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बांझपन से मानसिक रूप से जूझने के तरीके
वर्तमान समय में बांझपन एक सामान्य समस्या है, यह कोई अभिशाप या शर्मिंदगी की बात नहीं है। यह एक शारीरिक समस्या है लेकिन कई लोग इस बात को नहीं समझते हैं और उन्हे यह समस्या होने पर वह चिंताग्रसित हो जाते हैं। हर साल हजारों कपल सिर्फ इसी कारण से बच्चे को जन्म देने में अक्षम हो जाते हैं।
इंफर्टिलिटी होने पर आप कभी भी परिवार की ओर से दबाव महसूस न करें और न ही खुद को दोषी ठहराएं। इसके लिए मानसिक रूप से दृढ रहें और कुछ विशेष बातों का ध्यान रखें, जो निम्न प्रकार हैं:

भावनाओं पर काबू रखें- कभी भी दूसरी गर्भव्ती महिला से जलन न करें, हमेशा उसे अच्छी विशेस दें। अपने दुख को खुलेआम जाहिर करने से बचें। मन में कोई बात हों, तो पार्टनर से कहें।
पार्टनर का साथ निभाएं: अगर आप सही है और आपके पार्टनर में यह दोष है तो उसे गिरी हुई निगाह से न देखें। उसके साथ व्यवहार में बदलाव न लाएं। READ:ये सब्जियां दूर करती हैं पुरुषों की इनफर्टिलिटी की समस्या
हेल्दी रिलेशन रखें: बांझपन का पता लगने के बाद लोगों के साथ अपने रिश्तों में बदलाव न लाएं। सभी को खुद के मां न बन पाने का कारण स्पष्ट कर दें ताकि कोई बार-बार सवाल न करें।

काम में मन लगाएं- खुद को व्यस्त रखना सीखें। इससे आप बुरी बातों को नहीं सोचगें और न ही खराब ख्याल मन में आएंगें।
पारदर्शी रहें- अपनी समस्या को परिवारजनों के साथ शेयर करें। इससे आपका दुख कम होगा और वह लोग आपका भावनात्मक रूप से साथ भी देगें।
पढे-लिखे वालो व्यवहार करें- खुद को बेकार न करें और न ही फालतू की बातों पर ध्यान दें। जो सच है उसे स्वीकारें। यह किसी के भी साथ हो सकता है।

सही निर्णय लें- अगर आपको संतान नहीं हो सकती है तो आप दूसरे अच्छे निर्णय भी ले सकती हैं, जैसे- बच्चे को गोद लेना या टेस्ट ट्यूब बेबी आदि।



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