Latest Updates
-
Women's Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं फॉलो करें ये हेल्थ टिप्स, कई बीमारियों से होगा बचाव -
Rang Panchami 2026: रंग पंचमी पर कर लिए ये अचूक उपाय तो चमक जाएगी किस्मत, वैवाहिक जीवन रहेगा खुशहाल -
8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और इस साल की थीम -
Rang Panchami 2026: कब है रंग पंचमी? जानें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व -
पेट के कैंसर के शुरुआती स्टेज में दिखाई देते हैं ये 5 लक्षण, ज्यादातर लोग साधारण समझकर करते हैं इग्नोर -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi Katha: भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर होगी हर परेशानी -
Bhalchandra Sankashti Chaturthi 2026: 6 या 7 मार्च, कब है भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, महत्व औ -
वरमाला डालते ही अर्जुन ने सानिया चंडोक को लगाया गले, सचिन तेंदुलकर का ऐसा था रिएक्शन, वीडियो वायरल -
बिग बॉस 17 फेम यूट्यूबर अनुराग डोभाल ने की सुसाइड की कोशिश, इंटरकास्ट शादी को लेकर परिवार पर लगाए गंभीर आरोप -
प्रेग्नेंसी में कटहल खाना चाहिए या नहीं? डाइट में शामिल करने से पहले जान लें इसके फायदे-नुकसान
IVF treatment during COVID 19: कोरोना काल में IVF करवाने की सोच रहे है, तो जानें किन बातों का रखें खास ख्याल
इनफर्टिलिटी की समस्या काफी हद तक हमारे लाइफस्टाइल के कारण होती हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत में इनफर्टिलिटी की समस्या इतनी बढ़ गई है कि हर 6 में से 1 कपल इनफर्टिलिटी का इलाज ढूंढ रहा है। ऐसे में IVF, IUI और Test tube baby जैसे विकल्प लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। मगर कोरोना की महामारी के दौरान इंफर्टिलिटी ट्रीटमेंट का इलाज ढूंढ रहे कपल्स के लिए बहुत मुश्किलें खड़ी हो चुकी है।
कई कपल्स कोरोना के चपेट में आने से बचने के लिए अपनी आईवीएफ ट्रीटमेंट को टाल दिया है और स्थिति के नॉर्मल होने का इंतजार कर रहे हैं। ट्रीटमेंट के लिए बार-बार हॉस्पिटल जाने से इंफेक्शन का खतरा हो बढ़ जाता है। लेकिन सुरक्षित तरीके से रहकर आप भी कोरोना में आईवीएफ प्लानिंग के जरिए संतान सुख पा सकते है।
अगर आप भी कोरोना की वजह से अब और अपनी फैमिली प्लानिंग को टालना नहीं चाहते हैं, तो यहां बताए गए कुछ टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं।

क्या कोरोनावायरस के दौरान IVF किया जा सकता है?
जो भी लोग IVF कराने के लिए योग्य होते हैं उन्हें कोविड का खतरा काफी कम है। इसलिए यदि कोई आईवीएफ कराना चाहता है तो उसे करा लेना चाहिए, सिर्फ कोविड-19 की वजह से रुकना कोई समझदारी नहीं है। यदि फिर भी किसी व्यक्ति को डर लगे तो वो टेलीकन्सलटेशन कर या डॉक्टर को घर बुलाकर इस बारे में बात कर सकता है। इससे ये होगा कि एक तो मरीज के आईवीएफ से संबंधित डाउट दूर हो जाएंगे और दूसरा ये कि कोरोना से सुरक्षा भी हो जाएगी। ऐसी स्थिति में डॉक्टर पुरुषों को लैब भेजते हैं जहां उनका सीमन टेस्ट होता है और महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है।

जानिए कोरोना में IVF कराने के लिए Dos And Don'ts
1. 3 से 6 फीट की सोशल डिस्टेंसिंग रखें
2. जब भी पब्लिक प्लेस में जाएं या किसी व्यक्ति से मिलें तो मास्क पहनें
3. बीच बीच में हाथ धोते रहें और सेनिटाइजर का यूज करें
4. अपने आसपास सफाई रखें
5. बाहर से घर में आने के बाद नहाएं या हाथ-पैर धो कर कपड़े बदलें
6. अपने मुंह, नाक और आंखों पर बार बार हाथ न लगाएं। जब भी ऐसा करें तो उससे पहले सेनिटाइजर का प्रयोग करें।

आईवीएफ क्लीनिक चुनते हुए इन बातों का रखें ध्यान
- आप ऐसा आईवीएफ क्लीनिक चुनें जहां इंफेक्शन फैलने का खतरा कम से कम हो। वहां एक ही समय पर बहुत ज्यादा मरीज नहीं होने चाहिए और भीड़ भी कम होनी चाहिए।
- सेंटर की हर जगह को थोड़ी-थोड़ी देर में सैनिटाइज किया जाना चाहिए। स्टाफ के पास सैनिटेशन डिवाइस होने चाहिए। आप चाहें तो ऑनलाइन कंसल्टेशन भी ले सकते हैं।

कोरोना पॉजिटिव होने पर क्या करें
- अगर आप आईवीएफ ट्रीटमेंट लेने के दौरान कोरोना पॉजिटिव का लक्षण दिखना शुरू हो जाता है तो हॉस्पिटल जाने से बचें और डॉक्टर से बात करें।
- किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए आप कोविड-19 टेस्ट करवा लें। यदि टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव आता है, तो अपनी आईवीएफ साइकिल कैंसल कर दें और आगे की ट्रीटमेंट के लिए डॉक्टर से बात करें।



Click it and Unblock the Notifications











