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जानें कैसे काम करती है गर्भनिरोधक दवाएं
आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां, सामान्यत: अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए महिलाओं द्वारा खाई जाती हैं। ये नन्ही सी दिखने वाली गोली काफी प्रभावी होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को इन गोलियों के सेवन की आदत नहीं डालनी चाहिए, क्योंकि इनका शरीर पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
10 चीजें जो महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में जाननी चाहिए
इस दवा का लगातार इस्तेमाल करने से दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और विशेषरूप से रक्त पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि ये आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां, शरीर में रक्त के परिसंचरण को कम कर देती है, जिसकी वजह से शरीर में रक्त परिसंचरण, सामान्य स्थिति से कम हो जाता है और महिला गर्भ धारण नहीं कर पाती है। लेकिन इसके सेवन से हार्टअटैक और दौरे पड़ने का खतरा बना रहता है।
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कॉपर टी या अन्य प्रकार के गर्भ निरोधकों की अपेक्षा, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन उचित विकल्प नहीं है। अगर पार्टनर में आपसी समझ अच्छी है तो पुरूष को ही निरोध के रूप में कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए, जो कि सबसे बेहतर उपाय है।
कई महिलाओं को समझ में नहीं आता है कि ये गर्भनिरोधक गोलियां किस प्रकार काम करती हैं?

विशेषज्ञों के मुताबिक, एक महिला असुरक्षित संभोग के बाद 3 दिन के भीतर इस गोली का सेवन कर सकती है। हालांकि, जितनी जल्दी इसका सेवन किया जाएं, बेहतर होगा। इस छोटी सी गोली का सेवन करने के 5 दिन बाद शरीर पर इसका असर होने लगता है।
कई मामलों में, आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों में हार्मोन का उपयोग किया जाता है जो महिला को गर्भ धारण करने से रोक देती है। इन गोलियों में शरीर में भ्रुण का निषेचन रोक देने की क्षमता होती है जिसकी वजह से महिला के शरीर में गर्भ नहीं ठहर पाता है।

इसके अलावा, यह गोली, गर्भाशय में मौजूद अंडे को निषेचित होने से रोक सकता है। लेकिन याद रहे, अगर कोई पहले से ही गर्भवती है तो यह गोली काम नहीं करती है।
एक्सपर्ट का मानना है कि ये गोलियां बेहतरीन काम करती हैं। लेकिन हमेशा या लम्बे तक इनका इस्तेमाल करने से शरीर पर बेहद बुरा असर पड़ता है।

आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियों की अपेक्षा, गर्भनिरोधक गोलियां ज्यादा सही रहती हैं। अधिकतर गर्भनिरोधक गोलियों में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन नामक हारमोन होते हैं जो गर्भाशय के लिए हानिकारक नहीं होते हैं।

हालांकि, इन सभी उपायों से कहीं बेहतर निरोध कंडोम ही होता है, जिसका इस्तेमाल गर्भनिरोधक गोलियों से कहीं अच्छा और दुष्प्रभाव रहित होता है।



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