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40 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी में होते है यह जोखिम
आज के इस आधुनिक दौर में हर महिला आत्मनिर्भर रहना चाहती है। वह आज़ादी से जीना चाहती है नाकि किसी तरह की बंदिश में। पुराने ज़माने की औरतों की तुलना में आज की औरतें ज़्यादा खुले विचारों की होती है और अपने फैसले खुद ही लेना पसंद करती है क्योंकि उन्हें पता होता है कि उनके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा।
महिलाएं आज हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और खुद को साबित कर रहीं है। वे पुरुषों के समान ही हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं है लेकिन शादी, ज़िम्मेदारियाँ और बच्चे कहीं न कहीं जीवन में उनकी प्राथमिकता को प्रभावित करते है ।

महिलाओं के लिए जितना ज़रूरी उनका परिवार और बच्चे होते है उतना ही ज़रूरी उनके लिए उनका करियर भी होता है इसलिए आज कल की महिलाओं को माँ बनने की कुछ ख़ास जल्दी नहीं होती। वे चाहती है कि पहले वे अपने पैरों पर खड़ी हो जाएं ताकि अपने आने वाले बच्चे को एक उज्वल भविष्य दे पाएं और साथ ही उनकी देखभाल में भी कोई कमी न हो।
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए अक्सर औरतें माँ बनने के लिए सही समय का इंतज़ार करती है । एक औरत तभी माँ बनना चाहती है जब वह शारीरिक, मानसिक, और आर्थिक रूप से मज़बूत हो चाहे उसकी उम्र ही क्यों न बढ़ती जाए। बढ़ती उम्र उसके रास्ते में बाधा उत्पन्न नहीं कर सकती।
आज साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि कुछ भी असंभव नहीं है जिसके परिणामस्वरूप एक औरत बढ़ती उम्र में भी माँ बन सकती है लेकिन एक बात हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए कि इस प्रक्रिया में प्रकृति एक बहुत अहम भूमिका निभाती है। जैसे जैसे एक स्त्री की उम्र बढ़ती जाती है और वह मेनोपॉज़ के करीब पहुंचती है उसकी प्रजनन क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में अपनी प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए यदि आप किसी तरह का इलाज भी कराती है तो वह काफी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में आपके पास सही जानकारी का होना बेहद ज़रूरी होता है ख़ास तौर पर तब जब आप चालीस की उम्र के आस पास या उसके बाद माँ बनने की प्लानिंग कर रहीं होती है।
आज हम इस लेख में 40 की उम्र के बाद माँ बनने से होने वाले खतरों और जोखिमों के विषय में बात करेंगे।
1.आपको हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन हो सकता है
2.प्री-एक्लेम्पसिया
3.गर्भकालीन मधुमेह
4.प्लेसेंटा प्रेविया
5.प्लेसेन्टल अब्र्प्शन
6.मल्टीपल बर्थ
7.गर्भपात
8.माँ की मृत्यु
9.बच्चे में क्रोमोसोमल डिफेक्ट
10.बढ़ती उम्र के कारण प्रेगनेंसी के दौरान होती है कई सारी मुश्किलें
11.आर्थिक समस्याएं
1.आपको हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन हो सकता है
अगर आप बढ़ती उम्र में माँ बनती है तो ऐसे में आपको कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इन्ही बीमारियों में से है हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन। गर्भावस्था के दौरान आपके वजन में बढ़ोतरी आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है ख़ास तौर पर जब हाइपरटेंशन बॉर्डरलाइन पर हो इसके अलावा प्रोजेस्टेरोन की अधिक मात्रा भी इसका एक कारण हो सकती है। पेरीपार्टम कार्डियोमायोपैथी भी एक बीमारी है जिससे इस उम्र में माँ बनने का प्रयास करने वाली महिलाओं को दिल का दौरा भी पड़ सकता है।
2.प्री-एक्लेम्पसिया
प्री-एक्लेम्पसिया यानी पूर्व-गर्भाक्षेप गर्भावस्था के दौरान उक्त रक्तचाप या पेशाब में प्रोटीन का पाया जाना इसके मुख्य लक्षण है। ख़ास तौर पर इस बीमारी का खतरा उन महिलाओं को ज़्यादा रहता हो जो 40 की उम्र के बाद माँ बनने वाली होती है । इस तरह के रोग से माँ के साथ साथ होने वाले बच्चे को भी खतरा होता है ।
3. .गर्भकालीन मधुमेह
प्रेगनेंसी में कुछ महिलाओं को .गर्भकालीन मधुमेह हो जाता है। ज़्यादातर मामलों में इस मधुमेह के लक्षण दिखाई नहीं पड़ते इसके लिए गर्भवती महिला के खून की जांच करनी पड़ती है। 40 से अधिक की उम्र की महिलाओं को इस बीमारी का खतरा ज़्यादा होता है ।
