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Drool Rashes In Baby: लार से भी हो सकते हैं बच्चों के चेहरे पर दाने और रैशेज, ऐसे रखें ख्याल
छोटे बच्चे अक्सर खाना खाने के बाद से थोड़ा बाहर निकालते हैं। इसके अलावा, जब बेबी का टीथिंग पीरियड चलता है, उस दौरान उनके मुंह से बहुत अधिक लार निकलती है। बच्चे के मुंह, गाल, ठुड्डी और उसके आसपास अत्यधिक लार त्वचा में जलन पैदा कर सकती है और फिर उस स्थान पर उन्हें दाने हो जाते हैं। जिसे ड्रूल रैश या स्पिटिंग रैश भी कहा जाता है। यह दाने ना केवल स्किन में अधिक रेडनेस पैदा करते हैं, बल्कि इससे स्किन में खुजली व दर्द भी हो सकता है। इसलिए बच्चे को यह समस्या ना हो, इसके लिए आपको पर्याप्त ध्यान देने की आवश्यकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम बच्चों का ड्रूल रैश से बचाव करने के कुछ आसान उपाय के बारे मे बता रहे हैं-

बेबी वाइप्स का करें इस्तेमाल
बच्चे का मुंह साफ करने के लिए आपको बेबी वाइप्स का इस्तेमाल करना चाहिए। आपको इसे हमेशा अपने बैग में रखना चाहिए, खासकर उस समय जब आप बच्चे के साथ यात्रा कर रहे हों। बाहर होने पर बच्चे के मुंह को साफ करने के लिए आपको बेबी वाइप्स का इस्तेमाल करना चाहिए, वहीं, अगर आप घर पर हैं तो ऐसे में गुनगुने पानी में एक साफ कपड़ा डिप करके उससे बच्चे के मुंह को साफ करें। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा।

भोजन के तुरंत बाद बच्चे का मुंह साफ करें
अगर आपका बच्चा 6 महीने से ऊपर का है, तो आपने उसे ठोस आहार देना शुरू कर दिया होगा। खाना खाते समय बच्चे की लार मुंह से निकल जाती है, इसलिए बच्चे को खाना खिलाने के तुरंत बाद आपको उसका मुंह साफ करना चाहिए। इससे रैशेज की समस्या नहीं होगी। अगर बच्चा 6 महीने से छोटा है, तो भी स्तनपान कराने के बाद आप बच्चे का मुंह गीले कपड़े से पोंछ लें। मुंह को साफ करने के लिए साफ सूती कपड़े का ही इस्तेमाल करें।

बच्चे के लिए बिब का इस्तेमाल करें
कुछ बच्चों के मुंह से अधिक लार निकलती है, जिससे उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं। इतना ही नहीं, लार के कारण रैशेज की समस्या शरीर के अन्य हिस्सों में भी हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए आपको बिब का इस्तेमाल करना चाहिए। बिब का उपयोग करने से तरल खाद्य पदार्थों के कारण होने वाले स्किन इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है और आपको बार-बार कपड़े बदलने की भी आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि, इस बात का ध्यान दें कि बच्चे का बिब हमेशा साफ ही इस्तेमाल करें। अगर वह गंदा हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें।

पेसिफायर का अधिक उपयोग ना करें
छोटे बच्चे के लिए अक्सर पेसिफायर का इस्तेमाल किया जाता है। यह उन्हें शांत करने का एक आसान तरीका है। लेकिन यहां आपको यह भी ध्यान देना चाहिए कि अत्यधिक पेसिफायर के कारण बच्चे के मुंह पर बार-बार लार लगती है और चकत्ते पड़ जाते हैं। कोशिश करें कि आप बच्चे को बहुत अधिक पेसिफायर प्रयोग न करने दें। जब बच्चा बहुत रोता है या नींद के समय बच्चे को शांत करने के लिए पेसिफायर दिया जा सकता है। इतना ही नहीं, पेसिफायर का इस्तेमाल करने से पहले उसे स्टरलाइज़ करना ना भूलें और हर बार उसे क्लीन अवश्य करें।

अगर मुंह के आसपास दाने हों तो क्या करें?
अगर इन उपायों को आजमाने के बाद भी बच्चे के मुंह के आसपास दाने हो गए हैं तो सबसे पहले डॉक्टर के पास जाएं वह आपको सही दवा या क्रीम बताएंगे। कभी भी आपको बच्चे की स्किन पर घरेलू नुस्खों को नहीं आजमाना चाहिए। यह उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है।
साथ ही बच्चे की त्वचा पर संक्रमण अधिक न फैले, इसके लिए समय-समय पर बच्चे के चेहरे को गीले कपड़े से साफ करते रहें।
अगर बच्चे के मुंह के आसपास दाने की समस्या 2 सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।



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