Latest Updates
-
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा -
सूरज की तपिश से काला पड़ गया है चेहरा? इन 3 देसी नुस्खों से हटाएं जिद्दी सन टैन -
क्या बारिश से हुए नुकसान पर सरकार और इंश्योरेंस कंपनी से मिलता है मुआवजा? हां, तो जानें कैसे करें क्लेम? -
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी
जानें कौन हैं हरीश राणा के सिरहाने बैठी वो महिला? जिनके ममतामयी शब्दों ने आखिरी सफर को बनाया अमर
Harish Rana Viral Video: मृत्यु का सन्नाटा अक्सर डरावना होता है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 32 वर्षीय हरीश राणा के आखिरी पलों के वीडियो ने इस धारणा को बदल दिया है। 13 साल तक बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद, जब हरीश 'इच्छामृत्यु' (Euthanasia) के जरिए शांति की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके सिरहाने बैठी एक महिला ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। माथे पर चंदन का तिलक, आंखों में ममता और जुबान पर "सबको माफ करते हुए जाओ..." जैसे शब्द।
इस वीडियो ने न केवल लोगों की आंखों में आंसू ला दिए, बल्कि उस रूहानी विदाई को अमर कर दिया जिसे देखकर हर कोई पूछ रहा है आखिर कौन हैं ये महिला, जिन्होंने मौत के मुहाने पर खड़े हरीश राणा को मुक्ति का पाठ पढ़ाया?

कौन हैं हरीश के सिरहाने बैठी 'सिस्टर लवली'?
वायरल वीडियो में दिख रही सफेद लिबास वाली यह महिला कोई साधारण परिचित नहीं, बल्कि ब्रह्माकुमारीज (Brahma Kumaris) आध्यात्मिक केंद्र की स्पिरिचुअल लीडर सिस्टर लवली दीदी हैं। जब चिकित्सा विज्ञान हार गया और हरीश ने गरिमापूर्ण मृत्यु का चुनाव किया, तब सिस्टर लवली ने एक बड़ी बहन और आध्यात्मिक गुरु की भूमिका निभाते हुए उन्हें उस अंतिम सफर के लिए तैयार किया।
"सबको माफ कर देना...": इन 22 सेकंड्स में छिपा है जीवन का सार
अंतिम विदाई के समय सिस्टर लवली के शब्द, "सबको माफ करते हुए जाना और सबसे माफी मांगते हुए जाना," इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गए हैं। इन शब्दों के पीछे का मकसद हरीश की आत्मा को सांसारिक बोझ, नफरत और शिकायतों से आजाद करना था। यह मौत का मातम नहीं, बल्कि एक रूह को पवित्रता के साथ परमात्मा में विलीन करने की प्रक्रिया थी।
13 साल का दर्द और आंखों की वो आखिरी चमक
हरीश राणा की कहानी संघर्ष की पराकाष्ठा है। 13 साल तक शारीरिक कष्ट झेलने के बाद, जब वह बोल पाने में असमर्थ थे, तब भी सिस्टर लवली की बातों पर उनकी आंखों में आई चमक ने यह साबित कर दिया कि संवाद केवल शब्दों से नहीं, रूह से भी होता है। 22 सेकंड के इस वीडियो ने देश को सिखाया कि विदाई भी कितनी गरिमामयी और शांत हो सकती है।
ऐतिहासिक फैसला जो हो गया अमर
हरीश राणा की खबरें और रील इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। रुला देने वाली इन रील्स को देख कोई ही होगा जो अपने आंसू रोक पा रहा हो। एक माता-पिता का दर्द किया होता है जब वो अपने आप अपनी औलाद के लिए मौत मांगे। लेकिन हरीश के केस में ऐसा ही हुआ है। जी हां, 11 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने हरीश राणा को 'पैसिव इच्छामृत्यु' की अनुमति दी थी, जो भारत में अपनी तरह का पहला व्यावहारिक आदेश माना जा रहा है।
13 साल पहले चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में बी.टेक के छात्र रहे हरीश के साथ एक ऐसा हादसा हुआ जिसने न सिर्फ उन्हें जिंदा लाश बना दिया बल्कि पूरे परिवार को ही तोड़ दिया। अब 13 साल बाद पिता की गुहार और माता के दर्द को देख सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को इच्छा मृत्यु दे दी है।



Click it and Unblock the Notifications