Latest Updates
-
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा
Telangana Thalli : कौन हैं तेलंगाना थल्ली? जिनकी मूर्ति को लेकर तेलंगाना में हुआ विवाद?
Telangana Thalli : तेलंगाना में रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई है। राज्य की पहचान मानी जाने वाली 'तेलंगाना थल्ली' की नई मूर्ति का डिजाइन चर्चा और विरोध का कारण बन गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने आरोप लगाया कि सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से 'तेलंगाना थल्ली' की पारंपरिक छवि को बदलने की कोशिश की है।
रेवंत रेड्डी ने नई 'तेलंगाना थल्ली' प्रतिमा राज्य सचिवालय में लगवाने का निर्णय लिया है, जिसका लोकार्पण 9 दिसंबर को सोनिया गांधी के जन्मदिन पर किया जाएगा। बीजेपी और बीआरएस दोनों ने इसका विरोध किया है, आरोप लगाते हुए कि कांग्रेस सरकार तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान से छेड़छाड़ कर रही है। 'तेलंगाना थल्ली' राज्य के लिए प्रतीक है, जो राज्य की मातृभूमि और संस्कृति को दर्शाता है। नई मूर्ति की डिजाइन पुरानी छवि से अलग होने पर विवाद खडा हो गया है।

कौन हैं तेलंगाना थल्ली?
तेलंगाना थल्ली तेलंगाना के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक मूर्ति है, जिसे स्थानीय देवी के रूप में पूजा जाता है। तेलगू क्षेत्र में पहले से समृद्धि देने वाली देवी को आंध्र माता के नाम से जाना जाता था। जब तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हुआ, तो लोगों ने देवी का स्थानीय स्वरूप 'तेलंगाना थल्ली' दिया। आंदोलन के दौरान, लगभग सभी विरोध समूहों में इस प्रतिमा की तस्वीरें थीं, और राज्य की पहचान को लेकर देवी का हवाला दिया जाता था। इस प्रतिमा को सबसे पहले निर्मल जिले के बी वेंकटरमण ने डिजाइन किया था और 2003 में हैदराबाद में बीआरएस (तब टीआरएस) मुख्यालय में स्थापित किया गया था।
क्या है नई और पुरानी मूर्ति में अंतर
पुरानी 'तेलंगाना थल्ली' मूर्ति में मुकुट और एक हाथ में मक्का था, जो राज्य की समृद्धि का प्रतीक था। दूसरी ओर, उनके पास वथकम्मा कलश था, जो तेलंगाना के प्रमुख त्योहार का सांस्कृतिक प्रतीक है। मूर्ति को गुलाबी रेशम की साड़ी पहनाई गई थी, जो पोचमपल्ली के प्रसिद्ध रेशम का प्रतिनिधित्व करती थी। पैर की अंगूठियां विवाहित महिलाओं का प्रतीक थीं और करीमनगर के चांदी के आभूषणों को दर्शाती थीं। इसके अलावा, तेलंगाना थल्ली ने सोने का कमरबंद भी पहना था।
नई मूर्ति में मुकुट को हटा दिया गया है, वथकम्मा कलश भी नहीं है, और साड़ी का रंग हरा कर दिया गया है। इसके अलावा, नए डिजाइन में कमरबंद भी नहीं जोड़ा गया है, जिससे यह पुरानी मूर्ति से स्पष्ट रूप से अलग है।



Click it and Unblock the Notifications
