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कैसे पड़ता है जीवनशैली का प्रभाव शुक्राणुओं की संख्या पर?
यह मुद्दा बात करने के लिए एक गंभीर विषय है: क्या आपकी जीवन शैली का प्रभाव आपके स्पर्म काउंट पर पड़ता है? जी हां, अवश्य पड़ता है। महिलाओं की ही नहीं बल्कि पुरूषों की प्रजनन क्षमता पर भी उनके रहन-सहन का असर पड़ता है। लेकिन लोग अक्सर इस बारे में बात करने से डरते हैं। हाल ही में एक शोध में यह परिणाम निकलकर सामने आएं हैं कि 2 मिली से ज्यादा स्पर्म होने पर उस पुरूष के स्पर्म काउंट को सामान्य माना जाता है। इससे न सिर्फ प्रजनन क्षमता अच्छी होती है बल्कि पुरूषों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
अगर किसी भी पुरूष में स्पर्म काउंट की मात्रा 2 मिली. से कम होती है तो उसके लिए चिंता का विषय है। ऐसे में अगर वह पुरूष स्मोकिंग करता है, तो उसे शीघ्र ही धूम्रपान से छुटकारा पा लेना चाहिए, वरना जल्दी ही उन्हे भारी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
शुक्राणुओं की संख्या (स्पर्म काउंट) बढा़ने के लिये टिप्स
वास्तविकता तो यह है कि पुरूष के शरीर में बनने वाला स्पर्म उनकी जीवनशैली से अप्रत्यक्ष रूप से बहुत ज्यादा प्रभावित होता है। क्या आप जानना चाहते हैं कि किस तरह आपकी जीवनशैली का प्रभाव आपके स्पर्मकाउंट पर पड़ता है तो जानिए :-

1. स्पर्म प्रोडक्शन में समस्या:
कई बार पुरूषों के शरीर में कोई दिक्कत होने पर स्पर्म कम मात्रा में बनते हैं, इसके पीछे बहुत बड़ा कारण धूम्रपान करना हो सकता है। हारमोन्स में असंतुलन भी इसकी बड़ी वजह हो सकता है। इसके लिए अपने फिजिशयन से सम्पर्क करें।

2. चोट या बीमारी:
टेस्टीकल्स में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर या कभी कोई चोट लगने पर भी स्पर्म बनने में कमी आ सकती है।

3. कुपोषण:
पुरूषों को बचपन में अच्छा भोजन न मिलने की दशा में भी स्पर्म कम बनते हैं। अगर शरीर में मिनरल जैसे- जिंक, पौटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम आदि की कमी है तो स्पर्म कम ही बनेंगे।

4. धूम्रपान:
धूम्रपान कोई आनुवांशिक गुण नहीं होता है इसलिए इसे आप छोड़ ही सकते हैं। अगर आपने कम आयु से ही सिगरेट आदि का सेवन करना शुरू कर दिया था, तो आपके स्पर्म काउंट पर काफी दुष्प्रभाव पड़ा है। अभी भी वक्त है धूम्रपान करना बंद कर दें।

5. तापमान सामान्य से अधिक:
यह बात मजाक लग सकती है लेकिन सच है। शरीर का तापमान सामान्य से ज्यादा होने पर भी स्पर्म काउंट पर असर पड़ता है। इसलिए ज्यादा गर्म पानी, स्टीम बाथ, सोना बाथ आदि से बचें। जांघ या गोद में लैपटॉप रखकर चलाने से बचें।

6. शराब:
जिस प्रकार धूम्रपान करना स्पर्म पर बुरा प्रभाव डालते हैं उसी प्रकार शराब भी स्पर्म काउंट को कम कर देती हैं। ये कोई कही सुनी बात नहीं है बल्कि इस पर काफी शोध भी किया जा चुका है।

7. ड्रग्स:
ड्रग्स का सेवन, आपकी जिंदगी को नरक बना देता है। अगर आप ड्रग्स का सेवन करते हैं तो भूल जाएं कि आपकी संतान होगी और अगर वो होगी भी तो शायद ही सामान्य बच्चों की तरह पनप पाएं। ड्रग्स का भयानक असर आपके स्पर्म काउंट और शारीरिक क्षमता पर पड़ता है।

8. चिंता:
भागमभाग भरी जिंदगी में सभी को चिंता होती है, हर कोई खुश रहने की चिंता में मरा जा रहा है और इसका असर हारमोन्स पर पड़ता है जिसकी वजह से स्पर्म काउंट पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

9. तनाव:
तनाव करने से व्यक्ति हमेशा घुटता रहता है, वह खुश नहीं रह पाता है जिसकी वजह से शरीर को पॉजिटिव एनर्जी नहीं मिल पाती है और हारमोन्स पर भी असर पड़ता है। इसके कारण स्पर्म काउंट पर असर पड़ना स्वाभाविक है।



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