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पानी में तैरने वाला बर्फ का टुकड़ा शराब में क्यों डूब जाता है, जानिए इसके पीछे का लॉजिक
बर्फ के टुकड़े पानी में तैरते हैं, लेकिन शराब से भरे गिलास में गिरते ही डूब जाते हैं। कभी सोचा हैं ऐसा क्यों होता है। इसके पीछे एक विज्ञान है जिसके कारण बर्फ शराब में डालने पर डूब जाती है और पानी में तैरती रहती है। जानिए ऐसा क्यों होता है?
इसका उत्तर कक्षा 9 की फिजिक्स यानी भौतिक विज्ञान में ही मिल जाएगा। घनत्व के कारण बर्फ के टुकड़े पानी में तैरते हैं और शराब में डूब जाते हैं। विज्ञान कहता है कि किसी भी द्रव में वही चीज़ डूबती है जिसका घनत्व उस द्रव से अधिक होता है। पानी, शराब और बर्फ के मामले में भी यही नियम लागू होता है।

इसे ऐसे समझे
दरअसल बर्फ का तैरना और डूबना पूरी तरह से घनत्व पर निर्भर करता है। इसे आप इस तरह समझ सकते हैं, अल्कोहल का घनत्व 0.789 प्रति घन सेंटीमीटर और पानी का 1.0 प्रति घन सेंटीमीटर है। वहीं, बर्फ का घनत्व 0.917 घन सेंटीमीटर है। अर्थात बर्फ का घनत्व पानी से कम होता है, इसलिए बर्फ पानी पर तैरती है। परन्तु बर्फ का घनत्व अल्कोहल से ज्यादा होता है, इसलिए अल्कोहल में डुब जाती है।
घनत्व क्या है?
इसे एकदम सरल भाषा में समझें, तो घनत्व किसी भी पदार्थ केका माप है। इसमें किसी भी पदार्थ के कण आपस में कितनी मजबूती से जुड़े होते हैं। घनत्व की खोज महान वैज्ञानिक आर्किमिडीज ने की थी।
ये है थ्योरी
आर्किमिडीज के सिद्धांत में कहा गया है कि किसी भी वस्तु को पानी पर तैरने के लिए, वस्तु के वजन के बराबर पानी की मात्रा को विस्थापित करना होता है। ये हम सब जानते है कि ठोस वस्तु में तरल पदार्थ की तुलना में अधिक घनत्व होता हैं। ठोस वस्तु में अणु एक-दूसरे के साथ अधिक निकटतापूर्वक बंधे होते हैं, जिसकी वजह से ये कठोर होते है और उनमें वजन भी अधिक होता है।
वैसे आपको बता दें कि 9वीं कक्षा के इस सवाल कई प्रतियोगी परीक्षाओं के इंटरव्यू में भी उम्मीदवारों से पूछा जाता है।



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