Latest Updates
-
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
85 साल उम्र, रामलल्ला के लिए 31 साल से मौन, कौन हैं मौनी माता जो 22 जनवरी को तोड़ेंगी व्रत
Who is Saraswati Devi Lord Ram devotee : अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम के लिए देशभर में उत्साह है। अब राम मंदिर निर्माण को लेकर कई कहानियां भी सामने आ रही हैं। झारखंड की 85 वर्षीय बुजुर्ग सरस्वती देवी बीते 31 साल से मौन व्रत ली हुई हैं।
अब जब सरस्वती देवी का सपना पूरा होने जा रहा है तो वो इस ऐतिहासिक पल की साक्षी बनते हुए 22 जनवरी को तीन दशक से जारी अपना 'मौन व्रत' तोड़ देंगी।

मौनी माता के नाम से मशहूर हैं
सरस्वती देवी के परिजन बताते हैं कि अयोध्या में वे मौनी माता के नाम से मशहूर हैं। हम लोगों से वे इशारों में बात करती हैं। कोई कठिन बात कहनी हो तो लिखकर बताती हैं।
परिवारवालों ने ये भी बताया कि 1992 से 2020 तक वे दोपहर में एक घंटा बोलती थीं। जिस दिन (5 अगस्त 2020) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर की नींव रखी, तब से वे पूरी तरह मौन हैं।
1992 से धारण किया मौन
सरस्वती देवी के 55 साल के बेटे राम अग्रवाल कहते हैं- 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाने के दिन मां ने प्रण लिया कि जब तक राम मंदिर बनकर तैयार नहीं हो जाएगा, तब तक मौन रहेंगी। जब से मंदिर के उद्घाटन की तारीख की घोषणा हुई है, तब से वह बेहद खुश हैं।
पति की मुत्यु के बाद राम लल्ला को जीवन किया समर्पित
परिवार के सदस्यों ने कहा कि चार बेटियों सहित आठ बच्चों की मां देवी ने 1986 में अपने पति देवकीनंदन अग्रवाल की मृत्यु के बाद अपना जीवन भगवान राम को समर्पित कर दिया और अपना अधिकांश समय तीर्थयात्राओं में बिताया।
22 जनवरी तोड़ेंगी मौन व्रत
8 जनवरी की रात को सरस्वती देवी धनबाद से गंगा-सतलुज एक्सप्रेस से अयोध्या के लिए निकल चुकी हैं। 22 जनवरी को वे मौन व्रत तोड़ेंगी।



Click it and Unblock the Notifications