प्रीमेच्‍योर बच्‍चे पड़ते हैं ज्‍यादा बीमार

Premature Babies Fall More Sick
इम्‍यूनिटी कमजोर होने से बीमार होते हैं बच्‍चे

एक शोध में सामने आया है कि समय से कुछ सप्‍ताह से पहले पैदा होने वाले बच्‍चों को बाकियों की तुलना में अधिक स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी मुश्‍किलें आती हैं। डॉक्‍टरों का कहना है कि इससे उस धारणा को चुनौती मिलती है कि 37 सप्‍ताह के बाद पैदा होने वाले सभी बच्‍चों की जिंदगी बाकी बच्‍चों की ही तरह होती है।

खराब सेहत का प्रमाण

एक अध्‍ययन में पांच साल से कम उम्र के 14,000 बच्‍चों को लिया गया। इस अध्‍ययन में इन बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी विवरणों को देखा गया जैसे कि कब और कितनी बार वह अस्‍पताल में भर्ती हुए और क्‍या उन्‍हें अस्‍थमा जैसी बीमारियां हुईं। इससे पहले के अध्‍ययनों में 32 सप्‍ताह से पूर्व जन्‍में बच्‍चों पर केंद्रित किया गया। समय पूर्व बच्‍चों का वजन निर्धारित मानक से कम होता है, इस वजह से उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वे अधिक बीमार पड़ते हैं और मौसम में जरा सा भी उतार-चढ़ाव होते ही बीमार पड़ जाते हैं।

ध्‍यान देना जरुरी

इस अध्‍ययन में सामने आया है कि इसके बाद जन्‍में बच्‍चों पर भी ध्‍यान देना आवश्‍यक है। इसमें पाया गया कि 39 सप्‍ताह से पहले पैदा हुए बच्‍चों को पांच साल तक की उम्र तक अधिक बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जितनी जल्‍दी बच्‍चों का जनम होता है, उतनी ही अधिक समस्‍या। उदाहराण के तौर पर समय पर जन्‍में 15 प्रतिशत बच्‍चों को अस्‍थमा जैसी बीमारी होती है लेकिन कुछ ही सप्‍ताह पहले पैदा हुए बच्‍चों में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत पहुंच जाता है। उनके अस्‍पताल जाने की संभावना भी अधिक होती है।

Story first published: Friday, March 30, 2012, 10:25 [IST]
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