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जानिये, शिशुओं को रोज़ाना नहलाने की जरुरत क्यूं नहीं पड़ती
बच्चों में आपने अक्सर एक बात गौर की होगी - वो है उनमें आने वाली महक। बच्चों में एक ख़ास तरह की महक आती है जिससे कई बार हम उन्हें बहुत ज्यादा किस और लव देते हैं।
बच्चों में आपने अक्सर एक बात गौर की होगी - वो है उनमें आने वाली महक। बच्चों में एक ख़ास तरह की महक आती है जिससे कई बार हम उन्हें बहुत ज्यादा किस और लव देते हैं।
कई लोगों का ये सवाल होता है कि क्या बच्चों को हर दिन नहलाने से उनमें आने वाली ये महक चली जाएगी। ऐसा नहीं है लेकिन बच्चों को प्रतिदिन नहलाना कितना जरूरी है आपको इस बारे में जानना ज्यादा आवश्यक है।
बच्चों के डॉक्टर्स का कहना है कि जब तक बच्चे अन्न नहीं खाते हैं और वो बाहर खेलने या जमीन पर चलने नहीं लगते हैं, तब तक आपको उन्हें हर दिन नहलाने की जरूरत नहीं पड़ती है। बच्चों को गंदगी मुक्त करने के लिए नहलाना बेहद जरूरी होता है ताकि इससे उन्हें कोई इंफेक्शन न हो।

अगर आपका बच्चा नहलाते हुए रोता है और आप उसे संभालने में परेशान हो जाती हैं तो शिशु होने तक आप उसे सिर्फ वाइप कर दें या गीले तौलिए से पोंछ दें। उसके मुँह और कूल्हे वाले हिस्से को अच्छे से साफ करें।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पेडियाड्रिक्स ने सलाह दी है कि बच्चों को हर दिन नहलाना चाहिए। इससे वो साफ और स्वच्छ रहते हैं, खासकर तब जब वो चलने लगें। इससे उनके शरीर पर जमा गंदगी और पसीना निकल जाता है।
शिशुओं की संवेदनशील त्वचा होती है- बच्चों को हर दिन नहलाने से उनकी त्वचा की नमी जा सकती है और इससे उनहें खुजली हो सकती है। इसलिए सही रहेगा कि आप छोटे बच्चों को हर दिन वाइप करें, न कि नहलाएं।
यदि मां चाहे तो बच्चे को स्पंज बाथ भी करवा सकती है। बगल और मुँह को सही से साफ करें और बाद में बच्चे को बेबी लोशन लगाएं। यदि नहलाना है कि हल्के गुनगुने पानी से नहलाएं।

यहां हम आपको बता रहे हैं बच्चों को कैसे नहलाएं:
- सबसे पहले बच्चे को नहलाने से सम्बंधी सभी सामान को एकत्रित कर लें। ताकि आपको बीच में बार-बार भाग कर न जाना पड़ें।
- सबसे पहले अपने बच्चे को एक फ्लैट सरफेस पर लिटा लें और उसे तौलिए से लपेट लें। ध्यान दें फर्श या सतह ठंडी न हो।
- अब एक हाथ से बेबी को हाथों में लें और एक हाथ से उसके सिर को हल्का सा गीला करें और बालों को नम कर दें।
- इसके बाद बालों में हल्का सा बेबी शैम्पू लगाएं और हल्के हाथों से साफ करें।
- बाद में एक तौलिया लें और उसे गीला करके बालों को पोंछ दें और फिर बालों को पानी से धुल दें। ऐसा करने से बच्चा देर तक पानी में नहीं भिगेगा और उसे सर्दी नहीं लगेगी।
- इसके बाद, आप बेबी का टॉवल खोल दें और उसे हल्के से पानी वाले टब में लिटाएं। पैरों की ओर से पानी में भिगोएं तो सही रहेगा।
- याद रखें कि पानी हल्का गुनगुना हो न कि ठंडा। अब बेबी को हल्के से नहलाएं और टॉवल से सोप लगाकर साफ करें। इसके बाद किसी साफ तौलिए से उसे साफ करें। बच्चे के कान, आंख, बगल और हिप्स को सावधानीपूर्वक साफ करें। कान में पानी न जा पाएं, इस बात का ध्यान रखें।
- जब बेबी के शरीर से साबुन निकल जाएं तो आप उसे किसी ब्लैंकट या तौलिए में लपेट लें।
- बाद में अच्छे से पोंछकर उसे मॉश्चराइजर लगा दें, ताकि त्वचा में सूखापन न आएं।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट सिफारिश करता है कि 6 से 11 साल के बच्चों को हर दिन नहलाना चाहिए। इससे उनके शरीर पर जमा गंदगी दूर हो जाती है और वो संक्रमण मुक्त रहते हैं। जरूरी नहीं है कि बच्चे को आप रगड़-रगड़ कर नहलाएं बस उन्हें साबुन से नहला दें।



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