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बच्चों को अकेले क्यों सोने देना चाहिए?
यह एक बहस का विषय है, इस बारे में विभिन्न लोगों की अलग-अलग राय है| लेकिन इसका सबसे अच्छा समाधान है इस बात को जानना कि पेरेंट्स और और बच्चों के लिए क्या सही है| इसके कई तरीके हैं - बच्चे या तो माता - पिता के साथ उनके बैड पर सो सकते हैं या उनके बैड के पास ही अपनी अलग चारपाई पर सो सकते हैं या अपने अलग कमरे में सो सकते हैं| बच्चा कहाँ सोता है इस पर उसका विकास निर्भर करता है|
इस बारे में पूरा निर्णय पेरेंट्स को ही लेना है| आपको बहुत धैर्य चाहिए जब तक कि आपका बच्चा अकेले सोने लायक हो| आप धीरे -धीरे इस दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं|
बच्चे के अपने बैड पर सोने के फायदे और नुकसान दोनों हैं| इस बारे में निर्णय लेने से पहले इन विकल्पों की समीक्षा कर लें| अकेले सोने के लिए दूसरी जो चीज महत्वपूर्ण है वो है उम्र| हम आपको कुछ कारण बता रहे हैं जिनसे बच्चे को अपने बैड पर अकेले ही सोना चाहिए|

एसआईडीएस
सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम (अचानक शिशु मृत्यु) एक मुख्य कारण है जिससे बच्चे को अकेले सोने के लिए प्रेरित करना चाहिए| जो बच्चे पेरेंट्स के साथ सोते हैं उनमें यह स्थिति ज्यादा पाई जाती है| कई कारण हैं जो एसआईडीएस के लिए जिम्मेदार हैं| कम्बल और बेडशीट जो आप इस्तेमाल करते है और कभी कभार तो आपके हाथ ही एसआईडीएस जैसी स्थिति पैदा करने के लिए काफी हैं|

अपने आपको शांत करना
यह सबसे बड़ा कारण है कि बच्चो को अकेला सोना चाहिए ताकि उन्हें अपने आपको शांत करने की आदत पड़ जाए| जब वे पेरेंट्स के साथ सोते हैं तो नींद में अचानक उठ जाने पर पेरेंट्स उन्हें शांत करते हैं| पेरेंट्स के लिए यह परेशानी भरा होता है खास तौर पर जब बच्चा थोड़ा बड़ा हो जाता है और ऐसे बच्चे में आत्म- विश्वास की भी कमी होती है|

आत्म-विश्वास बढ़ाना
आत्म विश्वास बढ़ने के लिए बच्चों का अकेला सोना जरूरी है| ऐसा होने पर वे आपके बिना भी अच्छे से और जल्दी सो जाएंगे| लेकिन यह सलाह दी जाती है कि बच्चों को अकेले छोड़ने से पहले उनकी सुरक्षा स्थिति को ठीक से देख लें|

आत्मीयता
हालांकि जब आप बच्चे को अपने से थोड़ा दूर करते हैं तो हो सकता है आपके प्रति उनका लगाव थोड़ा काम हो जाए| यह थोड़ा मुश्किल भरा है लेकिन थोड़े दिन बाद आपको लगेंगे कि यह सही है क्यों कि बच्चा आपके बिना भी रह पायेगा| यह एक कारण है जिससे बच्चे को अकेले अपने बैड पर सोने देना चाहिए|

आपके आपसी रिश्ते के लिए
यदि बच्चा आपके साथ ही रहेगा तो आप एक दूसरी को समय ही नहीं दे पाएंगे| इसलिए बच्चे को अकेले सोने देना चाहिए| 4 से 6 सप्ताह बाद बच्चे को अपने अलग बैड पर सुलाने में कोई परेशानी नहीं है| आप बच्चे को 5 से 6 माह तक अपने पास सुला सकते हैं इसके बाद उसे अपने बैड पर सुला सकते हैं|
बहुत से विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चे को अकेले सोने देने से उसमे आत्म निर्भरता और आत्म विश्वास पैदा होता है|



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