ऐसे में जन्म के समय बच्चे का ब्लड शुगर लो हो जाता है साथ ही जन्म के बाद ब्रेन डैमेज, सांस लेने में तकलीफ आदि जैसी परेशानियां भी बच्चे को हो जाती है ।
4.प्लेसेंटा प्रेविया
यह एक ऐसी स्थिति है जब नाल मां के गर्भाशय ग्रीवा के द्वार को ढक देता है ऐसे में नार्मल डिलीवरी नहीं हो सकती और बच्चे का जन्म सी सेक्शन द्वारा कराया जाता है। डिलीवरी के दौरान खून का अधिक नुकसान भी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी परेशानी 40 की उम्र के पार की महिलाओं को ज़्यादा होती है ।
5.प्लेसेन्टल अब्र्प्शन
जब प्रसव के पहले ही गर्भ नाल गर्भ की भीतरी दीवार से अलग हो जाती है तब प्लेसेन्टल अब्र्प्शन होता है। ऐसे में बच्चे को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाता। इतना ही नहीं इसमें माँ और बच्चे दोनों की जान को खतरा होता है। ज्यादातर मामलों में माँ की उम्र 40 के पार होती है।
6.मल्टीपल बर्थ
40 की उम्र के बाद माँ बनने वाली महिलाओं में एक से अधिक शिशु को जन्म देने की ज़्यादा सम्भावना रहती है ख़ास तौर पर उन औरतों में जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आई.वी.एफ.) ट्रीटमेंट द्वारा प्रेग्नेंट हुई हो। समय से पहले जन्म, फीटल डेथ और गर्भपात इस तरह के मामलों में आम बात है। इसके अलावा आँख, फेफड़ों, ब्रेन और पाचन तंत्र से से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
7.गर्भपात
40 की उम्र बाद गर्भधारण करने वाली महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है वैसे तो गर्भपात किसी भी उम्र में हो सकता है। गर्भधारण करने के लिए अंडे स्वस्थ होने ज़रूरी होते है लेकिन बढ़ती उम्र में ख़राब अंडे लम्बे समय तक प्रेगनेंसी को बनाए रखने में शक्षम नहीं होते है और इस स्तिथि में गर्भपात हो जाता है ।
8.माँ की मृत्यु
बढ़ती उम्र में माँ बनने वाली महिलाओं को अधिक देखभाल की ज़रुरत होती है ।यदि ऐसा नहीं होता तो मैटरनल डेथ का खतरा बढ़ जाता है । हाइपरटेंशन, मोटापा, मधुमेह और अन्य कोई पुरानी बीमारी इस तरह की मृत्यु का कारण हो सकती है ।
9.बच्चे में क्रोमोसोमल डिफेक्ट
इस बात की पूरी संभावना रहती है कि 45 की उम्र के आस पास भी एक महिला स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती है । लेकिन अधिक उम्र में माँ बनने पर शिशु में कुछ अनुवांशिक असमानताएं होने का भी खतरा बढ़ जाता है जैसे डाउंस सिंड्रोम । इस तरह के बच्चे दिमागी रूप से बीमार पैदा होते है । इसके अलावा अन्य कई ऐसी असमानताएं बच्चों में पाए जाते है। यदि आप बढ़ती उम्र में माँ बनने वाली है तो समय समय पर अपने बच्चे की सेहत के जांच करवाती रहे ताकि आपको होए वाले शिशु की सेहत की पूरी जानकारी रहे।
10.बढ़ती उम्र के कारण प्रेगनेंसी के दौरान होती है कई सारी मुश्किलें
अधिक उम्र में माँ बनने वाली महिलाओं को कई तरह की शारीरिक परेशानियों से गुज़रना पड़ता है। गर्भ में बच्चे को पालने के लिए भी एक औरत को शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूप से मज़बूत होना पड़ता है। इसके लिए ऊर्जा का स्तर भी काफी अच्छा होना चाहिए लेकिन 40 की उम्र के आसपास या बाद की महिलाओं में ऊर्जा की काफी कमी होती है। ऐसे में यदि वे गर्भवती हो जाती है तो उन्हें अपने आराम पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि माँ और बच्चा दोनों ही स्वस्थ रहे।
11.आर्थिक समस्याएं
बच्चे को जन्म देने से लेकर उसकी देखभाल में काफी पैसों की ज़रुरत होती है। सिर्फ पैसा ही न ही आपको बच्चे के लिए काफी समय निकालने की भी ज़रुरत होगी। यदि आप एक साथ दो बच्चों की माँ बनती है तो आपकी ज़िम्मेदारियाँ और भी बढ़ जाती है। जब आपके दूसरे दोस्त या रिश्तेदार इस उम्र में अपने जीवन में परिवार और बच्चों के साथ अच्छे से सेटल हो चुके होंगे तब आप इस तरह की परेशानियों से जूझ रही होंगी।
ऐसे में ज्यादातर आप परेशान और दुखी रह सकती है। इस उम्र में माँ बनने के लिए जिस इलाज की ज़रुरत पड़ती है वह भी काफी महंगा होता है इसलिए यदि आप 40 की उम्र के बाद माँ बनने की प्लानिंग कर रहीं है तो पहले आर्थिक रूप से खुद को मज़बूत बना लें।



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