टूथब्रश के ब्रिसल्स में क्यों होते हैं दो अलग-अलग रंग, कभी सोचा है!

हर व्यक्ति को अपने ओरल हाइजीन का खासतौर पर ख्याल रखना चाहिए। यह एक छोटी लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि सुबह उठते के साथ ही हम ब्रश करते हैं। यहां तक कि रात को सोने से पहले भी ब्रश करने की सलाह दी जाती है। जब आप टूथब्रश करते हैं तो आपने यह जरूर नोटिस किया होगा कि टूथब्रश के ब्रिसल्स पर दो अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। अक्सर हम यह सोचते हैं कि यह डिजाइन को और भी ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए किया जाता है। बस यही सोचकर हम उन रंगों को नजरअंदाज करते हैं।

लेकिन अगर आप ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि हर ब्रांड के टूथब्रश के ब्रिसल्स में दो अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए यह सिर्फ डिजाइन से ही जुड़ा नहीं है।

Why Toothbrush Have Two Different Colors

इसके पीछे की वजह बेहद खास है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको इन दो रंगों के ब्रिसल्स के पीछे के अमेजिंग फैक्ट के बारे में विस्तार से बता रहे हैं-

टूथब्रश के ब्रिसल्स में दो रंग क्यों होते हैं?

अगर आप यह सोचते हैं कि टूथब्रश के ब्रिसल्स में दो रंगों का इस्तेमाल सिर्फ डिजाइन के लिए किया जाता है, तो आप गलत हैं। यह आइडिया वास्तव में टूथपेस्ट की बर्बादी को रोकने के लिए इस्तेमाल किया गया। आमतौर पर लोग अपने पूरे टूथब्रश पर टूथपेस्ट लगा देते हैं, जो वास्तव में टूथपेस्ट की बर्बादी ही है। दांतों को साफ करने के लिए वास्तव में इतने टूथपेस्ट की जरूरत नहीं होती है। आपका केवल उतना ही टूथपेस्ट इस्तेमाल करना चाहिए, जितना ब्रश का ऊपरी रंग वाला हिस्सा होता है। यह अलग-अलग रंग लोगों को यह समझाता है कि उन्हें यहां पर टूथपेस्ट लगाना है।

बच्चों के टूथब्रश के ब्रिसल्स पर भी होते हैं दो रंग

बड़ां की ही तरह बच्चों के टूथब्रश पर भी दो अलग-अलग रंगों के ब्रिसल्स का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, बच्चों के टूथब्रश पर इन रंगों का इस्तेमाल अलग तरह से किया जात है। बच्चों के ब्रश के ब्रिसल्स में जो अलग रंग होते हैं, उन्हें ऊपरी हिस्से में नहीं, बल्कि बीच में बनाया जाता है। बच्चों के टूथब्रश के ब्रिसल्स को इसलिए डिजाइन किया जाता है, क्योंकि अगर बच्चे कोने में टूथपेस्ट लगाएंगे तो उसके ब्रश से बाहर गिरने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में उनके ब्रश में टूथपेस्ट को बीच में लगाने के लिए अलग रंग को बीच में रखा जाता है।

टूथब्रश से जुड़े कुछ अमेजिंग फैक्ट्स

टूथब्रश के दो अलग-अलग रंगों के पीछे की कहानी तो आपने जान ली। अब हम आपको टूथब्रश से जुड़े कुछ अन्य अमेजिंग फैक्ट्स के बारे में बता रहे हैं। मसलन-

• आपको अपने टूथब्रश को हर तीन महीने में बदल देना चाहिए। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन भी हर तीन से चार महीने में टूथब्रश बदलने की सलाह देता है। घिसा हुआ टूथब्रश दांतों की सफाई उतना प्रभावी तरीके से नहीं करता है।

• टूथब्रश को हम सभी बाथरूम में रखते हैं लेकिन इसे शौचालय के नज़दीक नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से उसमें बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिसमें फेकल कोलीफॉर्म भी शामिल है। हमेशा उसे उपयोग के बाद उन्हें अच्छी तरह से धोना चाहिए और हवा में सूखने के लिए सीधा रखना चाहिए।

• आपको शायद पता ना हो, लेकिन अंतरिक्ष यात्री भी अंतरिक्ष में ओरल हाइजीन बनाए रखने के लिए भी टूथब्रश का उपयोग करते हैं। यहां तक कि नासा ने एक मोडिफाई टूथब्रश विकसित किया है जो अंतरिक्ष यात्रियों को कुल्ला करने के लिए पानी की आवश्यकता के बिना अपने दांत साफ करने में मदद करता है।

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