इन कारणों से होम प्रेग्‍नेंसी किट पर मत कीजीए भरोसा

अगरआप गर्भवती हैं अथवा नहीं, इस बात का पता लगाने के लिए आप स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाएं। होम टेस्ट किट पर केवल आंशिक रूप से विश्वास किया जा सकता है। ये पूरी तरह से विश्‍वसनीय नहीं हैं।

By Radhika Thakur

होम प्रेगनेंसी किट एक अच्छा तरीका है जिसके माध्यम से यह जाना जा सकता है कि आपकी रोमांटिक लाइफ कैसी चल रही है।

परन्तु रुकिए: क्या इन पर वास्तव में विश्वास किया जा सकता है? खैर, अच्छा होगा कि आप गर्भवती हैं अथवा नहीं, इस बात का पता लगाने के लिए आप स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाएं। होम टेस्ट किट पर केवल आंशिक रूप से विश्वास किया जा सकता है।


परन्तु इनसे प्राइवेसी मिलती है और यही कारण है कि इसका उपयोग बहुत अधिक किया जाता है। इसके अलावा वे लोग जो शादीशुदा नहीं हैं उन्हें क्लिनिक में जाकर गर्भावस्था का टेस्ट करवाने में असुविधा महसूस होती है। यही कारण है कि वे होम टेस्ट किट को चुनते हैं। परंतु यहां कुछ कारण बताये गए हैं जो यह बताते हैं कि होम प्रेगनेंसी टेस्ट किट पर विश्वास करना क्यों सही नहीं है.....

तथ्य #1

तथ्य #1

टेस्ट किट में कुछ निर्देश होते हैं। यदि इनका उचित तरीके से पालन नही किया गया तो परिणाम सही नहीं आता!

तथ्य #2

तथ्य #2

कुछ समय बाद टेस्ट किट सूख जाती है (यूरिन ड्रॉप्स सूख जाते हैं)। इसी समय टेस्ट किट में दोनों लाइन गहरी हो जाती हैं और ऐसा लगता है कि परिणाम सकारात्मक है।

तथ्य #3

तथ्य #3

यह टेस्ट किट महिलाओं के यूरिन में उपस्थित एचसीजी के स्तर के आधार पर काम करती है। बहुत जल्दी टेस्ट करने से गलत नकारात्मक परिणाम आ सकते हैं।

तथ्य #4

तथ्य #4

कुछ टेस्ट किट गलत सकारात्मक रिपोर्ट देती हैं। यदि यह अनियोजित गर्भावस्था हो तो इससे घबराहट होती है। वे पति पत्नी जो बच्चा चाहते हैं उनमें गलत रिपोर्ट तनाव पैदा कर सकती है।

तथ्य #5

तथ्य #5

इन सब चीज़ों के अलावा सर्वे से पता चला है कि यदि अकेली महिला को गलत सकारात्मक रिपोर्ट मिलती है तो वह स्वयं को अपराधी महसूस करती है और वह घर पर ही गर्भपात के तरीके ढूंढती है जो उसके स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकते हैं।

तथ्य #6

तथ्य #6

इस टेस्ट के परिणाम पर कुछ दवाईयों का भी प्रभाव पड़ता है जिसके कारण गलत रिपोर्ट आ सकती है। कुछ दवाईयों में एचसीजी होता है, कुछ दवाईयों में ट्रंक्विलाइज़र होते हैं, कुछ डाईयुरेटिक होती हैं और कुछ अन्य दवाईयां टेस्ट के परिणामों पर भी प्रभाव डाल सकती हैं।

तथ्य #7

तथ्य #7

कुछ मेडिकल समस्याएं जैसे लिवर की समस्या और ट्यूमर (प्रजनन अंगों का) आदि भी परिणामों की शुद्धता पर प्रभाव डालते हैं।

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