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आपका बच्चा भी क्या रातभर जागता रहता है, तो इन ट्रिक्स को अपनाएं
रातभर नहीं सोना या नींद न आना, ये सिर्फ बड़ों की ही समस्या नहीं है। बच्चों में भी समस्या ज्यादा पाई जाती है। और नींद न आने की उनकी इस समस्या को पैरेंट्स को भी भुगतना पड़ता है। कई बार होता है कि कई कारणों से रातभर बच्चा सोता नहीं है। छोटे बच्चों के लिए तो गहरी नींद की आवश्यकता और भी ज्यादा अधिक होती है क्योंकि उनका दिमाग ठीक से विकसित नहीं हुआ होता और उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अच्छी नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अगर आपका बच्चा भी रातभर नहीं सोता है और उसे सुलाने के लिए रातभर जागना पड़ता है तो जानते है कुछ ऐसे ही कारगर उपाय, जिसकी वजह से बच्चें आराम से सो जाए।

सोने के नियम बनाएं
बच्चों को अच्छी नींद के लिए उनके सोने और उठने का समय निर्धारित करें। हालांकि आपके शिशु को इन नियमों को सीखने में कम से कम छह हफ्ते का समय लगेगा। लेकिन आप इन नियमों का पहले पालन करें तो बच्चा धीरे इनके नियम को फॉलो करने लगेगा।

मालिश करें
दोपहर के समय बच्चों को सुलाने से पहले उन्हें हल्के गर्म पानी से नहलाकर, मालिश करने से भी उन्हें बहुत अच्छी नींद आती है। क्योंकि मालिश करने से मांसपेशियां थक जाती है इसलिए बच्चों को नींद आने लगती है।

अलग तरीके से सुलाने की कोशिश करें
जब आप बच्चें को रात को दूध पिलाकर सुलाने की कोशिश करती है तो माहौल को थोड़ा शांत रखें। और कोशिश करें की रात और दोपहर को बच्चें को अलग-अलग तरीके से सुलाने की कोशिश करें। जिससे कि बच्चा दोपहर और रात में फर्क करना सीखेगा और समयानुसार बच्चा के शरीर भी समय के अंतर को समझते हुए ढ़लने लगेगा।

लिपटकर न सोएं
बच्चों से लिपट कर ना सोएं, वरना बच्चों को इसकी आदत हो जाती है और आपके हटते ही उनकी नींद टूट जाती है। अच्छा होगा कि आप अपने बच्चे को इस तरह की आदत ना डालें।

खुद सोने की आदत भी डलवाए
अगर आपका बच्चा छह से आठ महीनें का हो गया है तो उसे खुद भी सोने की आदत डालनी चाहिए। जब आपको लगे कि आपका बच्चा सोना चाहता है तो उसे पीठ के बल सुला दीजीए और आप बीच में दखल न दीजीए। बस बीच बीच में आकर देखते रहिए कि क्या वो सो गया है या नहीं।



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