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World Elder Abuse Awareness Day 2026: 15 जून को क्यों मनाया जाता है विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस?
World Elder Abuse Awareness Day 2026: उम्र बढ़ने के साथ लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत अपने परिवार के साथ, सम्मान और सुरक्षा की होती है। हालांकि, कई बुजुर्ग ऐसे भी हैं जिन्हें उपेक्षा, अपमान, आर्थिक शोषण या मानसिक प्रताड़ना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह केवल एक पारिवारिक नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय है। इसी मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने और बुजुर्गों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 15 जून को विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस (World Elder Abuse Awareness Day) मनाया जाता है। यह दिन समाज को यह संदेश देता है कि बुजुर्गों के साथ गरिमा, सम्मान और संवेदनशीलता का व्यवहार किया जाना चाहिए।

एल्डर एब्यूज क्या है?
एल्डर एब्यूज यानी बुजुर्गों के साथ किसी भी तरह का ऐसा व्यवहार, जिससे उन्हें शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक या आर्थिक नुकसान पहुंचे। यह समस्या केवल हिंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि उपेक्षा, अपमान, सामाजिक अलगाव और संपत्ति या पैसों के दुरुपयोग को भी इसमें शामिल किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बुजुर्गों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार अक्सर घर और परिवार के भीतर ही सामने आता है।
15 जून को क्यों मनाया जाता है एल्डर एब्यूज डे?
विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस का उद्देश्य लोगों को इस गंभीर सामाजिक मुद्दे के प्रति जागरूक करना है। हर साल 15 जून को विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों के माध्यम से बुजुर्गों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के बारे में जानकारी दी जाती है। यह दिन समाज को बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश भी देता है।
बुजुर्गों पर पड़ता है गहरा प्रभाव
दुर्व्यवहार का असर बुजुर्गों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक जीवन पर भी पड़ता है। इससे वे तनाव, अकेलेपन, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना कर सकते हैं। कई मामलों में उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित होता है और वे खुद को समाज से अलग-थलग महसूस करने लगते हैं।
समाज और परिवार की अहम भूमिका
बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उनके अनुभवों का सम्मान करना, उनकी बातों को महत्व देना और जरूरत के समय उनका साथ देना एक स्वस्थ समाज की पहचान है। बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना उनके जीवन को बेहतर बना सकती है।
जागरूकता और सम्मान का संदेश
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। एक ऐसा समाज, जहां वरिष्ठ नागरिक खुद को सुरक्षित, सम्मानित और मूल्यवान महसूस करें, वही वास्तव में संवेदनशील और प्रगतिशील समाज कहलाता है।



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