Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
क्या आप जानते हैं 14 नवंबर को ही क्यों मनाया जाता है बाल दिवस? जानें 5 दिलचस्प तथ्य, और इस खास दिन का इतिहास
Why Children's Day is Celebrated On 14 November: हर साल 14 नवंबर को भारत में बाल दिवस मनाया जाता है। इस दिन को पूरे देश में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। बच्चों के लिए ये दिन सबसे खास होता है क्योंकि ये दिन बच्चों के लिए ही होता है और स्कूल से लेकर कॉलेज तक में फंक्शन होते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब पूरी दुनिया 20 नवंबर को "Children's Day" मनाती है, तो भारत ने 14 नवंबर को ही क्यों चुना?
इस तारीख के पीछे छिपी है चाचा नेहरू और बच्चों के बीच का एक अनोखा रिश्ता, जिसने इस दिन को बचपन का सबसे प्यारा उत्सव बना दिया। आइए जानते हैं बाल दिवस का इतिहास और इस खास दिन से जुड़ी 5 दिलचस्प बातें।

क्यों मनाया जाता है बाल दिवस?
बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है। वे भारत के पहले प्रधानमंत्री थे और बच्चों से बहुत प्यार करते थे। बच्चे उन्हें स्नेह से "चाचा नेहरू" कहते थे। नेहरू जी का मानना था कि "आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं", इसलिए बच्चों को प्यार, शिक्षा और अच्छे संस्कार देना बहुत जरूरी है। उनके इसी प्यार और सोच के सम्मान में, उनके निधन के बाद उनके जन्मदिन को ही "बाल दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
इस दिन देशभर के स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल, और बच्चों के लिए विशेष आयोजन किए जाते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हर बच्चे को प्यार, शिक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।
पूरी दुनिया में 20 को तो भारत में 14 को क्यों?
बता दें कि पूरी दुनिया भर में बाल दिवस (Children's Day) हर साल 20 नवंबर को मनाया जाता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने बच्चों के अधिकारों और कल्याण के लिए समर्पित किया है। लेकिन भारत में यह दिन 14 नवंबर को मनाया जाता है। इसके पीछे की वजह है जवाहर लाल नेहरू, क्योंकि यह दिन हमारे पहले प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन है। नेहरू जी बच्चों से बेहद प्रेम करते थे और मानते थे कि "बच्चे देश का भविष्य हैं"।
बच्चे उन्हें स्नेहपूर्वक "चाचा नेहरू" कहकर बुलाते थे। नेहरू जी के निधन के बाद, उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया ताकि बच्चों के प्रति उनके प्रेम और सोच को याद किया जा सके। इस प्रकार जहां दुनिया 20 नवंबर को बच्चों के अधिकारों की बात करती है, वहीं भारत 14 नवंबर को बचपन और प्रेम का उत्सव मनाता है।
बाल दिवस मनाने के 5 कारण (5 Reasons to Celebrate Children's Day)
1. बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए
बाल दिवस हमें याद दिलाता है कि हर बच्चे को शिक्षा, प्यार, सुरक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए।
2. चाचा नेहरू के बच्चों के प्रति प्रेम को सम्मान देने के लिए
पंडित जवाहरलाल नेहरू जी बच्चों से बहुत स्नेह करते थे। उनके इसी प्रेम और विचारों की याद में उनका जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
3. बच्चों के महत्व को समझाने के लिए
यह दिन समाज को यह संदेश देता है कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनके विकास और शिक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।
4. बचपन की मासूमियत और खुशियों का उत्सव मनाने के लिए
बाल दिवस बच्चों की मुस्कान, खेल और रचनात्मकता को मनाने का दिन है। स्कूलों में विशेष कार्यक्रम, खेल-कूद और सांस्कृतिक आयोजन इसी भावना से किए जाते हैं।
5. समाज में बच्चों के प्रति संवेदना और प्रेम बढ़ाने के लिए
यह दिन हमें सिखाता है कि बच्चों के साथ प्यार, आदर और धैर्य से पेश आना चाहिए ताकि वे एक बेहतर इंसान बन सकें।
बाल दिवस के पीछे के 3 तथ्य
1. भारत में पहली बार बाल दिवस 14 नवंबर 1964 को यानी जवाहर लाल नेहरू के निधन के बाद मनाया गया।
2. बाल दिवस मनाने का उद्देश्य समाज में बाल श्रम, बाल अपराध और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना है।
3. बाल दिवस के दिन बच्चे स्कूलों में होने वाले प्रोग्राम में हिस्सा लेते हैं और देश के पहले प्रधानमंत्री के बारे में स्पीच देते हैं।



Click it and Unblock the Notifications