्रीय झंडे दिल्ली के दर्जी अफजल हुसैन द्वारा कथित रूप से कराची में तैयार किए गए। स्वतंत्रता से पहले हुसैन दिल्ली में मुस्लिम लीग के ध्वज बनाते थे। उनके योगदान के लिए उन्हें पाकिस्तान में 'बाबा ए परचम' के नाम से जाना गया। हालांकि उनकी मृत्यु गुमनामी में हुई, बाद में राष्ट्रपति जिया उल हक ने उन्हें 'प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस' अवार्ड से सम्मानित किया।
माउंटबेटन के सुझाव को जिन्ना ने कर दिया था इंकार
आजादी के समय ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने पाकिस्तान के झंडे में यूनियन जैक को शामिल करने का सुझाव दिया था। हालांकि, मोहम्मद अली जिन्ना ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कर दिया कि पाकिस्तान का झंडा पूरी तरह देश की अपनी पहचान और इस्लामिक विरासत को दर्शाएगा।



Click it and Unblock the Notifications











