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प्रेगनेंसी के दौरान आपके बॉडी पॉश्चर का शिशु पड़ता है असर, जानें खड़े और बैठने का सही तरीका
अगर आप मां बनने वाली है तो ऐसे में आपके लिए अपने खान-पान के साथ ही आपकी बॉडी पोस्चर का भी ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि आपका हर मूवमेंट आपके गर्भ में पल रहे शिशु की पोजीशन को इफेक्ट करता है। जिसमें आपका बैठना, उठना और सोना शामिल होता है। हालांकि शुरुआती प्रेगनेंसी में इतनी प्रॉब्लम नहीं आती लेकिन बाद के ट्राई-मेस्टर्स में जब आपका शिशु आपके पेल्विस में मूव करता है, तो ऐसे में अगर आप लगातार झुकी हुई पोजीशन में बैठती है तो यह आपकी पेल्विस का झुकाव पीछे की तरफ कर देती है। यह पोजीशन आपके शिशु को पेल्विस में पोस्टीरियर पोजिशन में एंटर करने को इनकरेज करती है जिसे ऑक्सिपिटो- पोस्टीरियर पोजीशन कहते हैं। ऐसे में लेबर लंबे समय तक जारी रहता है और कॉम्प्लिकेशंस हो सकते हैं। यहां तक कि सी-सेक्शन की जरूरत भी पड़ सकती है। इस आर्टिकल की मदद से हम आपको बताएंगे की प्रेगनेंसी के दौरान आप कैसे पोस्चर को सही रखकर इस सिचुएशन से बच सकती है।

क्या होती है ऑक्सिपिटो- पोस्टीरियर पोजीशन
इस पोजीशन शिशु का सिर तो नीचे की तरफ होता है लेकिन उसका फेस मां की रीढ़ की बजाय पेट की मुंह किए होता है। इस पोजीशन में शिशु की स्पाइन मुड़ी हुई ना होकर विस्तारित होती है। ऐसे में शिशु का सिर का ऊपरी हिस्सा सबसे पहले पेल्विस में एंटर करता है।। ऑक्सिपिटो- पोस्टीरियर पोजीशन की वजह से प्रसव के दौरान स्पाइन और सेक्रम पर दबाव बढ़ता है, जिससे प्रसव लंबा और पेनफुल होता है। इन सारी प्रॉब्लम्स को अॅवाइट करने के लिए जरूरी है कि आप प्रेंगनेंसी के दौरान प्रॉपर पोश्चर को मेंटेन करें जिससे बच्चे को यूट्रस में सही पोजीशन में आने के लिए जगह मिल सके!

प्रेगनेंसी के दौरान बैठने का सही पोस्चर
1. प्रेगनेंसी के दौरान बैठते समय आपकी पीठ सीधी होनी चाहिए! आपके कंधे पीछे की ओर झुके हुए होने चाहिए। बैठने पर आपके हिप्स चेयर के पिछले हिस्से को छूने चाहिए।
2. ध्यान रखें इस पोजीशन में जब बैठती है तो आपकी पैर जमीन को छूने चाहिए। आपकी घुटने और हिप्स का एंगल 90 डिग्री में होना चाहिए। आपकी पेल्विस आगे की ओर थोड़ी सी झुकी होनी चाहिए, आपके कान कंधे और कूल्हे एक सीध में होने चाहिए।
3. ऑफिस में डेस्क पर बैठते समय अपनी कुर्सी की हाइट को टेबल के अकॉर्डिंग रखें। हमेशा अपने क टेबल पास बैठे हैं ताकि काम करते समय अपने हाथों और कोहनी को टेबल पर आराम से रख सकें। इससे आपकी कंधों को आराम मिलेगा।
4. जब भी कुर्सी पर बैठे उसे पूरी तरह घेरकर और उसके पिछले किनारे पर बैठे। फिर आप खुद को ऊपर उठाते हुए अपनी पीठ के निचले हिस्से को जितना सीधा कर सकती है करें। अंत में लगभग 10 डिग्री पर अपने शरीर को आराम दे ध्यान रखें।। इस तरह से बेठने पर शरीर का वजन आपके दोनों कूल्हों पर बराबर हो।
5. प्रेगनेंसी की तीसरे ट्राईमेस्टर में बैठने के लिए बैलेंस बॉल का यूज़ करें। अपनी हाइट के अकॉर्डिंग ही अपने लिए बैलेंस बॉल खरीदें। यह आपकी पेल्विस को डिलीवरी के लिए तैयार करने और साथ ही बच्चे की पोजीशन ठीक रखने में मदद करता है।
6. इस दौरान अगर आप जमीन पर बैठती है तो बद्ध कोणासन में बैठने की कोशिश करें।। इस पोजीशन को बनाने के लिए आप सबसे पहले घुटनों को मोड़कर सीधे बैठे और एड़ियों को आपस में जोड़ ले।
7. प्रेगनेंसी के दौरान कभी भी अपने पैरों को क्रॉस कर के ना बैठे। इससे ब्लड सरकुलेशन खराब हो सकता है। आपकी एड़ियों या वेरीकोज वेन्स में सूजन आ सकती है।

प्रेगनेंसी में खड़े रहने का सही पोस्चर-
1. प्रेगनेंसी के दौरान खड़े होते समय आपका सिर मुड़ा हुआ होने के बजाय बिल्कुल सीधा होना चाहिए।
2. खड़ी होने के लिए आप अपने सीने को बाहर की ओर रखें और कंधों को हल्का पीछे की और रखने की कोशिश करें। आपके कान का बाहरी हिस्सा कंधों के बीच की सीध में होना चाहिए।
3. इस समय अपने घुटनों को सीधा और लॉक करके खड़े होने से बचे।
4. खड़े होते समय आप अपनी पेल्विस को आगे और पीछे की ओर ना झुकाए।। कोशिश करें कि खड़े होते समय आप अपने कूल्हों को अंदर की ओर रखें और पेट की मांसपेशियों को भी अंदर की ओर ही खींचे।
5. खड़े होते समय अपने पैरों के पंजे एक दिशा में रखें और आपका वजन पैरों में एक समान बना रहना चाहिए।
6. प्रेगनेंसी के दौरान पैरों की सही पोजीशन को बनाए रखने के लिए फ्लैट चप्पल या जूती पहने।
7. प्रेगनेंसी के दौरान लगातार ज्यादा देर तक खड़ी ना रहे।

शिशु की अवस्था को कैसे बेहतर बनाएं
प्रसव के दौरान शिशु को पोस्टीरियर पोजीशन से इंटीरियर पोजीशंस में लाने के लिए इन पोजिशन्स की मदद ले सकती है।
1. नीस- टू- चेस्ट पोजीशन ट्राई करें- इस पोजीशन में आप अपने घुटने के बल होती हैं और आपका सिर कंधे और छाती का ऊपरी हिस्सा जमीन या गिद्दे पर होता है और कूल्हें हवा में होते हैं। इसे 5 से 15 मिनट तक दिन में 2 बार करें। ध्यान रखें इसे खाली पेट करें।
2. लेबर कॉन्ट्रेक्शन या संकुचन के दौरान आगे की तरफ झुके और बर्थ बॉल पर बैठकर अपनी पेल्विस को हिलाने- डुलाने का प्रयास करें इससे शिशु को पेल्विस से गुजरते हुए मुड़ने में मदद मिलेगी।
3. अपने आप को पॉजिटिव और स्ट्रेस-फ्री रखें , अच्छी नींद ले और दिन भर चहल-कदमी करती रहे।



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