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जहर देकर की गई थी मारने की कोशिश, अब तक 2 हजार से ज्यादा बाल विवाह रूकवाकर बचा रहीं बच्चियों का बचपन
Women's day 2025: जोधपुर की डॉ. कृति भारती बाल विवाह के खिलाफ उनकी लड़ाई ने न केवल भारत बल्कि विश्वभर में उन्हें पहचान दिलाई है। डॉ. कृति, जो विश्व की 100 प्रभावशाली महिलाओं में शामिल हो चुकी हैं, ने अब तक 50 से अधिक बाल विवाह निरस्त करवाए हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2,000 से अधिक बाल विवाह रुकवाने और 21,000 से अधिक महिलाओं के पुनर्वास का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। जोधपुर की इस बेटी ने अपने संघर्ष और समर्पण से महिला सशक्तिकरण की मिसाल कायम की है, जिससे वे न केवल देश में बल्कि दुनियाभर में प्रेरणा का स्रोत बनी गई हैं। महिला दिवस के मौके पर जानते हैं डॉ. कृति की प्रेरणादायक सफर के बारे में।

संघर्षों से भरा रहा बचपन
डॉ. कृति भारती का बचपन संघर्षों से भरा रहा। उनके जन्म से पहले ही उनके पिता ने उनकी मां का साथ छोड़ दिया था। बचपन में ही उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जब कृति मात्र दस वर्ष की थीं, तब एक रिश्तेदार ने उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की। इस हमले के बाद उनकी हालत इतनी गंभीर हो गई कि वे बिस्तर पर पड़ गईं और हिल-डुल भी नहीं सकती थीं।
इसी कठिन दौर में उनका संपर्क भीलवाड़ा के एक गुरु से हुआ, जिन्होंने उन्हें रैकी थेरेपी सिखाई। इस थेरेपी से उन्हें काफी राहत मिली और धीरे-धीरे उनकी सेहत में सुधार हुआ। पूरी तरह ठीक होने में उन्हें लगभग दो साल लगे। स्वस्थ होने के बाद कृति ने अपनी पढ़ाई पूरी की और आगे चलकर समाज सेवा के क्षेत्र में कदम रखा, जिससे वे महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गईं।
सारथी ट्रस्ट की स्थापना कर छेड़ी मुहिम
डॉ. कृति भारती ने वर्ष 2011-12 में जोधपुर में सारथी ट्रस्ट की स्थापना की, जो बाल विवाह मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। उनके प्रयासों से साल 2012 में भारत का पहला बाल विवाह निरस्त हुआ। उनके इस अभूतपूर्व कार्य के कारण उनका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया सहित सात विभिन्न रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।
डॉ. कृति की इस मुहिम को सीबीएसई (CBSE) पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया, जिससे यह संदेश अधिक प्रभावी रूप से बच्चों तक पहुंच सके। उन्होंने अब तक 25,000 से अधिक ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलवाई है। साथ ही, उन्होंने 25,000 से अधिक बच्चों और महिलाओं का पुनर्वास भी किया है। उनके ये प्रयास समाज में बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए हैं।
बालिका वधू की रह चुकी है ब्रांड एंबेसडर
कृति छोटे परदे के मशहूर धारावाहिक 'बालिका वधू' की दोनों सीजन में ब्रांड अंबेसडर रह चुकी हैं। पहला बाल विवाह निरस्त कराने के बाद कृति को कलर चैनल की तरफ से भी सम्मानित किया जा चुका है।
विश्व स्तर पर सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता
डॉ. कृति भारती की बाल विवाह निरस्त करने की साहसिक मुहिम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्हें इंदिरा शक्ति पुरस्कार, विमेन ऑफ द फ्यूचर अवॉर्ड, गरिमा बालिका संरक्षण अवॉर्ड जैसे प्रतिष्ठित सम्मान मिले हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, उन्हें जेनेवा, स्विट्जरलैंड में ह्यूमन राइट्स अवॉर्ड मिला, जबकि दिल्ली बाल आयोग ने उन्हें चिल्ड्रन चैंपियन अवॉर्ड से नवाजा। राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने तीन दिन में बाल विवाह निरस्त करवाने पर विशेष सम्मान दिया। बीबीसी भी ने उन्हें 100 प्रेरणादायक महिलाओं की सूची में शामिल कर चुका है।
डॉ. कृति भारती मानती हैं कि बालिकाओं के शोषण का अंत कर ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है। केवल पूजन की परंपरा निभाने से नहीं, बल्कि वास्तविक सशक्तिकरण से बालिकाओं को मजबूत बनाना जरूरी है। इससे वे बाल विवाह, घरेलू हिंसा, लैंगिक शोषण और छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज उठा सकेंगी और अपने अधिकारों के लिए खुद लड़ने में सक्षम होंगी।



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