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Baby Care In Monsoon : मानसून में बढ़ जाता है डायपर रैश का खतरा, 5 तरीकों से बेबी की स्किन रखे रैश फ्री
अक्सर न्यू पेरेंट्स बारिश के दिनों में इस बात से परेशान हो जाते हैं कि बेबी के डायपर एरिया यानी प्राइवेट एरिया में इतना ज्यादा रैश क्यों हो रहे हैं? दरअसल, आपको बता दें कि मानसून के दौरान डायपर रैशेज का खतरा बढ़ जाता है। बच्चे की स्किन बेहद सेंसिटिव होती है, जिससे बच्चों में तेजी से रैशेज हो सकते हैं।
ये रैशेज काफी चुभन पैदा करते हैं और बेबी कंफर्टेबल महसूस नहीं करता है। ऐसे में वे बहुत परेशान होकर रोने लगता है। यहां हम बता रहे हैं कि आप मानसून में होने वाले डायपर रैशेज से स्किन को किस तरह बचा सकते हैं।

मानसून में डायपर रैशेज से बचने के और असरदार तरीके
अच्छे से साफ करें
जब भी बेबी का डायपर चेंज करे, तो पहले बेबी की त्वचा को हल्के गुनगुने पानी से धो दें और अच्छी तरह से पोंछने के बाद ही न्यू डायपर पहनाएं।
बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाव
अगर डायपर एरिया में रैश जैसा हो रहा है तो बच्चे को इनसे छुटकारा दिलाने के लिए त्वचा को बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन से बचाएं। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह पर नेचुरल एंटीसेप्टिक क्रीम या एंटी फंगल क्रीम का उपयोग करें।
लाइट वेट वाले डायपर का यूज करें
बेबी की स्किन बहुत सॉफ्ट और सेंसेटिव होती है, इसलिए वेंटिलेशन वाला अच्छी क्वालिटी के डायपर ही हमेशा चुनें। इससे स्किन गर्म या नम नहीं होगी।
फ्री टाइम भी दे
बच्चे को पूरे दिन डायपर में रखने से बचें। जरूरी न हो तो बच्चे को डायपर फ्री रखें। जिससे बेबी की त्वचा को हवा लग सकें और प्रॉपर वेंटिलेशन मिल सकें।
सूती कपड़े ही पहनाएं
बच्चों को हमेशा कॉटन के कपड़े ही पहनाएं ताकि मानसून में जर्म्स और बैक्टीरिया की प्रॉब्लम न हो सकें। मोटे या सिंथेटिक कपड़ों की वजह से बच्चों में रैश बढ़ सकता है और बच्चा परेशान हो सकता है।



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